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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

इश्क़-नूरी तरीक़ा

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इश्क़-नूरी तरीक़ा या इश्क़-नूरी सूफ़ी सिलसिला, प्रसिद्ध और प्राचीन चिश्तिया सूफ़ी रहस्यवादी शिक्षण प्रणाली की एक शाखा या उप-प्रवृत्ति है।Akber Ahmed, 'The Light beyond the Veil: Into the Esoteric World of Sufis and Sufism in South Asia' pub Lahore and Karachi: Gnostic Publishers Ltd, 1977, pp 69-72 उत्पत्ति इस सिलसिले की स्थापना सन् १९६० के दशक के उत्तरार्ध में लाहौर, पाकिस्तान में चिश्ती सूफ़ी संत और शैख़ (गुरु/उस्ताद) ख़्वाजा ख़ालिद महमूद सिद्दीक़ी अल-चिश्ती द्वारा की गई थी।Ahmed, 1977, p 69 संस्थापक मूलतः पारंपरिक चिश्ती सिलसिले की चिश्ती-निज़ामी शाखा में दीक्षित थे, जिन्होंने अनुभव किया कि इस प्रणाली की शिक्षाओं को एक अधिक आधुनिक और समकालीन रूप में प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।KM Siddiqui, 'A Sufi Path to Knowledge' Lahore: Aman Books, 1971, p III the Preface इश्क़-नूरी सिलसिले ने इश्क़ ईश्वरीय प्रेम को अपनी शिक्षाओं का मूल आधार बनाया,Siddiqui, p 15 और इस प्रकार यह सिलसिला पूर्ववर्ती सूफ़ी संतों जैसे ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और बाबा फ़रीद की शिक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है, साथ ही रूमी, हाकिम सनाई जैसे सार्वभौमिक सूफ़ी गुरुओं के विचारों को भी समाहित करता है।M Haeri 'The Chishtis:A Living Light', Oxford: OUP, 2002 व्यापक, सार्वभौमिक प्रेम और कृतज्ञता इस सिलसिले की शिक्षाओं के प्रमुख सिद्धांतों में से एक हैं। अभ्यास इश्क़-नूरी तरीक़ा का अभ्यास दक्षिण एशिया में सीमित स्तर पर जारी है, विशेष रूप से पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश में। ऐसा माना जाता है कि यूरोप और मध्य पूर्व के कुछ क्षेत्रों में भी अब लोग इस सिलसिले को अपनाने लगे हैं।Tarin, 47-48Sheykh Omer Tarin, 'The Ishq Nuri Chisti Sufis: A Brief Introduction to their history, beliefs and practices' in Rah i Haqq ed Sufi Ghulam Hussain Chishti, New Delhi: 2012, pp 21-48 यह भी देखें रहस्यवाद सूफ़ीवाद भारत में सूफ़ीवाद संदर्भ श्रेणी:Pages with unreviewed translations