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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

भारतीय काकड़

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भारतीय काकड़Indian muntjac LC IUCN3.1 Timmins, R.J., Duckworth, J.W., Hedges, S., Pattanavibool, A., Steinmetz, R., Semiadi, G., Tyson, M. & Boeadi 2008 42190 Muntiacus muntjak 5 अप्रैल 2009 Database entry includes a brief justification of why this species is of least concern. Barking Deer - Kolkata 2011-05-03 2429.JPG 250px भारतीय काकड़ जंतु कौरडेटा (Chordata) स्तनधारी (Mammalia) आर्टियोडैकटिला (Artiodactyla) सर्विडाए (Cervidae) सर्विनाए (Cervinae) मुंटिएकस (Muntiacus) मुंटिएकस मुंटाऐकM. muntjak Muntiacus muntjak ज़िमरमैन, 1780 Muntjac distribution map.gif भौगोलिक विस्तार उपजातियाँ 15 परिभाषित उपजातियाँ भारतीय काकड़ (Indian muntjac), जिसे लाल काकड़ (Red muntjac) और भौंकता हिरण (Barking deer) काकड़ हिरण की एक जीववैज्ञानिक जाति है। यह भारत और दक्षिणपूर्वी एशिया में मिलती है।Kurt, Fred (1990). "Muntjac Deer". Grzimek's Encyclopedia of Mammals. 5 (1 ed.). St. Louis: McGraw-Hill.Nowak, Ronald M. (1999), "Muntjacs, or Barking Deer", Walker's Mammals of the World (6 ed.), Baltimore: The Johns Hopkins University Press विवरण भारतीय काकड़ काकड़ की सबसे ज़्यादा पाई जाने वाली जाति है। इसके बाल छोटे और मुलायम होते हैं। बालों का रंग भूरा या स्लेटी होता है और कभी-कभी उनमें सफ़ेदी भी झलकती है। इस जाति को सर्वभक्षी की संज्ञा दी गयी है क्योंकि यह फल, कोमल टहनी, बीज, चिड़िया के अण्डे, छोटे जीव और यहाँ तक की जानवरों के शव भी खाता है। काकड़ को जंगल में बाघ जैसे बड़े परभक्षी जानवरों की उपस्थिति का आभास अन्य हिरणों की तुलना में सबसे पहले होता है और आभास होने पर यह जो ध्वनि निकालता है वह भोंकने के समान होती है, इसीलिए इसको अंग्रेज़ी में बार्किंग डियर भी कहते हैं। यह जाति काकड़ की ११ ज्ञात जातियों में से एक है और एशिया के कई भागों में फैली हुयी है। विशेषतः यह दक्षिणी एशिया में विस्तृत रूप से पाया जाता है फिर भी एशिया का सबसे कम जाने जाना वाले जानवरों में से एक है। जीवाश्मिक प्रमाण बताते हैं कि यह कम-से-कम १२,००० वर्षों से धरती में है। तब से इसने दक्षिणी एशिया में आखेट, भोजन तथा खाल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नर भारतीय काकड़ के छोटे सींग होते हैं जिसकी एक ही शाखा होती है और जो लगभग १५ से.मी. तक लंबे हो जाते हैं। हर वर्ष यह उसके सिर पर हड्डीनुमा गांठ से प्रस्फुटित होते हैं। नर अपने क्षेत्र रक्षण के मामले में अत्यधिक संवेदनशील होते हैं तथा अपने आकार के विपरीत काफ़ी उग्र हो सकते हैं। वह क्षेत्र रक्षण के लिए एक दूसरे से काफ़ी संघर्ष करते हैं और अपने सींग के अलावा बाहर निकले हुये ऊपरी श्वानदन्तों का अधिक प्रयोग करते हैं तथा अपने बचाव के लिए ढोल जैसे परभक्षी से भी भिड़ने का माद्दा रखते हैं। इन्हें भी देखें काकड़ हिरण सन्दर्भ श्रेणी:काकड़ श्रेणी:भारत के स्तनधारी श्रेणी:भूटान के स्तनधारी श्रेणी:बांग्लादेश के स्तनधारी श्रेणी:श्रीलंका के स्तनधारी श्रेणी:चीन के स्तनधारी श्रेणी:बर्मा के स्तनधारी श्रेणी:इण्डोनेशिया के स्तनधारी श्रेणी:मलेशिया के स्तनधारी श्रेणी:वियतनाम के स्तनधारी श्रेणी:लाओस के स्तनधारी श्रेणी:कम्बोडिया के स्तनधारी