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411 समाचार
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कम्पिल

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कम्पिल Kampil Kampilys Agastya Temple.jpg कम्पिल का अगस्त्य मंदिर कम्पिल India Uttar Pradesh 27.62 79.28 inline, title उत्तर प्रदेश में स्थिति ज़िला फ़र्रूख़ाबाद ज़िला राज्य उत्तर प्रदेश देश 10281 2011 भाषाएँ प्रचलित हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30 कम्पिल (Kampil) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के फ़र्रूख़ाबाद ज़िले में स्थित एक नगर है। यह एक ऐतिहासिक नगर है, जिसका प्राचीन नाम काम्पिल्य था। कम्पिल फर्रुखाबाद से ४५ किमी दूरी पर स्थित है।"Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716"Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC 23 अप्रैल 2017," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975कंपिल नगर की स्थापना राजा औपुर ने कपिल ऋषि के आश्रम के रूप में की थी।शांख्य दर्शन के प्रणेता कपिल ऋषि का पुराना आश्रम संकिसा में था जो उन्होंने इक्ष्वाकु वंशी राजा सुजात के पुत्रों के के लिए छोडा था। यहां पर द्रापदी का जन्म हुआ था यहां पर प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर व गीता ज्ञान आश्रम स्थित है इतिहास इसकी गणना भारत के प्रचीनतम नगरों में है। इसका प्राचीन नाम 'काम्पिल्य' था। यह बदायूँ और फ़र्रूख़ाबाद के बीच गंगा तट पर स्थित एक प्राचीन कालीन ऐतिहासिक नगर है। यह उत्तर पूर्व रेलवे लाइन पर कायमगंज रेलवे स्टेशन से लगभग २० किलोमीटर दूर है। कम्पिल फ़र्रूख़ाबाद जिले में फतेहगढ़ से उत्तर-पश्चिम दिशा में ४५ किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसका उल्लेख रामायण, महाभारत में भी मिलता है। महाभारत में इसका उल्लेख द्रौपदी के स्वयंवर के समय किया गया है कि राजा द्रुपद ने द्रौपदी स्वयंवर यहाँ आयोजित किया था। कम्पिल पांचाल देश की राजधानी थी। यहाँ कपिल मुनि का आश्रम है जिसके अनुरुप यह नामकरण प्रसिद्ध हुआ। यह स्थान हिन्दू व जैन दोनों ही के लिए पवित्र है। कम्पिल जैन धर्म का प्रसिद्ध पवित्र तीर्थ स्थल है। जैन धर्मग्रन्थों के अनुसार प्रथम तीर्थकर श्री ॠषभदेव ने इस नगर को बसाया तथा अपना पहला उपदेश दिया। इसे तेरहवें तीर्थंकर विमलनाथ जी का जन्मस्थल भी बताया गया है। तेरहवें तीर्थकर बिमलदेव ने अपना सम्पूर्ण जीवन यहीं पर व्यतीत किया। कम्पिल पर अनेक प्रसिद्ध राजाओं ने शासन किया। महाभारत की द्रोपदी के पिता राजा द्रुपद ने यहाँ पर शासन किया। काम्पिल्य नरेश धर्मरुचि बहुत ही पवित्रात्मा माना गया है। रामायण में इसे इन्द्रपुरी अमरावती की भाँति भव्य और सुन्दर कहा गया है। कुछ विद्वानों की मान्यता है कि प्रसिद्ध ज्योतिषी वाराहमिहिर इसी नगर में जन्मे थे। द्रोपदी का स्वयंवर यहीं हुआ था। कम्पिल में अनेक वैभवशाली मंदिर हैं। वर्तमान कम्पिल में दो प्रसिद्ध जैन मन्दिर है।पद्मभूषण ईश्वरी प्रसाद, प्राचीन भारतीय संस्कृति कला राजनीति धर्म दर्शन, द्वितीय संस्करण- १९८६ ई०, मीनू पब्लिकेशन्स इलाहाबाद, पृष्ठ-५५९ यहां रामेश्वरनाथ शिवलिंग है। जिनकी स्थापना शत्रुघ्न के द्वारा स्थापित की गई थी। यहां से 9 किलोमीटर की दूरी पर एक गाँव गढ़िया जगन्नाथ जहां पर इस मन्दिर के मठाधीश ने तपस्या की । इन्हें भी देखें काम्पिल्य फ़र्रूख़ाबाद ज़िला कटिया गाँव, कायमगंज (फर्रुखाबाद) सन्दर्भ श्रेणी:फ़र्रूख़ाबाद ज़िला श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर श्रेणी:फ़र्रूख़ाबाद ज़िले के नगर