411 REFERENCE · Wikipedia
वक्रोक्ति अलंकार
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
वक्रोक्ति एक काव्यालंकार है जिसमें काकु या श्लेष से वाक्य का और अर्थ किया जाता है। जहाँ किसी उक्ति का अर्थ जान-बूझकर वक्ता के अभिप्राय से अलग लिया जाता है, वहाँ वक्रोक्ति अलंकार होता है। उदाहरण-
(१)
कौ तुम? हैं घनश्याम हम ।
तो बरसों कित जाई॥
(२)
मैं सुकमारि नाथ बन जोगू।
तुमहिं उचित तप मो कहँ भोगू
भाषा में वक्रोक्ति निम्नलिखित छः स्तरों पर कार्य करती है-
वर्णविन्यास
पदपूर्वार्ध
पदपरार्ध
वाक्य
प्रकरण
वक्रोक्ति अलंकार के दो भेद हैं-
श्लेषमूला - चिपका अर्थ
काकुमूला - ध्वनि-विकार/आवाज में परिवर्तन
श्लेषमूला -
एक कबूतर देख हाथ में पूछा कहाँ अपर है ? कहा अपर कैसा ? वह उड़ गया सपर है ॥
यहाँ जहाँगीर ने दूसरे कबूतर के बारे में पूछने के लिये "अपर" (दूसरा) उपयोग किया है जबकि उत्तर में नूरजहाँ ने 'अपर' का अर्थ 'अ-पर' अर्थात 'बिना पंख वाला' किया है।
काकुमूला-
आप जाइए तो। -(आप जाइए) आप जाइए तो?-(आप नहीं जाइए)
इसी तरह,
जाओ मत, बैठो। जाओ, मत बैठो ।
कौ तुम? हैं घनश्याम हम ।
''तो बरसों कित जाई॥
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
वक्रोक्ति सिद्धान्त
वक्रोक्तिजीवित
श्रेणी:अलंकार