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ग़ज़वा ए ज़ातुल क़रद
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गज्वए ज़ातुल क़रद September 627AD, 4th month 6AH or 12th month of 6AH Dhu Qarad As follows:
Abdur Rahman Uyanah bin Hisn Al-Fazari loots Muhammad's milch camels
Muhammad and his companions chase after the thieves and get half their goods back Salamah ibn al-Akwa Abdur Rahman Uyanah bin Hisn Al-Fazari 500-700 Muslims assembled, only 8 sent 40 horsemen 4 killed 4 killed
गज्वए ज़ातुल क़रद या ग़ज़वा ए ज़ी क़रद (अंग्रेज़ी: Expedition of Dhu Qarad
एक प्रारंभिक इस्लामी अभियान था जो इस्लामिक कैलेंडर के सितंबर, 627AD, 6AH में हुआ था, कुछ विद्वानों का कहना है कि यह 6AH के 12 वें महीने में ख़ैबर की लड़ाई से ठीक पहले हुआ था। मुहम्मद के ग़ज़वा ए बनू लहयान की लड़ाई से मदीना लौटने के कुछ दिनों बाद,अब्दुर रहमान उयानाह बिन हसन अल-फ़ज़ारी के नेतृत्व में घटफ़ान के सशस्त्र लोगों के एक दल ने शहर के बाहरी इलाके में चरागाह पर छापा मारा था।
विवरण
मदीने के क़रीब "जातुल क़रद" एक चरागाह का नाम है जहाँ हुजूर की ऊंटनियाँ चरती थीं। अब्दुर्रहमान बिन उसैना फज़ारी ने जो कबिला गुतुफान से तअल्लुक रखता था अपने चन्द आदमियों के साथ इस चरागाह पर छापा माराऔर बीस ऊंटनियों को पकड़ कर ले भागे। मशहूर तीर अन्दाज सहाबी सलमह बिन अक्वा से पहले इस की ख़बर मालूम हुई। इन्हों ने इस ख़तरे का एलान करने के लिये बुलन्द आवाज से येह नारा मारा कि "या सबाहा " फिर अकेले ही उन डाकूओं के तआकुब में दौड़ पड़े और उन डाकूओं को तीर मार मार कर तमाम ऊंटनियों को भी छीन लिया और वो भागते हुए जो तीस चादरें फेंकते गए थे उन चादरों पर भी कब्जा 'कर लिया। इस के बाद मुहम्मद लश्कर ले कर पहुंचे। हजरत सलमह बिन अक्वा ने अर्ज किया कि या रसूलल्लाह मैं ने उन छापामारों को अभी तक पानी नहीं पीने दिया है। यह सब प्यासे हैं। इन लोगों के तआकुल में लश्कर भेज दीजिये तो यह सब गरिफ्तार हो जाएंगे आप ने इरशाद फ़रमाया कि तुम अपनी ऊंटनियों के मालिक हो चुके हो। अब उन लोगों के साथ नमीं का बरताव करो। फिर हुजूर ने हजरते सलमह बिन अक्वा को अपने ऊंट के पीछे बिठा लिया और मदीने वापस तशरीफ़ लाए।गज्वए जातुल क़रद, पुस्तक 'सीरते मुस्तफा', शैखुल हदीस मौलाना अब्दुल मुस्तफ़ा आज़मी, पृष्ट 379 https://archive.org/details/Misbahi_Library_File_No__927__/page/n375/mode/2up
मुहम्मद ने 500-700 लड़ाके एकत्र किए, लेकिन 8 घुड़सवारों को भेजकर पीछा किया। केवल 40 दुश्मन घुड़सवार शामिल थे, और लूटे गए मुसलमानों में 20 दूध देने वाले ऊंट थे। आधे ऊंट बरामद कर लिए गए, और ऐसा करते हुए, मुसलमानों ने हमलावरों में से 4 को मार डाला, जबकि उनके अपने आदमियों का वही नुकसान हुआ। Watt, W. Montgomery Montgomery Watt https://books.google.com/books?id=GfAGAQAAIAAJ Muhammad at Medina Oxford University Press 1956 978-0-19-577307-1 42 Then there was the raid on Muhammad's private herd of camels by 'Uyaynah b. Hisn al-Fazari, who was doubtless annoyed because Muhammad had broken off negotiations with him over the withdrawal of Ghatafan. The raid was a small affair. Only 40 enemy horsemen were involved, and the booty was only 20 milking camels; 8 Muslims pursued on horseback, recovered half the camels, and killed 4 of the raiders for the loss of i of their own number. (free online)When the Moon Split https://books.google.com/books?id=xJL6gxPUV4EC&pg=PA228 Saifur Rahman Al Mubarakpuri 2002 DarusSalam 978-9960-897-28-8 228
सराया और ग़ज़वात
अंगूठाकार|
अरबी शब्द ग़ज़वा Ghazwa https://en.wiktionary.org/wiki/ghazwa इस्लाम के पैग़ंबर के उन अभियानों को कहते हैं जिन मुहिम या लड़ाईयों में उन्होंने शरीक होकर नेतृत्व किया,इसका बहुवचन है गज़वात, जिन मुहिम में किसी सहाबा को ज़िम्मेदार बनाकर भेजा और स्वयं नेतृत्व करते रहे उन अभियानों को सरियाह(सरिय्या) या सिरया कहते हैं, इसका बहुवचन सराया है।siryah https://en.wiktionary.org/wiki/siryah#English
ग़ज़वात और सराया की तफसील, पुस्तक: मर्दाने अरब, पृष्ट ६२] https://archive.org/details/mardane-arab-hindi-volume-no.-1/page/n32/mode/1up
इन्हें भी देखें
सरिय्या खालिद बिन वलीद (दूमतुल जन्दल)
ख़ालिद बिन वलीद
मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
मुहम्मद के अभियानों की सूची
ग़ज़वा ए दूमतुल जन्दल
सन्दर्भ
श्रेणी:मुहम्मद
श्रेणी:इस्लाम
श्रेणी:इस्लाम का इतिहास
श्रेणी:अरब इतिहास
श्रेणी:मुस्लिम विजय
बाहरी कड़ियाँ
Ar Raheeq Al Makhtum – The Sealed Nectar ( Biography Of The Noble Prophet)
अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ), पैगंबर की जीवनी (प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित पुस्तक), हिंदी (Pdf)
Ghazwat Un Nabi By Professor Noor Bakhsh (Urdu Pdf