411 REFERENCE · Wikipedia
बेटा (फ़िल्म)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
बेटा बेटा.jpg बेटा का पोस्टर इन्द्र कुमारअशोक ठकेरिया इन्द्र कुमार आनंद-मिलिंद बाबा आज़मी राजीव कौलप्रफुल्ल पारेखकमलेश पांडे (संवाद) अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, अरुणा ईरानी, अनुपम खेर, लक्ष्मीकांत बेर्डे ज्ञानदेव अग्निहोत्री मारुति इंटरनेशनल 3 अप्रैल, 1992 172 मिनट भारत हिन्दी
बेटा इन्द्र कुमार द्वारा निर्देशित 1992 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। मुख्य भूमिकाओं में अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित और अरुणा ईरानी है। यह एक तमिल फिल्म की रीमेक है जिसमें राधा अभिंनेत्री थी। जो बी. पुट्टस्वामय्या द्वारा रचित एक कन्नड़ उपन्यास पर आधारित थी। बेटा 1992 की सबसे बड़ी हिट फिल्म थी। इसने पाँच फिल्मफेयर पुरस्कार जीते थे। इसका संगीत भी काफी लोकप्रिय हुआ था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और उस वर्ष सर्वाधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी।
संक्षेप
अपनी मां के निधन के बाद, राजू को उसके पिता प्रेम (आकाश खुराना) ने पाला, जो उसकी देखभाल करने में असमर्थ थे और फिर से शादी करने का फैसला करते हैं। वह लक्ष्मी (अरुणा ईरानी) से शादी करते हैं इसे न जाने कि वो एक भयानक और चालाक महिला है। विवाह के तुरंत बाद, उसका भाई, तोताराम (अनुपम खेर) और उसकी पत्नी मैनावती (भारती अचरेकर) घर आ जाते हैं। भाई और बहन दोनों उसके पति को मानसिक रूप से असंतुलित घोषित करते हैं और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया जाता है। राजू को बिना किसी शिक्षा और कौशल के पाला जाता है और वह अन्य मजदूरों की तरह संपत्ति पर काम करता है।
जब राजू बढ़ा होता है, तो वह अपनी सौतेली माँ के प्रति बहुत समर्पित होता है, जो चाहती है कि वह एक अशिक्षित लड़की से विवाह करे ताकि वह उन पर शासन कर सके। लेकिन राजू लक्ष्मी से शादी कर लेता है, जो शिक्षित है और यह जानने के लिए पर्याप्त चतुर है कि राजू का लाभ उठाया जा रहा है। जब लक्ष्मी राजू की ओर से हस्तक्षेप करती है, तो उसे अपमानित किया जाता है और खुद राजू द्वारा घर को छोड़ने के लिए कहा जाता है। लेकिन लक्ष्मी उसके पिता के कारण रहने का फैसला करती है और राजू से सौम्य व्यवहार करके लक्ष्मी के सारी योजना विफल करती है जिसमें राजू के सौतेले भाई रमेश (आदि ईरानी) के पैसे ऐंठने की योजना शामिल है।
कुछ साल बाद, सरस्वती गर्भवती हो जती है। तो लक्ष्मी को राजू के अजन्मे बच्चे (जो धन का वारिस बनेगा) को दूध में जहर के साथ मारने का प्रयास करती है। सरस्वती, अपनी सास की क्रूरता से सावधान और सतर्क रहती है। उसे इस योजना का पता लगता है और वो अपने पति को सूचित करती हैं। उसने उसके आरोपों पर विश्वास करने से इंकार कर दिया। राजू अपनी सौतेली माँ को साबित करने के लिये दूध पीता है और फिर खांसी में खून उगलता है। इस बिंदु पर, मृत्यु के निकट, राजू को पता चलता है कि वास्तव में सरस्वती ने जो उसकी माँ के बुरे इरादों के बारे में कहा सच है। अपने सामान्य निर्दोष तरीके से, वह कारण पूछता है और कहता है कि धन के लिए उसकी माँ को बस "पूछना" था - वह उसे सब कुछ देने के लिए खुशी से सहमत होता। वह लक्ष्मी को बताता है कि शांति से मरने की उसकी इच्छा पूरी हो जाएगी, अगर वह कम से कम एक बार दुर्भावना के बिना, उसे उसका "बेटा" कहे। उसके शब्द लक्ष्मी को इतना गहराई से छूते हैं कि उसे पता चलता है कि उसकी क्रूरता बहुत दूर तक चली गई है।
राजू के धीरे-धीरे ठीक होने पर फिल्म आगे बढ़ती है। अपनी सांसारिक संपत्ति को "माँ" को देकर वो अपनी पत्नी, पिता और अजन्मे बच्चे के साथ घर छोड़ने के लिए सहमत है। आखिरी पल में, लक्ष्मी ने उन्हें न छोड़ने और अपनी पछतावा साबित करने के लिए विनती की। वह कानूनी दस्तावेजों को फाँड़ देती है और उसे बताती है कि वह जो चाहती है वह उसका "बेटा" है।
मुख्य कलाकार
अनिल कपूर - राजू
माधुरी दीक्षित - सरस्वती
अरुणा ईरानी - लक्ष्मी देवी
अनुपम खेर - तोताराम
भारती अचरेकर - मैनावती
लक्ष्मीकांत बेर्डे - पाँडु धोंदू भीकाजी
आकाश खुराना - प्रेम, राजू के पिता
आदि ईरानी - रमेश
सत्येन कप्पू - श्यामलाल, सरस्वती के पिता
कुनिका - रमेश की पत्नी
रीटा भादुड़ी - नीता
संगीत
"बेटा" का संगीत बहुत सफल हुआ था। आनंद-मिलिंद को फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ संगीतकार की श्रेणी में नामांकित किया गया था। लेकिन वह दीवाना के लिये नदीम श्रवण से हार गए। अनुराधा पौडवाल ने सर्वश्रेष्ठ गायिका के लिये लगातार तीसरे साल पुरस्कार प्राप्त किया। आनंद-मिलिंद के अलावा दूसरे संगीतकारों द्वारा संगीतबद्ध गीत एल्बम में तो हैं लेकिन ना तो वो फ़िल्म में प्रस्तुत किये गए हैं और ना ही उन्हें श्रेय दिया गया।
गीत गायक कोयल सी तेरी बोली उदित नारायण, अनुराधा पौडवाल 5:38 समीर आनंद-मिलिंद धक धक करने लगा अनुराधा पौडवाल, उदित नारायण 7:18 समीर आनंद-मिलिंद धड़कने साँसे जवानी जिंदगानी पंकज उधास, अनुराधा पौडवाल 5:20 दिलीप ताहिर दिलीप सेन-समीर सेन सैयाँ जी से छुपके अनुराधा पौडवाल, उदित नारायण 7:30 समीर आनंद-मिलिंद सजना मैं मेरी तू मेरा अनुराधा पौडवाल, विपिन सचदेव 7:14 समीर आनंद-मिलिंद कितना प्यारा ये चेहरा अनुराधा पौडवाल, इन्द्रजीत 4:40 देव कोहली नरेश शर्मा भूल तो माँ से हो नहीं सकती उदित नारायण 2:17 समीर आनंद-मिलिंद खुशियों का दिन आया अनुराधा पौडवाल 5:57 समीर आनंद-मिलिंद नच मुंडिया नच मुंडिया अनुराधा पौडवाल, विपिन सचदेव 6:47 देव कोहली नरेश शर्मा ये दो दिल है चंचल अनुराधा पौडवाल, बबला मेहता 6:51 नक़्श लायलपुरी अमर उत्पल
नामांकन और पुरस्कार
बेटा फिल्म के लिए माधुरी दीक्षित को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार प्रदान किया गया।
|-
| rowspan="4"|1993
| अनिल कपूर
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
|
|-
| माधुरी दीक्षित
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार
|
|-
| अरुणा ईरानी
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार
|
|-
| अनुराधा पौडवाल ("धक धक करने लगा")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका पुरस्कार
|
|}
साथ ही सरोज खान को "धक धक करने लगा" में नृत्यरचना के लिये फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
बाहरी कड़ियाँ
0101437 बेटा
श्रेणी:1992 में बनी हिन्दी फ़िल्म
श्रेणी:आनंद–मिलिंद द्वारा संगीतबद्ध फिल्में