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411 समाचार
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किशनगढ़ शैली

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right|thumb|राष्ट्रीय पुरातात्विक संग्रहालय, नई दिल्ली में बनी-ठनी की पेंटिंग किशनगढ़ शैली राजस्थान की एक चित्र शैली है। इस चित्रशैली का विकास तो महाराजा मानसिंह के काल में हुआ था, लेकिन बनी-ठनी चित्रशैली है, उसका उद्भव महाराजा सावंत सिंह के शासन काल में हुआ था। किशनगढ़ शैली का समृद्ध काल सावंत सिंह से है, जो नागरीदास के नाम से विख्यात है। इनका काल १६९९ से १७९४ ईस्वी तक माना जाता है। इन्हीं के काल में १७४८-६४ ईस्वी का समय किशनगढ़ शैली का स्वर्ण युग माना जाता है। लिखित मनीष ताम्बड़ शैली के प्रमुख चित्रकार इस शैली का प्रमुख चित्रकार मोरध्वज निहालचंद माने जाते हैं जिन्होंने राजस्थान की मोनालिसा कहा जाने वाली बनी-ठनी पेंटिंग बनाई थी जबकि अन्य इस शैली के अमीरचंद, धन्ना, छोटू, बदनसिंह, सीताराम, नानकराम, रामनाथ, सवाईराम जोशी, सीताराम इत्यादि भी प्रमुख चित्रकार हैं।Bani Thani https://web.archive.org/web/20140727083819/http://www.britannica.com/EBchecked/topic/51852/Bani-Thani 27 जुलाई 2014 britannica.comKishangarh Miniatures - In Quest Of Divine Love https://web.archive.org/web/20170831034252/http://www.indiaprofile.com/art-crafts/kishangarhminiatures.htm 31 अगस्त 2017 indiaprofile.comhttp://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121017_monalisa_india_ss.shtml bbc.co.uk 15 सितंबर 2017 https://web.archive.org/web/20140826164508/http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121017_monalisa_india_ss.shtml 26 अगस्त 2014 live बनी-ठनी किशनगढ़ चित्रशैली के चित्रकारों ने बनी-ठनी को राधा के प्रतीक के रूप में भी चित्रित किया है। बनी-ठनी को एरिक डिकिन्सन ने भारत की मोना लीज़ा कहा है। भारत सरकार के द्वारा बनी-ठनी डाक टिकिट 5 मई 1973 को जारी किया था, जिससे यह पूरे देशभर में प्रसिद्घ हो गई। किशनगढ़ की बनी-ठनी चित्रशैली में सावंत सिंह के काल में अमरचंद के द्वारा चांदनीरात की संगोष्ठी नामक चित्र बनाया गया था। नागरीदास चित्रकार ने अपनी प्रेयसी बनी-ठनी के अपूर्व प्रेम में प्रेरित होकर अनेक चित्र और आकृतियों का निर्माण करवाया था। इस शैली को प्रकाश में लाने का श्रेय एरिक डिकिन्सन तथा डॉ फ़ैयाज़ अली को है। किशनगढ़ की इस शैली में कला, प्रेम और भक्ति का सर्वांगीण विकास इस शैली में है। लिखित मनीष ताम्बड़ नीम का खेड़ा बूंदी https://www.mintageworld.com/media/detail/2689-Bani-Thani-The-Indian-Mona-Lisa/?gclid=CKmjq-GxrdMCFdERaAod_xUMfQ ‘Bani Thani’: The Indian Mona Lisa Mintage World १५ सितम्बर २०१७ en-US https://web.archive.org/web/20170916052804/https://www.mintageworld.com/media/detail/2689-Bani-Thani-The-Indian-Mona-Lisa/?gclid=CKmjq-GxrdMCFdERaAod_xUMfQ 16 सितंबर 2017 dead शैली की विशेषता किशनगढ़ चित्रशैली के चेहरे लंबे ,कद लंबा और नाक नुकीली रहती है। स्थानीय गोदोला तालाब तथा किशनगढ़ के नगर से दूर दिखाया जाना भी इस शैलीhttps://www.britannica.com/art/Kishangarh-painting#ref26813 Kishangarh painting Indian art Encyclopedia Britannica 2017-04-18 en https://web.archive.org/web/20170916012051/https://www.britannica.com/art/Kishangarh-painting#ref26813 16 सितंबर 2017 live की विशेषता में है। इस शैली में सफेद, गुलाबी व सिंदूरी रंगों में केले के वृक्ष ,झील का दृश्य ,हंस, बतख, सारस, बगुला, तैरती हुई नौकाएं तथा प्रेमालाप करते राधा-कृष्ण का सुंदर चित्रण किया गया है।https://www.britannica.com/art/South-Asian-arts/Visual-arts-of-India-and-Sri-Lanka-Ceylon#ref533114 South Asian arts - Visual arts of India and Sri Lanka (Ceylon) Encyclopedia Britannica 2017-04-18 en https://web.archive.org/web/20170916012329/https://www.britannica.com/art/South-Asian-arts/Visual-arts-of-India-and-Sri-Lanka-Ceylon#ref533114 16 सितंबर 2017 live सन्दर्भ 2 श्रेणी:चित्र शैली श्रेणी:राजस्थानी चित्रकला श्रेणी:चित्रकला