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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अनन्त कान्हेरे

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अनन्त लक्ष्मण कान्हेरे हुतात्मा 7 जनवरी 1892 Revolutionary, Anant Lakshman Kanhere.jpg हुतात्मा क्रान्तिवीर अनन्त लक्ष्मण कान्हेरे आयनी, रत्नागिरि जिला, भारत 19 April 1910 7 January 1892 थाणे फाँसी पर लटकाने से भारतीय स्वतन्त्रता का सशस्त्र आन्दोलन अनन्त लक्ष्मण कान्हेरे (7 जनवरी, 1892 - 19 अप्रैल, 1910) भारत के युवा क्रांतिकारियों में से एक थे। २१ दिसम्बर १९०९ को उन्होंने अत्याचारी अंग्रेज अधिकारी आर्थर जैक्सन की हत्या कर दी थी जो नासिक का जिला कलेक्टर था जिसने 1909 ई. में ब्रिटिश सरकार के ख़िलाफ़ एक लेख लिखने के कारण गणेश सावरकर को आजन्म कारावास की सज़ा सुनायी थी। यह हत्या नासिक के इतिहास में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के क्रान्तिकारी आन्दोलन के लिये भी महत्वपूर्ण घटना थी। आरम्भिक जीवन अनन्त कान्हेरे का जन्म 7 जनवरी 1892 को मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके दो भाई तथा दो बहनें थीं। उनके पूर्वज महाराष्ट्र के रत्नागिरी ज़िले के निवासी थे। उनकी आरम्भिक शिक्षा इंदौर में ही हुई थी। इसके बाद अपनी आगे की शिक्षा के लिए वे अपने मामा के पास औरंगाबाद चले गए। जैक्सन की हत्या १९०५ में जब हिन्दू और मुसलमानों में मतभेद पैदा करने के लिए सरकार ने 1905 में ‘बंगाल का विभाजन’ कर दिया। महाराष्ट्र में ‘अभिनव भारत’ नाम का युवकों का संगठन बना और वे अखाड़ों के माध्यम से वे क्रान्ति की भावना फैलाने लगे। विनायक सावरकर और गणेश सावरकर इस संगठन के प्रमुख व्यक्ति थे। अनन्त लक्ष्मण कन्हेरे भी इस मंडली में सम्मिलित हो गये। नासिक के वकील वामन सखाराम खेर स्वतन्त्रता सेनानियों के मुकदमे निःशुल्क लड़ते थे। नासिक के कलेक्टर जैक्सन ने उनकी डिग्री जब्त कर उन्हें जेल में डाल दिया। उसने ताम्बे शास्त्री नामक विद्वान के प्रवचनों पर रोक लगा दी; क्योंकि वे कथा में अंग्रेजों की तुलना रावण और कंस जैसे अत्याचारी शासकों से करते थे। बाबाराव सावरकर ने वीरतापूर्ण गीतों की एक पुस्तक प्रकाशित की थी। इस पर १९०९ में उन्हें कालेपानी की सजा देकर अन्दमान भेज दिया गया।युवा बलिदानी अनंत लक्ष्मण कान्हेरे इस पर क्रान्तिकारी और भी उत्तेजित हो उठे। उन्होंने नासिक के ज़िला अधिकारी जैक्सन का वध करके इसका बदला लेने का निश्चय कर लिया। कन्हेरे ने इस काम करने का जिम्मा अपने ऊपर लिया। जैक्सन का स्थानान्तरण मुम्बई के लिए हो गया था। 21 दिसम्बर, 1909 को उसके समर्थकों ने विजयानन्द नाटकशाला में विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया। अनंत भी वहाँ पहुँच गये। जैसे ही जैक्सन ने प्रवेश किया, अनन्त ने चार गोली उसके सीने में दाग दी। जैक्सन वहीं ढेर हो गया। उस दिन देशपांडे और कर्वे भी पिस्तौल लेकर वहाँ आये थे, जिससे अनंत से बच जाने पर वे जैक्सन को ढेर कर सकें।युवा बलिदानी अनंत लक्ष्मण कान्हेरे जैक्सन की हत्या के बाद अंग्रेज़ पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की। अनंत को पकड़ लिया गया। उन्होंने किसी वकील की सहायता लेने से मना कर दिया। इस कांड में अनेक लोग पकड़े गये। मुकदमे चले। जैक्सन की हत्या के मामले में अनंत लक्ष्मण कन्हेरे, धोंडो केशव कर्वे और विनायक देशपाण्डे को फ़ांसी की सज़ा हुई। एक दूसरे मुकदमें में राजद्रोह फैलाने के अभियोग में 27 लोगों को सज़ा मिली, जिनमें विनायक सावरकर को आजन्म क़ैद की सज़ा हुई। अनंत लक्ष्मण कन्हेरे 19 अप्रैल, 1910 को केवल 19 वर्ष की उम्र में फ़ांसी पर लटका दिये गए। https://hindi.opindia.com/miscellaneous/indology/freedom-struggle-of-india-story-of-anant-laxman-kanhere-was-hanged-by-britishers-killed-tippetts-jackson/ 18 साल की उम्र में फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी: सावरकर भाइयों से प्रेरित हुए तो धधकी आज़ादी वाली आग, छद्म ‘वैदिक’ अंग्रेज कलक्टर को उतारा था मौत के घाट श्रीवास्तव मनीष 7 जनवरी 2023 ऑप इंडिया 15 जुलाई 2024 thumb|right|300px|इस फोटो में क्रान्तिकारी कृष्ण कार्वे (बैठे हुए , काले कोट में), विनायक देशपांडे (खड़े हैं, काले कोट में) right|thumb|300px|नासिक के तीन क्रान्तिकारी, कृष्ण कार्वे, अनन्त कान्हेरे, और विनायक देशपांडॅ अनन्त कान्हेरे की स्मृति आज अनंत कान्हेरे की स्मृति में नासिक के एक चौक का नाम 'अनंत कान्हेरे चौक' और एक मैदान का नाम 'अनंत कान्हेरे मैदान' रखा गया है। यह स्थान उनके साहस और बलिदान की गाथा को जीवित रखते हैं। इन्हें भी देखें गणेश दामोदर सावरकर बाहरी कड़ियाँ अनंत लक्ष्मण कान्हेरे सन्दर्भ श्रेणी:भारतीय क्रांतिकारी