Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

वासुकी

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

अंगूठाकार|भगवान शिव के गले में वासुकी right|thumb|300px|समुद्रमन्थन के लिये वासुकी ने रस्सी का काम किया। वासुकी प्रसिद्ध नाग हैं जो कि महर्षि कश्यप के पुत्र थे एवं माता कद्रु के गर्भ से उत्पन्न हुए थे। इनकी पत्नी शतशीर्षा थी। नागधन्वातीर्थ में देवताओं ने इसे नागराज के पद पर अभिषिक्त किया था। शिव का परम भक्त होने के कारण यह उनके शरीर पर निवास था। शिव को जब ज्ञात हुआ कि नागवंंश का नाश होनेे वाला है तब भगवाान शिव और माता पार्वती ने अपनी पुत्री मनसा का विवाह जरत्कारू के साथ कर दिया और इनके पुुत्र आस्तीक ने जनमेजय के नागयज्ञ के समय नागोंं की रक्षा की, नहीं तो नागवंंश उसी समय नष्ट हो गया होता। समुद्रमंथन के समय वासुकीhttps://shrishivji.com/bhagwan-shiv-ji-se-judi-12-gupt-baatein/ भगवान शिव से जुड़ी 12 गुप्त बातें जानिए Bhagwan Shiv Ji se judi 12 gupt baatein - Shri Shivji 2023-04-05 en-US 2023-05-05 5 मई 2023 https://web.archive.org/web/20230505034841/https://shrishivji.com/bhagwan-shiv-ji-se-judi-12-gupt-baatein/ dead जी ने पर्वत को बांधने के लिए रस्सी का काम किया था। त्रिपुरदाह के समय वह शिव के धनुष की डोर बना था। वासुकी जी के पांंच फण हैंं। वासुकी जी के बड़े भाई शेषनाग हैं जो भगवान विष्णु के परम भक्त हैं उन्हें शैय्या के रूप में आराम देते हैं। १००० नागों में शेषनाग सबसे बड़े भाई हैं , दूसरे स्थान पर वासुकी और तीसरे स्थान पर तक्षक हैं।वासुकी नाग जी का वास हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के थाटीबीर गाव मै भी माना जाता है । इनका पहला स्थान् मनीकरण मै स्तिथ है और इनकी पत्नी मनीकरण की देवी माँ नैना भगवती है ! श्रेणी:पौराणिक पात्र श्रेणी:हिन्दू धर्म