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हिजड़ा व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण का अधिनियम, 2019

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हिजड़ा व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण का अधिनियम, 2019The Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 100 Emblem of India An Act to provide for protection of rights of transgender persons and their welfare and for matters connected therewith and incidental thereto. Act No. 40 of 2019 भारत भारतीय संसद 5 अगस्त 2019 26 नवम्बर 2019 5 दिसम्बर 2019 5 दिसम्बर 2019 10 जनवरी 2020 The Transgender Persons (Protection of Rights) Bill, 2019 Bill No. 169 of 2019 19 July 2019 Minister for Social Justice and Empowerment 5 August 2019 43rd Report by Standing Committee on Social Justice and Empowerment, July 2017 The Transgender Persons (Protection of Rights) Bill, 2018 The Transgender Persons (Protection of Rights) Bill, 2016The Rights of Transgender Persons Bill, 2014 In force हिजड़ा व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण का अधिनियम, 2019 हिजड़ा लोगों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके कल्याण और अन्य संबंधित मामलों को प्रदान करने के उद्देश्य से भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम है। https://link.springer.com/book/10.1007/978-3-030-96386-6 Transgender India: Understanding Third Gender Identities and Experiences Springer 2022 978-3-030-96385-9 Vakoch Douglas A. Douglas Vakoch Cham, Switzerland 10.1007/978-3-030-96386-6 हिजड़ा व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण के विधेयक, 2018 की चूक के आलोक में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत द्वारा 19 जुलाई 2019 को संसद के निचले सदन लोकसभा में यह अधिनियम पेश किया गया था। (2016 का विधेयक संख्या 210-सी)। 2019 अधिनियम और तत्काल पूर्ववर्ती 2018 बिल, दोनों 2016 के संस्करण से पहले थे। उन्हें भारत में कुछ हिजड़ा लोगों, वकीलों और कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध और आलोचना का सामना करना पड़ा। 2016 के बिल को एक स्थायी समिति को भेजा गया था जिसने जुलाई 2017 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके बाद, लोकसभा ने दिसंबर 2018 में बिल का एक नया संस्करण पेश किया और पारित किया। हालांकि, इसमें समिति की कई सिफारिशों को शामिल नहीं किया गया था। यद्यपि विपक्ष के सदस्यों ने इस अधिनियम की आलोचना की और कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि वे इसके पक्ष में मतदान नहीं करेंगे, फिर भी इसे 5 अगस्त 2019 को लोकसभा और संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा द्वारा 26 नवंबर 2019 को पारित कर दिया गया। भारत केराष्ट्रपति ने 5 दिसंबर 2019 को इस पर अपनी सहमति दे दी, जिस पर यह अधिनियम भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ। उसी दिन राजपत्र में इसकी अधिसूचना के बाद 10 जनवरी 2020 से यह प्रभावी हो गया सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019जून 2025 InternetArchiveBot