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फल्गू नदी
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फल्गू नदी Phalgu River Phalgu or Falgu River.JPG गया, बिहार में फल्गू नदी देश राज्य बिहार नगर गया लीलाजन नदी और मोहाना नदी का संगम गया के समीप 24 43 41 N 85 00 47 E inline पुनपुन नदी
फल्गू नदी (Phalgu river) भारत के बिहार राज्य में बहने वाली एक नदी है। यह गया के पवित्र नगर से गुज़रती है और इस नदी का हिन्दू व बौद्ध धर्मों में महत्व है। भगवान विष्णु का विष्णुपद मन्दिर इसके किनारे खड़ा है। यह नदी गया के समीप लीलाजन नदी और मोहाना नदी के संगम से आरम्भ होती है और इसकी धाराएँ अंत में पुनपुन नदी में विलय हो जाती हैं, जो स्वयं गंगा नदी की एक उपनदी है।
विवरण
फल्गु नदी झारखण्ड के पलामू जिले से निकली हैं।https://books.google.com/books?id=BCzSKEDwd5oC&printsec=frontcover&dq=Gaya+Gazetteer&source=bl&ots=moWgUzY6I1&sig=v_vrtsZr7cpcDCq7yDgSHu6xAyk&hl=en&ei=e-_iS9uOB8m6rAeUwtn8Ag&sa=X&oi=book_result&ct=result&resnum=7&ved=0CBgQ6AEwBg#v=onepage&q&f=false Bengal District Gazaetter - Gaya By L.S.S. O’malley pp. 8-9 Google books 2010-05-05 फल्गु नदी जहानाबाद जिले में जाकर अपना प्रवाह पूरा करती है। यह नदी बिहार में गंगा नदी में मिल जाती है। फल्गु नदी पे बहुत सारे बांध है जैसे कि घोड़ा बांध, उदेरास्थान बांध। यह नदी बिहार में दरियापुर,सुकियावा,कैरवा,शर्मा होते हुए मोकामा टाल में समाप्त हो जाती है।
यह निरंजना के नाम से भी बिहार में प्रसिद्ध है पौराणिक दृष्टिकोण से यह पवित्र माना जाता है,इस नदी का वर्णन वायु पुराण में भगवान विष्णु के छवि दर्शन का उल्लेख किया गया है। यह नदी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मृत आत्मा की शांति के लिए बिहार के गया जिला में पिंड दान एवं दुग्ध अर्पण के लिए महत्वपूर्ण एवं धार्मिक माना जाता है। यह बिहार के बोधगया के समीप दो अन्य नदियां यथा मोहना एवं लीलाजन नदी के साथ मिलकर अपवाह क्षेत्र टाल में फैलती हुई गंगा में विलीन हो जाती है।। बिहार में फल्गु नदी की लंबाई लगभग 135 किलोमीटर है। बिहार की पौराणिक पर्व यानी सूर्य-उपासना अर्थात छठ पूजा में इस नदी में बिहार की महिलाएं दुग्ध-अर्पण,अन्न-अर्पण, के साथ-साथ व्रत एवं छठी मैया की आराधना करते हैं। बिहार विश्व का एक ऐसा क्षेत्र माना जाता है जहां प्रकृति ऊर्जा बहुल स्रोत सूर्य देवता की पूजा करते हैं यहां के लोग बरे ही उद्यमी एवं मेहनती होते हैं ।यहां के लोग सूर्य को देवता मानते हैं लोगों के द्वारा उपजाया गया अनाज प्रयोग करने से पहले छठ पर्व के दिन अर्पित करते हैं । यह पौराणिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से सभ्यता का प्रतीक है।
इन्हें भी देखें
लीलाजन नदी
मोहाना नदी
गया, भारत
सन्दर्भ
श्रेणी:बिहार की नदियाँ
श्रेणी:बौद्ध धर्म में नदियाँ