411 REFERENCE · Wikipedia
तुल्लल् साहित्य
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
अप्रैल 2026
तुल्लल् साहित्य (തുള്ളൽ സാഹിത്യം) केरलम् की कला विधा 'तुलल' से संबंधित एक साहित्यिक आंदोलन है। तुलल आंदोलन के जनक कुंचन नम्बियार हैं। इस विधा के रंगमंचीय प्रदर्शन के उपयुक्त रूप में रची गई कृतियाँ इनमें सबसे पहली हैं।
इतिहास
कुंचन नम्बियार ने चाक्यारकूत, कुडियाट्टम, कथकली, पडयणी और कोलंगल जैसे कला रूपों के विभिन्न तत्वों को अपनाकर तुलल को एक जन-केंद्रित कला-साहित्य आंदोलन के रूप में विकसित किया।
वेशभूषा और अन्य विशेषताओं के आधार पर तुलल को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: ओट्टन तुलल, शीतंकन तुलल और परयन तुलल। नम्बियार ने इन तीनों श्रेणियों के लिए विशिष्ट कृतियों की रचना की है। स्यमंतक, घोषयात्रा, नलचरितम और रुक्मिणी स्वयंवर आदि ओट्टन तुलल के अंतर्गत आते हैं; कल्याणसौगंधिकम, कृष्णलीला और प्रह्लादचरितम शीतंकन तुलल के अंतर्गत हैं; तथा त्रिपुरदहनम, पांचालीस्वयंवर और सभाप्रवेशम परयन तुलल श्रेणी में आते हैं। हास्य-व्यंग्य और यथार्थवादी एवं स्वाभाविक वर्णनों से भरपूर इन तुलल कृतियों का आधार पौराणिक कथाएँ हैं। कुंचन नम्बियार के बाद मलयालम में कई अन्य तुलल कृतियाँ भी रची गई हैं।
Category:मलयालम साहित्य