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411 समाचार
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मधुमाला चट्टोपाध्याय

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मधुमाला चट्टोपाध्याय bn মধুমালা চট্টোপাধ্যায় 1961 03 16 yes शिबपुर, कोलकाता, भारत कलकत्ता विश्वविद्यालय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय मानववैज्ञानिकमधुमाला चट्टोपाध्याय या मधुमाला चटर्जी (bn মধুমালা চট্টোপাধ্যায়; जन्म: १६ मार्च १९६१) एक भारतीय मानववैज्ञानिक हैं, जिनका विशिष्ट अध्ययन क्षेत्र अण्डमान‑निकोबार द्वीपसमूह के आदिवासी समुदाय हैं।https://www.latestly.com/technology/science/meet-madhumala-chattopadhyay-first-indian-anthropologist-woman-who-had-a-friendly-encounter-with-sentinelese-tribe-of-andaman-514577.html Meet Madhumala Chattopadhyay, First Indian Anthropologist Woman Who Had a Friendly Encounter With Sentinelese Tribe of Andaman 30 November 2018 30 November 2018https://theprint.in/opinion/madhumala-chattopadhyay-the-woman-who-made-the-sentinelese-put-their-arrows-down/156330/ Madhumala Chattopadhyay, the woman who made the Sentinelese put their arrows down Sudipto Sengupta 2018 ThePrint 30 November 2018 १९९१ में वे तथा उनके सहकर्मी सेंटिनली समुदाय के साथ शांतिपूर्ण संपर्क स्थापित करने वाले द्वितीय बाहरी दल के सदस्य बने।The woman who made 'friendly contact' with Andaman's Sentinelese 4 December 2018 News Point Gale OneFile प्रारम्भिक जीवन तथा शिक्षण चट्टोपाध्याय का पालन‑पोषण पश्चिम बंगाल के कोलकाता नगर के समीप स्थित शिबपुर उपनगर में हुआ। उनके पिता दक्षिण‑पूर्वी रेलवे में लेखा अधिकारी थे। उनकी माता का नाम प्रनोति चट्टोपाध्याय था। बारह वर्ष की आयु में ही उनका ध्यान अण्डमान द्वीपसमूह के आदिवासी समुदायों की ओर आकृष्ट हुआ। उन्होंने शिबपुर स्थित भवानी बालिका विद्यालय से शिक्षा पूर्ण की। तत्पश्चात् कलकत्ता विश्वविद्यालय से मानवशास्त्र में सम्मान सहित विज्ञान स्नातक उपाधि प्राप्त की। उनका शोध‑प्रबन्ध “अण्डमान के आदिम निवासियों में आनुवंशिक अध्ययन” विषय पर था। उन्होंने अण्डमान द्वीपसमूह की जनजातियों पर क्षेत्रीय अध्ययन करने हेतु भारतीय मानववैज्ञानिक सर्वेक्षण (AnSI) में पीएच.डी. छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया। अंततः उन्होंने अण्डमान की जनजातियों पर ही अपना पीएच.डी. शोध पूर्ण किया। प्रारम्भ में AnSI उन्हें छात्रवृत्ति देने में संकोच कर रहा था, क्योंकि वे एक महिला थीं और क्षेत्रीय कार्य के दौरान संभावित जोखिमों को लेकर संस्था चिंतित थी; तथापि उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक अभिलेख को देखते हुए छात्रवृत्ति प्रदान की गई।The woman who made 'friendly contact' with Andaman's Sentinelese 4 December 2018 News Point Gale OneFile क्षेत्रीय कार्य अण्डमान द्वीपसमूह में क्षेत्रीय कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व भारतीय मानववैज्ञानिक सर्वेक्षण ने उनसे तथा उनके माता‑पिता से यह लिखित घोषणा करवाई कि वे असंपर्कित समुदायों के साथ कार्य के जोखिमों से अवगत हैं तथा किसी दुर्घटना की स्थिति में शासन को उत्तरदायी नहीं ठहराएँगे। उन्होंने लगभग छह वर्ष अण्डमान‑निकोबार की विविध जनजातियों पर अनुसंधान किया। उनका अंतिम अण्डमान प्रवास वर्ष १९९९ में हुआ। सेंटिनली समुदाय से संपर्क ४ जनवरी १९९१ को चट्टोपाध्याय उस दल का हिस्सा थीं जिसने अण्डमान के सेंटिनली समुदाय से प्रथम शांतिपूर्ण संपर्क स्थापित किया। वे उनसे संपर्क करने वाली प्रथम महिला बाहरी व्यक्ति भी थीं। उस समय वे भारतीय मानववैज्ञानिक सर्वेक्षण में शोध सहयोगी थीं। स्थानीय प्रशासन के पोत एम.वी. तर्मुगली के सहयोग से वे उत्तर सेंटिनल द्वीप पहुँचीं। वे १३ सदस्यीय दल का हिस्सा थीं। प्रमुख सदस्य थे—https://www.hindustantimes.com/india-news/the-woman-who-made-friendly-contact-with-andaman-s-sentinelese/story-7Dt1VPjZXEpvEWWQY8Mu2M.html The woman who made friendly contact with Andaman's Sentinelese Dhamini Ratnam 4 December 2018 Hindustan Times en 2018-12-04 एस. अवराड़ी (निदेशक, जनजातीय कल्याण, अण्डमान‑निकोबार प्रशासन) – दलप्रमुख अरुण मलिक – चिकित्साधिकारी मधुमाला चट्टोपाध्याय – दल की मानववैज्ञानिक दल ने एक छोटी नाव से द्वीप के समीप जाकर समुद्र में नारियल डालकर संपर्क प्रारम्भ किया। कुछ सशस्त्र सेंटिनली पुरुष जल में उतरकर नारियल लेने लगे। नारियल समाप्त होने पर दल मुख्य पोत पर लौट आया। दूसरी बार लौटने पर एक युवक ने चट्टोपाध्याय पर धनुष तान दिया, परन्तु एक सेंटिनली महिला ने उसे हथियार नीचे रखने को कहा। दल पीछे हट गया। तीसरी बार लौटने पर चट्टोपाध्याय तथा उनके सहकर्मी जल में उतरकर स्वयं नारियल सौंपने लगे। दल के एक सदस्य द्वारा खींचे गए चित्र व्यापक रूप से प्रकाशित हुए और सेंटिनली समुदाय के प्रति जन‑मानस की धारणाओं में परिवर्तन लाए।Schönhuth Michael 2019 Dead missionaries, wild Sentinelese: An anthropological review of a global media event Anthropology Today 35 4 3–6 10.1111/1467-8322.12514 201413913 free उसी वर्ष २१ फ़रवरी को एक बड़ा दल पुनः गया और सफल संपर्क स्थापित हुआ। कुछ सेंटिनली सदस्य बिना हथियारों के दल के समीप आए, पोत पर चढ़े और नारियल ले गए। चट्टोपाध्याय ने बाद में कहा— “आप सोचते हैं कि आप उन्हें अध्ययन करने जाते हैं, पर वास्तव में वे ही आपको अध्ययन करते हैं। आप उनके भूभाग में एक बाहरी व्यक्ति होते हैं।” उन्होंने यह भी कहा— “अण्डमान की जनजातियों के साथ छह वर्षों के एकाकी क्षेत्रीय कार्य में किसी पुरुष ने कभी अनुचित व्यवहार नहीं किया। तकनीकी दृष्टि से वे भले ही आदिम हों, पर सामाजिक दृष्टि से वे हमसे कहीं आगे हैं।”The woman who made 'friendly contact' with Andaman's Sentinelese 4 December 2018 News Point Gale OneFile बाद में भारत सरकार ने बाहरी संपर्क पर प्रतिबन्ध लगा दिया, क्योंकि बार‑बार के संपर्क से रोग फैलने की आशंका थी।https://www.nationalgeographic.com/premium/article/first-woman-chattopadhyay-contact-sentinelese-andaman Meet the first woman to contact one of the world's most isolated tribes Fehmida Zakeer 7 December 2018 National Geographic https://web.archive.org/web/20200410190413/https://api.nationalgeographic.com/distribution/public/amp/culture/2018/12/first-woman-chattopadhyay-contact-sentinelese-andaman 10 April 2020 dead कई दशक बाद नेशनल जिओग्रैफ़िक​ पत्रिका को दिए साक्षात्कार में उन्होंने सेंटिनली समुदाय से आगे संपर्क के प्रयासों को हतोत्साहित किया। उनका मत था कि ये समुदाय सदियों से स्वतंत्र रूप से रहते आए हैं और उन्हें बाहरी हस्तक्षेप से अधिक हानि होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटिश शासनकाल में अण्डमान के लोगों ने अत्यधिक कष्ट झेले, अतः भारतीयों को वही भूल दोहराकर सेंटिनली समुदाय को मुख्यधारा में सम्मिलित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।https://www.nationalgeographic.com/premium/article/first-woman-chattopadhyay-contact-sentinelese-andaman Meet the first woman to contact one of the world's most isolated tribes Fehmida Zakeer 7 December 2018 National Geographic https://web.archive.org/web/20200410190413/https://api.nationalgeographic.com/distribution/public/amp/culture/2018/12/first-woman-chattopadhyay-contact-sentinelese-andaman 10 April 2020 dead आओंग (जड़वा) समुदाय के साथ कार्य १९९१ में चट्टोपाध्याय उस दल में सम्मिलित थीं जिसने आओंग समुदाय से संपर्क किया। १९७५ में भारत सरकार ने आओंग समुदाय से मैत्रीपूर्ण संपर्क स्थापित किया था, परन्तु पूर्व घटनाओं के कारण महिलाओं को संपर्क दल में सम्मिलित नहीं किया जाता था। १९९१ में उन्हें दल में सम्मिलित किया गया, पर वे छोटी नाव पर ही रहीं जबकि पुरुष सदस्य तट पर गए। तट पर उपस्थित आओंग महिलाएँ उन्हें बुलाने लगीं। चट्टोपाध्याय को ओंगन भाषाओं का कुछ ज्ञान था, अतः वे उनकी बातें समझ सकीं। जब वे तट के समीप पहुँचीं, पाँच पुरुष और एक महिला नाव पर चढ़ आए। आओंग महिला उनके समीप बैठी और चट्टोपाध्याय ने उसे आलिंगन किया। तट पर और महिलाएँ उनसे मिलने आईं।Friends with tribe, a childhood wish Boishakhi Dutt 3 January 2019 The Telegraph [Kolkata] Gale OneFilehttps://theprint.in/opinion/madhumala-chattopadhyay-the-woman-who-made-the-sentinelese-put-their-arrows-down/156330/ Madhumala Chattopadhyay, the woman who made the Sentinelese put their arrows down Sudipto Sengupta 2018 ThePrint 30 November 2018 कई यात्राओं में उनका आओंग महिलाओं से स्नेहपूर्ण संबंध विकसित हुआ। उन्हें उनके घरों में बुलाया गया, भोजन दिया गया, बच्चों के साथ खेलने को कहा गया और छोटे उपहार दिए गए। उन्होंने भी दैनिक कार्यों में उनकी सहायता की। १९९१ से १९९९ के बीच उन्होंने लगभग आठ बार आओंग समुदाय का दौरा किया।https://theprint.in/opinion/madhumala-chattopadhyay-the-woman-who-made-the-sentinelese-put-their-arrows-down/156330/ Madhumala Chattopadhyay, the woman who made the Sentinelese put their arrows down Sudipto Sengupta 2018 ThePrint 30 November 2018The woman who made 'friendly contact' with Andaman's Sentinelese 4 December 2018 News Point Gale OneFile ओंगे समुदाय के साथ कार्य ओंगे समुदाय उन्हें देबोतबेती अर्थात् “वैद्य” के रूप में जानता था। वे उनके स्वास्थ्य की जाँच करतीं और अनुसंधान हेतु रक्त‑नमूने लेतीं। न्यूज़ीलैण्ड की मानववैज्ञानिक सीता वेंकटेश्वर ने लिखा कि चट्टोपाध्याय प्रायः स्वयं को चिकित्सकीय भूमिका में रखती थीं। वे ओंगे भाषा भी बोलती हैं।https://theprint.in/opinion/madhumala-chattopadhyay-the-woman-who-made-the-sentinelese-put-their-arrows-down/156330/ Madhumala Chattopadhyay, the woman who made the Sentinelese put their arrows down Sudipto Sengupta 2018 ThePrint 30 November 2018Friends with tribe, a childhood wish Boishakhi Dutt 3 January 2019 The Telegraph [Kolkata] Gale OneFile कार निकोबार में कार्य चट्टोपाध्याय ने कार निकोबार द्वीप पर दो स्वदेशी समूहों, शोम्पेन और निकोबारी के साथ भी काम किया है।Sentinelese in shadows: Clear and Present Danger 4 December 2018 HT Digital Streams Ltd India Blooms Gale OneFileThe woman who made 'friendly contact' with Andaman's Sentinelese 4 December 2018 News Point Gale OneFile"The woman who made 'friendly contact' with Andaman's Sentinelese". उनकी पुस्तक “ट्राइब्स ऑफ कार निकोबार” तथा उनके शोध‑पत्र विश्वभर के विश्वविद्यालयों में मानक संदर्भ‑ग्रन्थ के रूप में प्रयुक्त होते हैं।https://theprint.in/opinion/madhumala-chattopadhyay-the-woman-who-made-the-sentinelese-put-their-arrows-down/156330/ Madhumala Chattopadhyay, the woman who made the Sentinelese put their arrows down Sudipto Sengupta 2018 ThePrint 30 November 2018 उत्तरकालीन जीवन २०१५ के अनुसार मधुमाला चट्टोपाध्याय भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में कार्यरत थीं और नई दिल्ली में निवास करती थीं। उनका कार्य अब कार्यालय‑आधारित है, क्षेत्रीय कार्य से रहित।https://theprint.in/opinion/whats-christianity-to-those-who-pray-to-sky-sea-says-first-woman-to-contact-sentinelese/156801/ What's Christianity to those who pray to sky & sea, says first woman to contact Sentinelese Madhumala Chattopadhyay 2018 ThePrint 30 November 2018 उत्तर सेंटिनल द्वीप पर एक अमेरिकी मिशनरी की अवैध यात्रा और उसके पश्चात् हुई मृत्यु के बाद उन्होंने २०१८ में कहा कि वे ऐसे प्रयासों का समर्थन नहीं करतीं। उनका कथन था— “सेंटिनली तथा अन्य जनजातियों को किसी धर्म के दबाव में लाने की आवश्यकता नहीं है; ऐसा करने से वे और अधिक प्रतिकूल हो जाएँगे।”https://theprint.in/opinion/whats-christianity-to-those-who-pray-to-sky-sea-says-first-woman-to-contact-sentinelese/156801/ What's Christianity to those who pray to sky & sea, says first woman to contact Sentinelese Madhumala Chattopadhyay 2018 ThePrint 30 November 2018 सन्दर्भ श्रेणी:1961 में जन्मे लोग श्रेणी:कोलकाता के लोग श्रेणी:जीवित लोग