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भारतीय अर्थव्यवस्था
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मुद्रा1 रुपया (रु) = 100 पैसावित्तीय वर्ष1 अप्रेल - 31 मार्चप्रति व्यक्तिप्रति व्यक्ति आय2.980$ (2025) रोजगार क्षमता47963.2 करोड़GDPसकल घरेलू उत्पाद वास्तविक वृद्धि दर8.2% (2023-24) सकल घरेलू उत्पाद4.19 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर (2025) स्रोत: अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)व्यवसाय द्वारा श्रमिक क्षमता (२०१९)प्राइमरी (42.60%), सेकेण्डरी (25.12%), सेवा (32.28%)राज्यमुख्य उत्पादउद्यान विज्ञान, चावल, गेहूँ, तिलहन, कपास, जूट, चाय, गन्ना, आलू; पशु, भैंस, भेंड़, बकरी, मुर्गी; मत्सय मुख्य उद्योगवस्त्र उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, औषध उद्योग, रसायन, इस्पात, यातायात के उपकरण, सीमेंट, खनन, पेट्रोलियम, भारी मशीनें, साफ्टवेयरमुख्य व्यापार कच्चा तेल, मशीनें, जवाहरात, उर्वरक, रासायन, कपड़े, जवाहरात और गहने, इंजिनयरिंग के सामान, रासायन, आर्थिक सहयोगीमुद्रास्फीति दर3.8%निर्यात (2021-2022)421.88 अरब डॉलरआयात (2021-2022)612.608 अरब डॉलरमुख्य सहयोगी (2003)अमेरिका 6.4%, ब्रिटेन 4.8%, बेल्जियम 5.6%, जापान,सिंगापुर 4%, रूस 4.3%,मुख्य सहयोगी (2001)संराअमेरिका २०.६%, ब्रिटेन ५.३%, जापान/हांगकांग ४.८%, जर्मनी ४.४%, चीन ६.४%,
आर्थिक संगठन (सदस्य)साफ्टा, आसियान और विश्व व्यापार संगठनसार्वजनिक वित्त आय ८६.६९ अरब डॉलरव्यय१०१.१ अरब डॉलरपूँजी व्यय१३.५ अरब डॉलरवित्तीय सहायता ग्रहण (१९९८/९९)२.९ अरब डॉलरबाहरी ऋण१०१.७ अरब डॉलरऋण१.८१०७०१ अरब डॉलर (सकल घरेलू उत्पाद का ५९.७%)
भारत की अर्थव्यवस्था सकल घरेलू उत्पाद की दृष्टि से विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है जबकि क्रय-शक्ति समता (Purchasing power parity) की दृष्टि से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत, जापान को छोड़ा पीछे क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व में सातवें स्थान पर है, जनसंख्या में भारत का स्थान दूसरा था, किंतु वर्ष 2023 के मध्य से प्रथम स्थान पर है और केवल 2.4% क्षेत्रफल के साथ भारत विश्व की जनसंख्या के 17.76% भाग को शरण प्रदान करता है।
1991 से भारत में बहुत तेज आर्थिक प्रगति हुई है जब से उदारीकरण और आर्थिक सुधार की नीति लागू की गयी है और भारत विश्व की एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरकर आया है। सुधारों से पूर्व मुख्य रूप से भारतीय उद्योगों और व्यापार पर सरकारी नियन्त्रण का बोलबाला था और सुधार लागू करने से पूर्व इसका जोरदार विरोध भी हुआ परन्तु आर्थिक सुधारों के अच्छे परिणाम सामने आने से विरोध काफी हद तक कम हुआ है। हालाँकि मूलभूत ढाँचे में तेज प्रगति न होने से एक बड़ा तबका अब भी नाखुश है और एक बड़ा हिस्सा इन सुधारों से अभी भी लाभान्वित नहीं हुआ हैं।
पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
2017 में भारतीय अर्थव्यवस्था मानक मूल्यों (सांकेतिक) के आधार पर विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।https://satyagrah.scroll.in/article/117891/india-overtakes-france-as-6th-biggest-economy फ्रांस को पछाड़कर भारत दुनिया की पाँचवा बड़ी अर्थव्यवस्था बना 11 जुलाई 2018 25 सितंबर 2020 https://web.archive.org/web/20200925034753/https://satyagrah.scroll.in/article/117891/india-overtakes-france-as-6th-biggest-economy deadhttps://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/india-becomes-worlds-sixth-largest-economy-muscles-past-france/articleshow/64941102.cms India becomes world's sixth largest economy, muscles past France 11 जुलाई 2018 https://web.archive.org/web/20180809150715/https://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/india-becomes-worlds-sixth-largest-economy-muscles-past-france/articleshow/64941102.cms 9 अगस्त 2018 live अप्रैल २०१४ में जारी रिपोर्ट में वर्ष २०११ के विश्लेषण में विश्व बैंक ने "क्रयशक्ति समानता" (परचेज़िंग पावर पैरिटी) के आधार पर भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था घोषित किया। बैंक के इंटरनैशनल कंपेरिजन प्रोग्राम (आईसीपी) के 2011 राउंड में अमेरिका और चीन के बाद भारत को स्थान दिया गया है। 2005 में यह 10वें स्थान पर थी। २००३-२००४ में भारत विश्व में १२वीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था थी। संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी प्रभाग (यूएनएसडी) के राष्ट्रीय लेखों के प्रमुख समाहार डाटाबेस, दिसम्बर 2013 के आधार पर की गई देशों की रैंकिंग के अनुसार वर्तमान मूल्यों पर सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार भारत की रैंकिंग 10 और प्रति व्यक्ति सकल आय के अनुसार भारत विश्व में 161वें स्थान पर है। http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=29260 प्रति व्यक्ति आय पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार 25 जुलाई 2014 28 जुलाई 2014 https://web.archive.org/web/20180711190326/http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=29260 11 जुलाई 2018 liveसन २००३ में प्रति व्यक्ति आय की दृष्टि से विश्व बैंक के अनुसार भारत का 143 वाँ स्थान था।
इतिहास
300px|right|thumb|मौर्य काल की मुद्राएँ
300px|right|thumb| गुप्त काल (कुमारगुप्त) के चाँदी के सिक्के
300px|right|thumb|१५७२ में कालीकट में व्यापार की स्थिति
भारत का आर्थिक इतिहास
आर्थिक इतिहासकार एंगस मैडिसन के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था पहली शताब्दी से दसवीं शताब्दी तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। पहली सदी में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) दुनिया की कुल जीडीपी का 32.9% था; 1000 में यह 28.9% था; और 1700 में 24.4% लेकिन उस दौरान आर्थिक प्रगति जनसंख्या वृद्धि से जुड़ी हुई थी क्योंकि वे कोई मशीन या तकनीकी नवाचार नहीं थे।अंगस मैडिसन (Angus Maddison) 'द वर्ड इकनॉमी : अ इलेनिअल परस्पेक्टिव'https://www.visualcapitalist.com/2000-years-economic-history-one-chart/ 2,000 Years of Economic History in One Chart Desjardins Jeff 2017-09-08 Visual Capitalist en-US 2023-06-25https://m.economictimes.com/news/economy/policy/fact-vs-fiction-decoding-the-truth-behind-indias-ancient-economic-glory/articleshow/66929904.cms GDP: Another GDP debate: Decoding the truth behind India's ancient economic glory m.economictimes.com 2023-06-25
ब्रिटिश काल में भारत की अर्थव्यवस्था का जमकर शोषण व दोहन हुआ जिसके फलस्वरूप 1947 में आज़ादी के समय में भारतीय अर्थव्यवस्था अपने सुनहरी इतिहास का एक खंडहर मात्र रह गई।
आज़ादी के बाद से भारत का झुकाव समाजवादी प्रणाली की ओर रहा। सार्वजनिक उद्योगों तथा केंद्रीय आयोजन को बढ़ावा दिया गया। बीसवीं शताब्दी में सोवियत संघ के साथ साथ भारत में भी इस प्रणाली का अंत हो गया। 1991 में भारत को भीषण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा जिसके फलस्वरूप भारत को अपना सोना तक गिरवी रखना पड़ा। उसके बाद नरसिंह राव की सरकार ने वित्तमंत्री मनमोहन सिंह के निर्देशन में आर्थिक सुधारों की लंबी कवायद शुरु की जिसके बाद धीरे धीरे भारत विदेशी पूँजी निवेश का आकर्षण बना और संराअमेरिका, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी बना। १९९१ के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था में सुदृढ़ता का दौर आरम्भ हुआ। इसके बाद से भारत ने प्रतिवर्ष लगभग 8% से अधिक की वृद्धि दर्ज की। अप्रत्याशित रूप से वर्ष २००३ में भारत ने ८.४ प्रतिशत की विकास दर प्राप्त की जो दुनिया की अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था का एक संकेत समझा गया। यही नहीं 2005-06 और 2007-08 के बीच लगातार तीन वर्षों तक 9 प्रतिशत से अधिक की अभूतपूर्व विकास दर प्राप्त की। कुल मिलाकर 2004-05 से 2011-12 के दौरान भारत की वार्षिक विकास दर औसतन 8.3 प्रतिशत रही किंतु वैश्विक मंदी की मार के चलते 2012-13 और 2013-14 में 4.6 प्रतिशत की औसत पर पहुंच गई। लगातार दो वर्षों तक 5 प्रतिशत से कम की स.घ.उ. विकास दर, अंतिम बार 25 वर्ष पहले 1986-87 और 1987-88 में देखी गई थी।
भारतीय अर्थव्यवस्था की समयरेखा
भारत में आर्थिक उदारीकरण
सकल घरेलू उत्पाद
अंगूठाकार|300px
2013-14 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद भारतीय रूपयों में - 113550.73 अरब रुपये था।https://www.indiabudget.gov.in/budget2013-2014/es2012-13/hchap-01.pdf आर्थिक सर्वेक्षण, अर्थव्यवस्था की स्थिति जुलाई 2014 वित्त मंत्रालय, भारत सरकार https://web.archive.org/web/20140714223558/http://indiabudget.nic.in/es2013-14/hchap-01.pdf 14 जुलाई 2014
आंकड़ा श्रेणियां 2009-10 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14 स.घ.उ. (रु करोड़) (वर्तमान बाजार मूल्य) 6477827 7784115 9009722 10113281 11355073वृद्धि दर (%) 15.1 20.2 15.7 12.2 12.3 स.घ.उ. (रु करोड़) (घटक लागत 2004-05 के मूल्य पर) 4516071 4918533 5247530 5482111 5741791वृद्धि दर (%) 8.6 8.9 6.7 4.5 4.7प्रति व्यक्ति निवल राष्ट्रीय आय(मौजूदा कीमतों पर उपादान लागत) 46249 54021 61855 67839 4380
center|thumb|550px|1990 के बाद भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तेजी से बढ़ा है।
विभिन्न क्षेत्रों का योगदान
किसी समय में भारत कृषि प्रधान देश था किंतु नए आँकड़े बताते हैं कि यह देश अपनी विकास की यात्रा में काफी आगे निकल गया है तथा विकसित देशों के इतिहास को दोहराते हुए द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों का योगदान जीडीपी में बढ़ोतरी का रुझान दर्शा रहा है।
आंकड़ा श्रेणियां 1999-2000 2007-08 2012-13 2013-14 (अनुमान) प्राथमिक क्षेत्र (कृषि और सहबद्ध) 23.2 16.8 13.9 13.9 द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग, खनन, विनिर्माण) 26.8 28.7 27.3 26.2 तृतीयक क्षेत्र (सेवाएँ - व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, वित्त बीमा आदि) 50.00 54.4 58.8 59.9
भारत बहुत से उत्पादों के सबसे बड़े उत्पादको में से है। इनमें प्राथमिक और विनिर्मित दोनों ही आते हैं। भारत दूध का सबसे बडा उत्पादक है ओर गेंहू, चावल, चाय,चीनी, और मसालों के उत्पादन में अग्रणियों मे से एक है यह लौह अयस्क, वाक्साईट, कोयला और टाईटेनियम के समृद्ध भंडार हैं।
यहाँ प्रतिभाशाली जनशक्ति का सबसे बडा पूल है। लगभग २ करोड भारतीय विदेशों में काम कर रहे है। और वे विश्व अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। भारत विश्व में साफ्टवेयर इंजीनियरों के सबसे बडे आपूर्ति कर्त्ताओं में से एक है और सिलिकॉन वैली में सयुंक्त राज्य अमेरिका में लगभग ३० % उद्यमी पूंजीपति भारतीय मूल के है।
भारत में सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या अमेरिका के पश्चात दूसरे नम्बर पर है। लघु पैमाने का उद्योग क्षेत्र, जोकि प्रसार शील भारतीय उद्योग की रीड की हड्डी है, के अन्तर्गत लगभग ९५% औद्योगिक इकाईयां आती है। विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन का ४०% और निर्यात का ३६% ३२ लाख पंजीकृत लघु उद्योग इकाईयों में लगभग एक करोड ८० लाख लोगों को सीधे रोजगार प्रदान करता है।
वर्ष २००३-२००४ में भारत का कुल व्यापार १४०.८६ अरब अमरीकी डालर था जो कि सकल घरेलु उत्पाद का २५.६% है। भारत का निर्यात ६३.६२% अरब अमरीकी डालर था और आयात ७७.२४ अरब डालर। निर्यात के मुख्य घटक थे विनिर्मित सामान (७५.०३%) कृषि उत्पाद (११.६७%) तथा लौह अयस्क एवं खनिज (३.६९%)।
वर्ष २००३-२००४ में साफ्टवेयर निर्यात, प्रवासी द्वारा भेजी राशि तथा पर्यटन के फलस्वरूप बाह्य अर्जन २२.१ अरब अमेरिकी डॉलर का हो गया।
center|thumb|650px|१९५१ से २०१४ तक भारत की आर्थिक विकास दर
विदेशी मुद्रा भंडार
जून २०२१ तक भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार 605.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हो गया। अमेरिकी डॉलर की कीमत 96 रुपए के स्तर पर जा पहुँची
आंकड़ा श्रेणियां 2009-10 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14 विदेशी मुद्रा भंडार(बिलियन रिकी डॉलर) 279.1 304.8 294.4 292.0 304.2औसत विनिमय दर(रु / अमेरिकी डॉलर) 47.44 45.56 47.92 54.41 60.5
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
वैश्विक निर्यातों और आयातों में भारत का हिस्सा वर्ष 2000 में क्रमशः 0.7 प्रतिशत और 0.8 प्रतिशत से बढ़ता हुआ वर्ष 2013 में क्रमशः 1.7 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत हो गया। भारत के कुल वस्तु व्यापार में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है जिसका सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा 2000-01 के 21.8 प्रतिशत से बढ़कर 2013-14 में 44.1 प्रतिशत हो गया।
भारत का वस्तु निर्यात 2013-14 में 312.6 बिलियन अमरीकी डॉलर (सीमा शुल्क आधार पर) तक जा पहुंचा। इसने 2012-13 के दौरान की 1.8 प्रतिशत के संकुचन की तुलना में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
2012-13 की तुलना में 2013-14 में आयातों के मूल्य में 8.3 प्रतिशत की गिरावट हुई जिसकी वजह तेल-भिन्न आयातों में 12.8
प्रतिशत की गिरावट रही। सरकार द्वारा किए गए अनेक उपायों के कारण सोने का आयात 2011-12 के 1078 टन से कम होकर 2012-13 में 1037 टन तथा और कम होकर 2013-14 में 664 टन रह गया। मूल्य के संदर्भ में, सोने और चांदी के आयात में 2013-14 में 40.1 प्रतिशत की गिरावट हुई और वह 33.4 बिलियन अमरीकी डॉलर के स्तर पर आ गया। 2013-14 में आयातों में हुई जबरस्त गिरावट और साधारण निर्यात वृद्धि के परिणामस्वरूप भारत का व्यापार घाटा 2012-13 के 190.3 बिलियन अमरीकी डॉलर से कम होकर 137.5 बिलियन अमरीकी डॉलर के स्तर पर आ गया जिससे चालू व्यापार घाटे में कमी आई।
चालू खाता घाटा
2012-13 में कैड में भारी वृद्धि हुई और यह 2011-12 के 78.2 बिलियन अमरीकी डॉलर से कहीं अधिक 88.2 बिलियन अमरीकी डॉलर (स.घ.उ. का 4.7 प्रतिशत) के रिकार्ड स्तर पर जा पहुंचा। सरकार द्वारा शीघ्रतापूर्वक किए गए कई उपायों जैसे सोने के आयात पर प्रतिबंध आदि के परिणामस्वरूप, व्यापार घाटा 2012-13 के 10.5 प्रतिशत से घटकर 2013-14 में सकल घरेलू उत्पाद का 7.9 प्रतिशत रह गया।
विदेशी ऋण
भारत का विदेशी ऋण स्टॉक मार्चांत 2012 के 360.8 बिलियन अमरीकी डॉलर के मुकाबले मार्चांत 2013 में 404.9 बिलियन अमरीकी डॉलर था। दिसम्बर 2013 के अंत तक यह बढ़कर 426.0 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया।
चूंकि एक बिलियन डॉलर = एक अरब डॉलर
इसलिए 426 बिलियन डॉलर = 426अरब डॉलर
अब चूंकि एक डाॅलर= 60 रुपये
इसलिए 426 अरब डॉलर = 426*60 अरब रुपये
अर्थात 25560 अरब रुपये अर्थात 25560*100 करोड़ रुपये =2556000 करोड़ रुपये =पच्चीस लाख छप्पन हजार करोड़ रुपये।
रोजगार
भारत में रोजगार देने में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिशत योगदान रंगराजन सी॰, सीमा और ई॰एम॰ विबीश (2014), ‘डेवल्पमेंट्स इन दि वर्कफोर्स बिटवीन 2009-10 एंड 2011-12, इकनामिक एंड पॉलीटिकल वीकली, वाल्यूम XLIX (23)A :
क्षेत्र/वर्ष 1999-2000 2004-05 2011-12 प्राथमिक (कृषि आदि) 59.9 58.5 48.9 द्वितीयक (उद्योग आदि) 16.4 18.2 24.3 तृतीयक (सेवाएँ) 23.7 23.3 26.9
कर प्रणाली
भारत के केन्द्र सरकार द्वारा अर्जित आयकेन्द्रीय बजट दस्तावेज और लेखा महानियंत्रक (सीजीए)। :
आँकड़े करोड़ रुपयों में
नोट: १ करोड़ = १० मिलियन
Head 2009-10 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14व्यक्तिगत आयकर 122475 139069 164485 196512 237789निगम कर 244725 298688 322816 356326 394677कुल प्रत्यक्ष कर || 367648 || 438477 || 488113 || 553705 || 633473 कस्टम 83324 135813 149328 165346 172132एक्साईज़ 102991 137701 144901 175845 169469 सेवा कर (सर्विस टैक्स) 58422 71016 97509 132601 154630कुल अप्रत्यक्ष कर || 244737 || 344530 || 391738 || 473792 || 496231 कुल कर राजस्व || 624528 || 793072 || 889177 || 1036235 || 1133832नोट- योग में अंतर "अन्य" करों के कारण है।
राजसहायता (सब्सिडी)
भारत में राजसहायता प्राप्त प्रमुख मदों की सूची तथा 2013-14 के आँकड़े व 2014-15 के बजट प्रावधान इस प्रकार हैं http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=28835 राजसहायता में कमी पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार 11जुलाई 2014 12 जुलाई 2014 https://web.archive.org/web/20140714223946/http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=28835 14 जुलाई 2014 live:
मद 2014-15 (बजट प्रावधान) 2013-14 (जुलाई 2014 के संशोधित अनुमान) उर्वरक सब्सिडी 67970.30 67971.50 खाद्य सब्सिडी 115000.00 92000.00 पैट्रोलियम सब्सिडी 63426.95 85480.00 ब्याज सब्सिडी 8462.88 8174.85 अन्य सब्सिडी 847.49 1889.90
2008-09 के बाद से केन्द्रीय राजस्व घाटे में बढ़त कराने वाले प्रधान कारणों में से एक कारण सब्सिडियों का उत्तरोत्तर बढ़ते जाना रहा है। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के अनंतिम वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, 2013-14 में प्रधान सब्सिडियों का योग 2,47,596 करोड़ रुपए था। सब्सिडियों में तीव्र वृद्धि हुई है जो 2007-08 में स.घ.उ. के 1.42 प्रतिशत से बढ़ती हुई 2012-13 में स.घ.उ. के 2.56 प्रतिशत हो गई, 2013-14 (संशोधित अनुमान) के अनुसार यह स.घ.उ. का 2.26 प्रतिशत थी। उर्वरक सब्सिडी का अंशतः विनियंत्रण हुआ है, इसी प्रकार पेट्रोल की कीमतें विनियंत्रित कर दी गई हैं तथा डीजल की कीमतों में 50 पैसे प्रति लीटर की मासिक बढ़ोतरी करायी जा रही है।
लॉकडाउन अथर्व्यवस्था प्रभाव
अप्रैल-दिसम्बर 2021 तक की अवधि में भारत से वस्तुओं एवं सेवाओं के हुए निर्यात के वास्तविक आंकड़ों को देखते हुए अब यह कहा जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत से वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात 65,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पार हो जाने की प्रबल सम्भावना है। जिस गति से वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत से वस्तुओं एवं सेवाओं के निर्यात बढ़ रहे हैं उससे अब यह माना जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत से वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात 100,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है, जो कि अपने आप में एक इतिहास रच देगा।भारत एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के निर्यात की ओर अग्रसर, बनेगा इतिहास
भारतीय अर्थव्यवस्था से सम्बन्धित आंकड़े
नीचे दी गयी सारणी में १९८० से लेकर २०२३ तक के भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख आर्थिक संसूचक (इंडिकेटर्स) को दर्शाया गया है। जहाँ मुद्रास्फीति ५% से कम है उसे हरे रंग में दर्शाया गया है।https://www.imf.org/en/Publications/WEO/weo-database/2023/October/weo-report?c=534,&s=NGDP_RPCH,NGDPD,PPPGDP,NGDPDPC,PPPPC,PCPIPCH,GGXWDG_NGDP,&sy=1980&ey=2028&ssm=0&scsm=1&scc=0&ssd=1&ssc=0&sic=0&sort=country&ds=.&br=1 Report for Selected Countries and Subjects Imf 10 October 2023 13 October 2023 https://web.archive.org/web/20231013153206/https://www.imf.org/en/Publications/WEO/weo-database/2023/October/weo-report?c=534,&s=NGDP_RPCH,NGDPD,PPPGDP,NGDPDPC,PPPPC,PCPIPCH,GGXWDG_NGDP,&sy=1980&ey=2028&ssm=0&scsm=1&scc=0&ssd=1&ssc=0&sic=0&sort=country&ds=.&br=1 live वार्षिक बेरोजगारी की दर विश्व बैंक के आकड़ों से लिया गया है, यद्यपि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष इन आंकड़ों को अविश्वसनीय मानता है।Unemployment, total (% of total labor force) (modeled ILO estimate) Data https://data.worldbank.org/indicator/SL.UEM.TOTL.ZS 2022-03-01 data.worldbank.org 12 June 2019 https://web.archive.org/web/20190612090355/https://data.worldbank.org/indicator/SL.UEM.TOTL.ZS live
वर्षGDP(in Bil. US$PPP)GDP प्रति व्यल्ति(in US$ PPP)GDP(in Bil. US$nominal)GDP प्रति व्यक्ति(in US$ nominal)GDP growth(real)मुद्रास्फीति की दर(in Percent)बेरोजगारी(in Percent)सरकारी ऋण(in % of GDP)1980371.9532.0189.4271.06.74%11.3%n/an/a1981431.5603.2196.5274.76.01%12.7%n/an/a1982474.1647.5203.5278.03.5%7.7%n/an/a1983528.6705.3222.0296.37.3%12.6%n/an/a1984568.6741.4215.6281.13.8%5.2%n/an/a1985617.4787.1237.6302.95.3%5.56%https://www.officialdata.org/india/inflation/1985 Value of 1985 Indian Rupees today | India Inflation Calculator 16 October 2023 17 October 2023 https://web.archive.org/web/20231017175623/https://www.officialdata.org/india/inflation/1985 live n/an/a1986659.9822.8252.8315.24.8%7.8%https://www.indiabudget.gov.in/budget_archive/es1986-87/1%20The%20Economic%20Situation%20in%201986-87.pdf Archived copy 16 October 2023 15 August 2022 https://web.archive.org/web/20220815011409/https://www.indiabudget.gov.in/budget_archive/es1986-87/1%20The%20Economic%20Situation%20in%201986-87.pdf live n/an/a1987703.0857.7283.8346.24.0%9.1%n/an/a1988797.9952.7299.6357.810.18%7.2%n/an/a1989878.51,027.0301.2352.25.9%4.6%n/an/a1990961.81,101.3326.6374.05.5%11.2%n/an/a19911,004.81,127.4274.8308.41.1%13.5%5.6%75.3%19921,084.11,192.2293.3322.55.5%9.9%5.7%77.4%19931,162.51,253.5284.2306.44.8%7.3%5.7%77.0%19941,266.41,339.2333.0352.26.7%10.3%5.7%73.5%19951,390.81,442.9366.6380.37.6%10.0%5.8%69.7%19961,523.21,550.6399.8407.07.6%9.4%5.7%66.0%19971,612.31,610.8423.2422.84.1%6.8%5.6%67.8%19981,731.21,698.1428.8420.66.2%13.1%5.7%68.1%19991,904.21,834.4466.9449.88.5%5.7%5.7%70.0%20002,024.71,916.3476.6451.14.0%3.8%5.6%73.6%20012,172.72,021.1494.0459.54.9%4.3%5.6%78.7%20022,292.82,097.1524.0479.23.9%4.0%5.5%82.9%20032,523.82,270.6618.4556.37.9%3.9%5.6%84.4%20042,795.02,474.2721.6638.87.8%3.8%5.6%83.4%20053,150.32,745.1834.2726.99.3%4.4%5.6%81.0%20063,548.33,044.5949.1814.49.3%6.7%5.6%77.2%20074,001.43,381.81,238.71,046.910.3%6.2%5.6%74.1%20084,236.83,528.71,224.11,019.53.9%9.1%5.4%72.8%20094,625.53,798.51,365.41,121.27.9%12.3%5.5%71.5%20105,161.44,181.71,708.51,384.28.5%10.5%5.5%66.4%20115,618.44,493.71,823.11,458.16.6%9.5%5.4%68.6%20126,153.24,861.21,827.61,443.95.5%10.0%5.4%68.0%20136,477.55,057.21,856.71,449.66.4%9.4%5.4%67.7%20146,781.05,233.92,039.11,573.97.4%5.8%5.4%67.1%20157,159.85,464.92,103.61,605.68.0%4.9%5.4%69.0%20167,735.05,839.92,294.81,732.68.3%4.5%5.4%68.9%20178,276.96,112.12,702.91,958.06.8%3.6%5.4%69.7%20189,023.06,590.92,702.91,974.46.5%3.4%5.3%70.4%20199,540.46,897.82,835.62,050.24.2%4.8%5.3%75.0%20209,101.36,517.82,671.61,913.2-5.8%6.1%8.0%88.5%202110,370.87,355.43,150.32,234.39.1%5.5%6.0%83.7%202211,900.78,397.53,389.72,391.97.2%6.7%7.3%81.0%202313,119.69,183.43,732.22,612.56.3%5.5%8.7%81.9%202414,261.29,891.84,105.42,847.66.3%4.6%n/a82.3%202515,469.110,634.64,511.83,101.86.3%4.1%n/a82.2%202616,765.211,426.44,951.63,374.86.3%4.1%n/a81.8%202718,155.712,270.85,427.43,668.26.3%4.0%n/a81.2%202819,650.213,173.35,944.43,985.06.3%4.0%n/a80.5%
इन्हें भी देखें
भारत का आर्थिक इतिहास
भारतीय अर्थव्यवस्था की समयरेखा
ब्रिटिश काल में भारत की अर्थव्यवस्था
भारत का आर्थिक विकास
भारत का विदेश व्यापार
दस खरब डॉलर क्लब
सन्दर्भ
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बाहरी कड़ियाँ
भारत के वित्त मंत्रालय का आधिकारिक जालस्थल
ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
IMF 'corrects' maths, says India to be $5-trillion economy by FY27 (२० मई, २०२२)
२०२७ तक जापान और जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनेगा भारत (अगस्त २०२३)
जब चीन-जापान परेशान, इंडियन GDP रिकॉर्डतोड़ कैसे? (मार्च, २०२४)
वैश्विक चुनौतियों से निपटते हुए भारत के सिर पर सजा सबसे तेज अर्थव्यवस्था का ताज (दिसम्बर, २०२४)
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत बना रहेगा 'विकास का इंजन' ; ट्रम्प टैरिफ का ज्यादा असर नहीं (अक्टूबर २०२५)
भारत की ऐतिहासिक छलांग: जापान को पछाड़ा, बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (दिसम्बर २०२५)
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