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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

भवनाथ

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पाठ=Bhavnath Mahadev Temple, Bhavnath|अंगूठाकार|300x300पिक्सेल|भवनाथ महादेव मंदिर अंगूठाकार|300x300पिक्सेल|जूनागढ़ - गिरनार, गुजरात - भारत भवनाथ भारत के गुजरात राज्य के जूनागढ़ शहर का एक क्षेत्र है। यह गिरनार पर्वतमाला के निकट स्थित है तथा गिरनार तलेटी के पास बसा है। यहीं से श्रद्धालु गिरनार पर्वत पर स्थित मंदिरों तक पहुँचने के लिए पैदल यात्रा आरम्भ करते हैं। इतिहास पाठ=Girnar Mountain, Bhavnath|अंगूठाकार|300x300पिक्सेल|गिरनार पर्वत भवनाथ महादेव मंदिर पुराणकालीन कथाओं और लोकविश्वासों से जुड़ा एक प्राचीन तीर्थस्थल है। यह भवनाथ गाँव में गिरनार पर्वत की तलहटी में स्थित है। यहाँ स्थापित शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि वह स्वयं प्रकट हुआ था। जनश्रुति के अनुसार जब भगवान शिव और पार्वती गिरनार पहाड़ियों के ऊपर से गुजर रहे थे, तब उनका दिव्य वस्त्र वर्तमान मृगी कुंड पर गिरा। इसी कारण यह स्थान शिवभक्तों के लिए पवित्र माना जाता है। आज भी नागा साधु महाशिवरात्रि की शोभायात्रा में शामिल होने से पहले मृगी कुंड में स्नान करते हैं। इस मेले की परंपरा बहुत प्राचीन मानी जाती है, लेकिन इसकी सही शुरुआत के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx?contentid%3D485 Bhavnath Fair | Fairs & Festivals | Home | Gujarat Tourism https://web.archive.org/web/20110928052103/http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx?contentid=485 2011-09-28 2011-08-22 dead History of Bhavnath at GujaratTourism.com गिरनार पर्वत से जुड़े दो मुख्य वार्षिक पर्व महाशिवरात्रि और गिरनार लिली परिक्रमा हैं।http://www.mapsofindia.com/gujarat/fairs-and-festivals/bhavnath-festival.html Bhavnath Festival, Mahashivratri https://web.archive.org/web/20110903205230/http://www.mapsofindia.com/gujarat/fairs-and-festivals/bhavnath-festival.html 3 September 2011 2011-08-22 dead Bhavnath Festival, Mahashivratri भवनाथ मेला हिन्दू पंचांग के माघ मास में मनाया जाता है। यह प्रायः फरवरी और मार्च के बीच पाँच दिनों तक चलता है। इसका समापन महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि में भगवान शिव की विशेष पूजा के साथ होता है। इस अवसर पर दशनामी संप्रदाय के सैकड़ों नागा साधु मृगी कुंड में स्नान कर मंदिर में पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र दिन स्वयं भगवान शिव इस स्थल पर आते हैं। मेले से पहले श्रद्धालु गिरनार की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा करते हैं। इस समय मेवाड़, कच्छ और गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहते हैं। मेले में अयोध्या, मथुरा और अन्य स्थानों से आए विक्रेता मालाएँ और धार्मिक प्रतिमाएँ बेचते हैं। नागा साधुओं द्वारा हठयोग और अन्य पारंपरिक साधनाओं का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र होता है। पूरा क्षेत्र संगीत, शंखनाद तथा तुंगियों और तुरियों की ध्वनि से गूंज उठता है। नागा साधु हाथों में धार्मिक ध्वज लेकर हाथियों पर शोभायात्रा में शामिल होते हैं, जिसके आगे भगवान दत्तात्रेय की सजी हुई प्रतिमा पालकी में रहती है।http://www.festivalsofindia.in/bhavnath_fair/index.aspx Bhavnath fair https://web.archive.org/web/20160913111417/http://www.festivalsofindia.in/bhavnath_fair/index.aspx 13 September 2016 13 April 2016 deadJunagadh district of Gujarat संदर्भ श्रेणी:जूनागढ़ ज़िला