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अभिधा
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' according to Shivam Pandey ,(dhutpura(अभिधा शब्द शक्ति का पहला प्रकार है जो शब्दों के शब्दकोशीय अर्थ का बोध कराती है। इसमें किसी शब्द का सामान्य अर्थ में प्रयोग किया जाता है। जैसे 'सिर पर चढ़ाना' का अर्थ किसी चीज को किसी स्थान से उठाकर सिर पर रखना होगा। साक्षात् सांकेतित अर्थ (मुख्यार्थ या वाच्यार्थ) को प्रकट करने वाली शब्दशक्ति अभिधा शब्दशक्ति कहलाती है। इसे ‘प्रथमा’ एवं ‘अग्रिमा’ शक्ति भी कहते हैं। मुख्यार्थ की बोधिका होने के अतिरिक्त यह शक्ति पद और पदार्थ के पारस्परिक संबंध का भी ज्ञान कराती है। जैसे–गाय दूध देती है। मोहन पढ़ता है।
1 जब किसी पद में ‘यमक’ |
भेद
अभिधा शब्द शक्ति के तीन भेद होते हैं-
रूढ़ि : जब शब्द समुदाय-रूप में अर्थ का बोध कराए तो रूढ़ि होगीडॉ. राजवंश सहाय 'हीरा' भारतीय साहित्यशास्त्र कोश २००९ बिहार हिन्दी ग्रंथ अकादमी पटना ९२ इसमें शब्द के एक ही अर्थ का बोध होता है, जैसे-पौधा।
यौगिक : इसमें शब्द के अवयव से उसके अर्थ का बोध होता है। ये अवयव ही शब्द का सही अर्थ जानने में सहायक होते हैं। जैसे- 'भूपति', इसमें भू का अर्थ 'पृथ्वी' होगा तथा पति का अर्थ स्वामी होगा। किंतु इन अवयवों को मिला देने से 'भूपति' का अर्थ 'राजा' होगा।डॉ. राजवंश सहाय 'हीरा' भारतीय साहित्यशास्त्र कोश २००९ बिहार हिन्दी ग्रंथ अकादमी पटना ९२
योगरूढ़ि' : जब किसी शब्द का अर्थ उसके समूह की सहायता से प्राप्त हो तथा वह शब्द उसी अर्थ के लिए रूढ़ हो चुका हो, वहाँ अभिधा की योगरूढ़ि शक्ति का प्रयोग किया जाता है। जैसे- 'दशानन' शब्द दस सिर वाले 'रावण' के लिए रूढ़ हो चुका है।
अभिधा शब्द शक्ति से जिन शब्दों का अर्थ बोध होता है ; वे तीन प्रकार के होते हैं –
1 रूढ़ 2 यौगिक 3 योगरूढ़
1. रूढ़ शब्द – जिन शब्दों के खंड न हो , सम्पूर्ण शब्दों का एक ही अर्थ प्रकट हो , उन्हें रूढ़ शब्द कहते हैं | जैसे –
पेड़ , हाथी , मेज , कलम आदि |
2. यौगिक शब्द – प्रत्यय ,कृदन्त , समास इत्यादि के संयोग से बने वे शब्द , जो समुदाय के अर्थ का बोध कराते हैं , उन्हें यौगिक शब्द कहते हैं | जैसे –
महेश , दिवाकर , पाठशाला आदि |
3. योगरूढ़ शब्द – जो शब्द यौगिक की प्रक्रिया से बने हों किन्तु उनका एक निश्चित अर्थ रूढ़ हो गया हो , उन्हें योगरूढ़ शब्द कहते हैं | जैसे –
जलज , गणनायक इत्यादि |
इन्हें भी देखें
लक्षणा
व्यंजना
बाहरी कड़ियाँ
काव्य का लक्ष्य (हिन्दी समय)
काव्य में शब्द–शक्तियों का प्रयोग
शब्द शक्ति संबंधी भारतीय और पाश्चात्य अवधारणा तथा हिन्दी काव्यशास्त्र
सन्दर्भ
श्रेणी:भारतीय काव्यशास्त्र
श्रेणी:व्याकरण
श्रेणी:भाषा-विज्ञान