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दिल की धमनी का रोग
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दिल की धमनी का रोग Blausen 0259 CoronaryArteryDisease 02.png चित्र में दो धमनियों को दर्शाया गया है: बाईं ओर वाली सामान्य धमनी है और दाईं ओर वाली एथेरोस्क्लेरोटिक कोरोनरी धमनी रोग से ग्रसित है। हृदयशास्त्र, कार्डियोथोरेसिक सर्जरी आर्टेरियोस्क्लेरोटिक हृदय रोग, एथेरोस्क्लेरोटिक हृदय रोग,Coronary heart disease – causes, symptoms, prevention https://www.southerncross.co.nz/AboutTheGroup/HealthResources/MedicalLibrary/tabid/178/vw/1/ItemID/191 https://web.archive.org/web/20140303085351/https://www.southerncross.co.nz/AboutTheGroup/HealthResources/MedicalLibrary/tabid/178/vw/1/ItemID/191/ 3 मार्च 2014 सदर्न क्रॉस हेल्थकेयर ग्रुप 15 सितंबर 2013 एथेरोस्क्लेरोटिक संवहनी रोग, फैक्सन डीपी, क्रेगर एमए, स्मिथ एससी, पास्टर्नक आरसी, ओलिन जेडब्ल्यू, बेटमैन एमए, एट अल। Atherosclerotic Vascular Disease Conference: Executive summary: Atherosclerotic Vascular Disease Conference proceeding for healthcare professionals from a special writing group of the American Heart Association सर्कुलेशन 109 21 2595–604 जून 2004 15173041 10.1161/01.CIR.0000128517.52533.DB free कोरोनरी हृदय रोग। सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ हृदय विफलन, असामान्य हृदय लय, हृदयाघात, कार्डियोजेनिक शॉक, पूर्णहृदरोध हृदय की धमनियों का एथेरोस्क्लेरोसिस उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, मधुमेह, व्यायाम की कमी, मोटापा, उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल इलैक्ट्रोकार्डियोग्राफी, कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट, कोरोनरी कंप्यूटेड टोमोग्राफिक एंजियोग्राफी, कोरोनरी एंजियोग्राम स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना, धूम्रपान न करना परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन (पीसीआई), हृदय धमनी बाईपास सर्जरी (सीएबीजी) एस्पिरिन, बीटा ब्लॉकर्स, नाइट्रोग्लिसरीन, स्टेटिन 110 मिलियन (2015) 8.9 मिलियन (2015)
कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी), जिसे कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) अथवा इस्केमिक हृदय रोग (आईएचडी) भी कहा जाता है, भाटिया एसके Biomaterials for clinical applications 2010 स्प्रिंगर न्यूयॉर्क 978-1-4419-6920-0 23 https://books.google.com/books?id=bXtaX468LRYC&pg=PA23 Online-Ausg. live https://web.archive.org/web/20170110081809/https://books.google.com/books?id=bXtaX468LRYC&pg=PA23 10 जनवरी 2017 हृदय रोगों का एक प्रमुख और अत्यंत सामान्य रूप है। इस रोग में हृदय की कोरोनरी धमनियों की भीतरी दीवारों पर वसायुक्त पदार्थ, कोलेस्ट्रॉल तथा अन्य घटकों से निर्मित वसायुक्त पट्टिकाएँ धीरे-धीरे जमा होने लगती हैं। इन जमावों के कारण धमनियाँ संकरी और कठोर हो जाती हैं, जिससे हृदय की मांसपेशियों तक पहुँचने वाला रक्त और इसके साथ पहुँचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है।Ischemic Heart Disease https://www.nhlbi.nih.gov/health/coronary-heart-disease राष्ट्रीय हृदय, फेफड़े और रक्त संस्थान (एनएचएलबीआई) 2 फरवरी 2019 परिणामस्वरूप हृदय को अपनी सामान्य रूप से काम करने में कठिनाई होने लगती है।
कोरोनरी धमनी रोग विश्वभर में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोगों का सबसे सामान्य प्रकार माना जाता हैमरे क्रिस्टोफर जे.एल. जनवरी 2015 Global, regional, and national age-sex specific all-cause and cause-specific mortality for 240 causes of death, 1990–2013: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2013 लैंसेट 385 9963 117–71 10.1016/S0140-6736(14)61682-2 4340604 25530442 और यह अनेक गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके परिणामस्वरूप रोगी को स्थिर एनजाइना, अस्थिर एनजाइना, हृदयपेशीय इस्कीमिया तथा हृदयाघात (मायोकार्डियल इन्फार्क्शन) जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि धमनियों में अवरोध अत्यधिक बढ़ जाए, तो हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता, जिससे ऊतकों को क्षति पहुँच सकती है और जानलेवा स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए कोरोनरी धमनी रोग की समय पर पहचान, उचित उपचार तथा जोखिम कारकों का नियंत्रण हृदय स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
कोरोनरी धमनी रोग का सबसे सामान्य लक्षण एनजाइना होता है, जो सीने में दर्द, दबाव अथवा असहजता के रूप में महसूस होता है। यह दर्द प्रायः केवल छाती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कंधों, भुजाओं, पीठ, गर्दन अथवा जबड़े तक भी फैल सकता है। कुछ व्यक्तियों को यह अनुभूति सीने में जलन या भारीपन जैसी प्रतीत होती है। स्थिर एनजाइना की स्थिति में ये लक्षण सामान्यतः शारीरिक परिश्रम, व्यायाम अथवा भावनात्मक तनाव के दौरान उत्पन्न होते हैं, कुछ मिनटों तक बने रहते हैं और विश्राम करने पर प्रायः समाप्त हो जाते हैं।
इस रोग से पीड़ित व्यक्तियों में श्वास लेने में कठिनाई या सांस फूलने की शिकायत भी हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में रोग लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी बढ़ता रहता है।What Are the Signs and Symptoms of Coronary Heart Disease? http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/signs 23 फरवरी 2015 29 सितंबर 2014 https://web.archive.org/web/20150224034615/http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/signs 24 फरवरी 2015 ऐसे व्यक्तियों में कोरोनरी धमनी रोग का पहला संकेत सीधे हृदयाघात के रूप में सामने आ सकता है। इसके अतिरिक्त, रोग के बढ़ने पर हृदय की पंप करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय विफलता विकसित हो सकती है। हृदय की विद्युत गतिविधि में गड़बड़ी उत्पन्न होने से असामान्य हृदय धड़कनें (अतालता) भी विकसित हो सकती हैं, जो कुछ परिस्थितियों में गंभीर और जीवन-घातक सिद्ध हो सकती हैं।Coronary Artery Disease (CAD) https://www.cdc.gov/heartdisease/coronary_ad.htm 23 फरवरी 2015 12 मार्च 2013 live https://web.archive.org/web/20150302152003/http://www.cdc.gov/heartdisease/coronary_ad.htm 2 मार्च 2015
कोरोनरी धमनी रोग के विकास में अनेक जोखिम कारक योगदान देते हैं। इनमें उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, मधुमेह, नियमित शारीरिक गतिविधि का अभाव, मोटापा, रक्त में कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, अस्वास्थ्यकर आहार, अवसाद तथा अत्यधिक मदिरापान प्रमुख हैं। मेंडिस एस, पुस्का पी, नॉरविंग बी 2011 Global atlas on cardiovascular disease prevention and control विश्व स्वास्थ्य संगठन 10665/44701 978-92-4-156437-3 3–18 मेहता पी.के., वेई जे, वेंगर एन.के. Ischemic heart disease in women: a focus on risk factors कार्डियोवैस्कुलर मेडिसिन में रुझान 25 2 140–51 फरवरी 2015 25453985 4336825 10.1016/j.tcm.2014.10.005 चार्लसन एफजे, मोरन एई, फ्रीडमैन जी, नॉर्मन आरई, स्टेपलबर्ग एनजे, बैक्सटर एजे, एट अल। The contribution of major depression to the global burden of ischemic heart disease: a comparative risk assessment BMC Medicine 11 250 नवंबर 2013 24274053 4222499 10.1186/1741-7015-11-250 free ये सभी कारक धमनियों में वसायुक्त पट्टिकाओं के निर्माण को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे समय के साथ हृदय को रक्त की आपूर्ति प्रभावित होने लगती है।
इस रोग के निदान के लिए विभिन्न परीक्षणों का सहारा लिया जाता है। इनमें विद्युतहृदलेख (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम), हृदय तनाव परीक्षण, कोरोनरी संगणकीय टोमोग्राफिक एंजियोग्राफी, जैवचिह्नकों—विशेषकर उच्च-संवेदनशीलता हृदय ट्रोपोनिन—की जाँच तथा कोरोनरी एंजियोग्राम प्रमुख हैं।How Is Coronary Heart Disease Diagnosed? http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/diagnosis 25 फरवरी 2015 29 सितंबर 2014 https://web.archive.org/web/20150224070406/http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/diagnosis 24 फरवरी 2015 बायर्न आरए, रोसेलो एक्स, कॉफ़लान जेजे, बारबाटो ई, बेरी सी, चिएफ़ो ए, एट अल. 2023 ESC Guidelines for the management of acute coronary syndromes यूर हार्ट जे . 44 38 3720–3826 अक्टूबर 2023 37622654 10.1093/eurheartj/ehad191 10281/525681 free ये परीक्षण हृदय की कार्यप्रणाली, रक्त प्रवाह तथा धमनियों में अवरोध की स्थिति जाँचने में मदद करते हैं।
कोरोनरी धमनी रोग के जोखिम को कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन, नियमित व्यायाम, स्वस्थ शारीरिक भार बनाए रखना तथा धूम्रपान से परहेज़ करना इसके प्रमुख निवारक उपाय हैं।ग्रुंडी एसएम, स्टोन एनजे, बेली एएल, बीम सी, बिर्टचर केके, ब्लुमेंथल आरएस, ब्रौन एलटी, डी फेरेंटी एस, फाईला-टोमासिनो जे, फोरमैन डीई, गोल्डबर्ग आर, हेडेनरिच पीए, हलात्की एमए, जोन्स डीडब्ल्यू, लॉयड-जोन्स डी 2019-06-25 2018 Guideline on the Management of Blood Cholesterol: A Report of the American College of Cardiology/American Heart Association Task Force on Clinical Practice Guidelines जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी en 73 24 e285–e350 10.1016/j.jacc.2018.11.003 30423393 53303792 0735-1097 free 20.500.12749/1738 free इसके अतिरिक्त, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल अथवा उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों को इन स्थितियों के नियंत्रण हेतु औषधियाँ दी जा सकती हैं।How Can Coronary Heart Disease Be Prevented or Delayed? http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/prevention 25 फरवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150224105151/http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/prevention 24 फरवरी 2015 हालांकि, ऐसे व्यक्तियों में जो किसी प्रकार के लक्षण प्रदर्शित नहीं करते और जिनमें रोग का जोखिम कम होता है, देसाई सीएस, ब्लुमेंथल आरएस, ग्रीनलैंड पी Screening low-risk individuals for coronary artery disease करंट एथेरोस्क्लेरोसिस रिपोर्ट्स 16 4 402 April 2014 24522859 10.1007/s11883-014-0402-8 39392260 नियमित जाँच के माध्यम से प्रारंभिक पहचान की उपयोगिता के समर्थन में अभी सीमित वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हैं।
उपचार की दृष्टि से भी वही उपाय महत्वपूर्ण हैं जो रोग की रोकथाम के लिए अपनाए जाते हैं। बोडेन डब्ल्यूई, फ्रैंकलिन बी, बेरा के, हास्केल डब्ल्यूएल, कैल्फास केजे, ज़िम्मरमैन एफएच, वेंगर एनके Exercise as a therapeutic intervention in patients with stable ischemic heart disease: an underfilled prescription https://archive.org/details/sim_american-journal-of-medicine_2014-10_127_10/page/905 द अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिसिन 127 10 905–11 अक्टूबर 2014 24844736 10.1016/j.amjmed.2014.05.007 आवश्यकता पड़ने पर प्रतिपट्टिका औषधियाँ (जैसे एस्पिरिन), बीटा अवरोधक तथा नाइट्रोग्लिसरीन जैसी दवाएँ दी जा सकती हैं, जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने और लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं। अधिक गंभीर अवस्थाओं में त्वचा-मार्गी कोरोनरी हस्तक्षेप (पीसीआई) अथवा कोरोनरी धमनी बाईपास शल्यक्रिया (सीएबीजी) जैसी प्रक्रियाओं का सहारा लिया जाता है, जिनका उद्देश्य अवरुद्ध धमनियों में रक्त प्रवाह को पुनः स्थापित करना होता है।How Is Coronary Heart Disease Treated? http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/treatment 25 फरवरी 2015 29 सितंबर 2014 https://web.archive.org/web/20150224093945/http://www.nhlbi.nih.gov/health/health-topics/topics/cad/treatment 24 फरवरी 2015 डेब एस, विजेसुंदरा एचसी, को डीटी, त्सुबोटा एच, हिल एस, फ्रेम्स एसई Coronary artery bypass graft surgery vs percutaneous interventions in coronary revascularization: a systematic review https://archive.org/details/sim_jama_2013-11-20_310_19/page/2086 JAMA 310 19 2086–95 नवंबर 2013 24240936 10.1001/jama.2013.281718 free तथापि, स्थिर कोरोनरी धमनी रोग से ग्रस्त व्यक्तियों में यह अभी पूर्णतः स्पष्ट नहीं है कि मानक उपचार के अतिरिक्त पीसीआई या सीएबीजी से दीर्घकालिक जीवन प्रत्याशा में वृद्धि होती है अथवा हृदयाघात के जोखिम में उल्लेखनीय कमी आती है। रेज़ेंडे पीसी, स्कुडेलर टीएल, दा कोस्टा एलएम, ह्यूब डब्ल्यू Conservative strategy for treatment of stable coronary artery disease वर्ल्ड जर्नल ऑफ क्लिनिकल केसेस 3 2 163–70 फरवरी 2015 25685763 4317610 10.12998/wjcc.v3.i2.163 free
वर्ष 2015 में अनुमानतः 11 करोड़ से अधिक लोग कोरोनरी धमनी रोग से प्रभावित थे, जबकि लगभग 89 लाख लोगों की मृत्यु इस रोग के कारण हुई। वोस टी, एलन सी, अरोरा एम, बार्बर आरएम, भुट्टा जेडए, ब्राउन ए, एट अल. GBD 2015 Disease and Injury Incidence and Prevalence Collaborators Global, regional, and national incidence, prevalence, and years lived with disability for 310 diseases and injuries, 1990–2015: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2015 लैंसेट 388 10053 1545–1602 अक्टूबर 2016 27733282 5055577 10.1016/S0140-6736(16)31678-6 वांग एच, नाघवी एम, एलन सी, बार्बर आरएम, भुट्टा जेडए, कार्टर ए, एट अल. GBD 2015 Mortality and Causes of Death Collaborators Global, regional, and national life expectancy, all-cause mortality, and cause-specific mortality for 249 causes of death, 1980–2015: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2015 लैंसेट 388 10053 1459–1544 अक्टूबर 2016 27733281 5388903 10.1016/S0140-6736(16)31012-1 इस प्रकार, यह वैश्विक स्तर पर होने वाली कुल मृत्यु का लगभग 15.6 प्रतिशत भाग था, जिससे यह विश्व में मृत्यु के सबसे प्रमुख कारणों में से एक बन गया। कोरोनरी धमनी रोग का व्यापक प्रभाव न केवल जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, बल्कि स्वास्थ्य प्रणालियों और अर्थव्यवस्थाओं पर भी महत्वपूर्ण बोझ डालता है।
यद्यपि यह रोग आज भी विश्वव्यापी चिंता का विषय बना हुआ है, मोरन एई, फोरोज़नफ़र एमएच, रोथ जीए, मेन्सा जीए, एज़्ज़ती एम, मरे सीजे, नाघवी एम Temporal trends in ischemic heart disease mortality in 21 world regions, 1980 to 2010: the Global Burden of Disease 2010 study सर्कुलेशन 129 14 1483–92 अप्रैल 2014 24573352 4181359 10.1161/circulationaha.113.004042 1980 से 2010 के बीच, विशेषकर विकसित देशों में, किसी निश्चित आयु वर्ग के लोगों में कोरोनरी धमनी रोग से होने वाली मृत्यु के जोखिम में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। मोरन एई, फोरोज़नफ़र एमएच, रोथ जीए, मेन्साह जीए, एज़्ज़ती एम, फ्लैक्समैन ए, एट अल. The global burden of ischemic heart disease in 1990 and 2010: the Global Burden of Disease 2010 study सर्कुलेशन 129 14 1493–1501 अप्रैल 2014 24573351 4181601 10.1161/circulationaha.113.004046 इस सुधार का श्रेय मुख्यतः बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं, शीघ्र निदान, प्रभावी औषधीय उपचारों तथा जोखिम कारकों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दिया जाता है। इसी अवधि में, समान आयु समूहों में इस रोग के कुल मामलों की संख्या में भी गिरावट देखी गई।
संयुक्त राज्य अमेरिका में वर्ष 2010 के आँकड़ों के अनुसार, 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग पाँचवें हिस्से के लोगों में कोरोनरी धमनी रोग पाया गया। वहीं, 45 से 64 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 7 प्रतिशत तथा 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.3 प्रतिशत लोग इस रोग से प्रभावित थे। आयु के अतिरिक्त, लिंग भी इस रोग की व्यापकता को प्रभावित करता है; समान आयु वर्ग में पुरुषों में कोरोनरी धमनी रोग की दर सामान्यतः महिलाओं की तुलना में अधिक पाई गई है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) Prevalence of coronary heart disease – United States, 2006–2010 एमएमडब्ल्यूआर। रुग्णता और मृत्यु दर साप्ताहिक रिपोर्ट 60 40 1377–81 अक्टूबर 2011 21993341 https://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/mm6040a1.htm यह प्रवृत्ति जैविक, हार्मोनल तथा जीवनशैली से संबंधित विभिन्न कारकों से प्रभावित मानी जाती है।
सन्दर्भ
श्रेणी:हृदय रोग