Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

प्रोफेसर की पड़ोसन (1993 फ़िल्म)

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

प्रोफेसर की पड़ोसन शांतिलाल सोनी कांत कुमार भूषण बनमाली संजीव कुमारआशा पारेखपदमिनी कोल्हापुरेशेखर सुमन राहुल देव बर्मन 1993 12 20 yes भारत हिन्दी प्रोफेसर की पड़ोसन सन् 1993 में प्रमोचित हिन्दी भाषा की भारतीय हास्य नाटक फिल्म है। फ़िल्म का निर्देशन शांतिलाल सोनी ने कियाProfessor Ki Padosan Rotten Tomatoes https://www.rottentomatoes.com/m/professor-ki-padosan 2026-01-22 रोटन टोमेटोज़ डॉट कॉम en फ़िल्म में मुख्य अभिनय संजीव कुमार, आशा पारेख, पद्मिनी कोल्हापुरे, शेखर सुमन ने किया है जबकि सहायक भूमिका में देवेन वर्मा, अरुणा ईरानी, दलीप ताहिल ने अभिनय किया है।Professor Ki Padosan (1994) https://indiancine.ma/AIXV 2026-01-22 इंडियनसिने डॉट मा इसे कुमार की अंतिम फ़िल्म माना जाता है जो सन् 1985 में उनके निधन के 8 वर्ष बाद प्रमोचित हुई।ज़वेरी हनीफ़ https://books.google.com/books?id=cY9FEAAAQBAJ&dq=professor+ki+padosan&pg=PT186 An Actor's Actor: The Authorized Biography of Sanjeev Kumar बत्रा सुमन्त 2021-10-25 पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 978-93-5492-311-1 en2023-11-06 9 Sanjeev Kumar Movies Released After His Demise-In Pics https://www.india.com/webstories/entertainment/9-sanjeev-kumar-movies-released-after-his-demise-in-pics-6477888/ 2026-01-22 इंडिया डॉट कॉम en अमिताभ बच्चन ने फ़िल्म में वाचक के रूप में कार्य किया। उन्हें फ़िल्म की शुरूआत में और अंत में दिखाया गया है जिसमें वो फ़िल्म के अंत में कुमार को श्रंद्धाजली दे रहे हैं।cr times news 2024-04-14 Sanjeev Kumar died during the shooting of 'Professor Ki Padosan', the shoot was completed by making the actor invisible - sanjeev kumar movie professor ki padosan was shot after his death director made him invisible and dubbed voice filmy friday - 2024-04-14 08:39:26 https://time.news/sanjeev-kumar-died-during-the-shooting-of-professor-ki-padosan-the-shoot-was-completed-by-making-the-actor-invisible-sanjeev-kumar-movie-professor-ki-padosan-was-shot-after-his-death-director-mad/ 2024-04-18 टाइम्स न्यूज़ en-US 18 अप्रैल 2024 https://web.archive.org/web/20240418071838/https://time.news/sanjeev-kumar-died-during-the-shooting-of-professor-ki-padosan-the-shoot-was-completed-by-making-the-actor-invisible-sanjeev-kumar-movie-professor-ki-padosan-was-shot-after-his-death-director-mad/ dead कथानक फ़िल्म में एक सामान्य परिवार दिखाया गया है जिसमें प्रोफेसर विद्याधयर (संजीव कुमार) और उनकी पत्नी शोभा (आशा पारेख) अपने बेटे के साथ खुशी से रहते हैं। प्रोफेसर का मित्र प्यारेलाल (देवेन वर्मा) और मंदा (अरुणा ईरानी) एक दूसरे को पसन्द करते हैं। डॉ॰ धर्मदास एक वैज्ञानिक हैं और वो अदृश्य करने वाली दवा बनाने पर काम करता है और उसकी प्रयोगशाला में सहायक का कार्य मंदा करती है। प्रोफेसर के पड़ोस में मेनका नामक एक युवती रहने के लिए आती है और उसके आते ही उसका सामना प्रोफेसर से हो जाता है। मुख्य कलाकार संजीव कुमार – प्रोफेसर विद्याधर पदमिनी कोल्हापुरे – मेनका डी खन्ना शेखर सुमन – विनोद दलीप ताहिल – रंजीत डी दास देवेन वर्मा – प्यारेलाल आशा पारेख – शोभा अरुणा ईरानी – मंदा अनंत महादेवन – वैद्य जी उर्मिला भट्ट अभि भट्टाचार्य दिनेश हिंगू - निर्देशक राम मोहन शोमा आनन्द फ़िल्म निर्माण फ़िल्म का निर्माण 1980 के दशक में आरम्भ हो गया था लेकिन इसे मुख्य अभिनेता संजीव कुमार के निधन से नवम्बर 1985 में फ़िल्म अधूरी ही छूट गयी। फ़िल्म के मूल निर्देशक रवि टंडन थे जिन्होंने कुमार के निधन के बाद फ़िल्म को छोड़ दिया और नये निर्देशक शांतिलाल सोनी बने। कुमार के निधन के समय फ़िल्म की मूल पटकथा का केवल 75% फ़िल्मांकन हुआ था लेकिन बाद में उनके अभिनय को फ़िल्म में अदृश्य बनाने के लिए पटकथा को बदलना पड़ा। इस तरह फ़िल्म को सन् 1993 में प्रमोचित किया गया। शेखर सुमन और दलीप ताहिल को कुमार के निधन के बाद फ़िल्म से जोड़ा गया। सुदेश भोंसले ने फ़िल्म में कुमार की आवाज दी है। अमिताभ बच्चन ने फ़िल्म में वाचक और संजीव कुमार को श्रंद्धाजलि देने का कार्य किया है। संगीत गाना गायक "मिले झूमके मिलन रुत आयी" लता मंगेशकर, अनूप जलोटा "मॉडर्न गर्ल पहन के छोटे डायमंड" अलका याज्ञिक, सुदेश भोंसले "मैं हूँ, तु है और तन्हाई" कविता कृष्णमूर्ति, सुदेश भोंसले "ऐसी जल्दी भी क्या है सनम" अलका याज्ञिक, कविता कृष्णमूर्ति सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ 0121659 प्रोफेसर की पड़ोसन श्रेणी:1993 में बनी हिन्दी फ़िल्म