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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

जानकी अम्मा

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जस्टिस पी जानकी अम्मा Justice Janaki Amma.jpg जस्टिस पी जानकी अम्मा  जानकी   1920 Thrissur 2005 1920 केरल भारतीय न्यायधीश केरल हाई कोर्ट  Second woman to be a Judge of High Court in India Second woman to be a Judge of High Court in India आनरेबल जस्टिस  30 मई 1974 से 22 अप्रैल 1982 Hinduन्याय जानकी अम्मा (1920-2005), जिसे जस्टिस पी जानकी अम्मा, केरल उच्च न्यायालय की एक पूर्व न्यायाधीश थी। वह केरल के त्रिशूर जिले के एक गांव में पैदा हुई थी। उसे अपने जीवन के अधिकांश एरनाकुलम में रहते बतीत किया। 30 मई 1974 को उसे केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किये  जानी वाली वह भारत की दूसरी महिला थी। 22 अप्रैल 1982 तक उसने एक न्यायाधीश के रूप में सेवा की राजनीतिक जीवन अंगूठाकार|200x200पिक्सेल|केरल उच्च न्यायालय के एक कार्य दिवस का दृश्य 1940-44 की अवधि के दौरान वह स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय थीं वह अध्ययन पूरा करने के बाद कोचीन प्रजा मंडलम में शामिल हो गई और बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गई। वह त्रावणकोर-कोचीन के नगर की पहली महिला अध्यक्ष थी। अप्रैल 1953 से मार्च 1956 तक उन्होंने एरनाकुलम नगर परिषद की अध्यक्षता की। न्यायिक सेवा.=- में शामिल होने के बाद उसने सक्रिय राजनीति छोड़ दी थी।  न्यायपालिका उस ने अपना कानूनी कैरियर पैनपल्ली गोविंदा मेनन के एक कनिष्ठ अधिवक्ता के रूप में शुरू किया और बाद में उन्हें उच्च न्यायालय में पदोन्नति से पहले कोजिक्कोड, टेलिकेशरी और मांजारी के जिला और सैसन न्यायाधीश के रूप में जिला मैजिस्ट्रेट के रूप में सेवा प्रदान की। जांच / जांच आयोग केरल उच्च न्यायालय से रिटायर होने के बाद वह न्यायपालिका के क्षेत्र में बहुत सक्रिय रही। 1983 में, राज्य सरकार ने उन्हें वीपीन शराब त्रासदी की जांच के लिए नियुक्त किया था जिसने कई लोगों को मार डाला था। उनकी सिफारिशों के आधार पर, सरकार ने आबकारी अधिनियम की धारा 57 (ए) में संशोधन किया। इस अनुभाग में शराब के विलोपन की रोकथाम का प्रावधान है कि हानिकारक पदार्थों की मिलावट मानव जीवन को खतरे में डाल सकती हैं या मनुष्य को गंभीर चोट पहुंचा सकती है। धारा के तहत, प्रवर्तन अधिकारियों, अगर घातक पदार्थों के साथ शराब की मिलावट को रोकने के लिए उचित सावधानी नहीं लेने के दोषी पाए गए हैं, तो उन्हें अधिकतम आयु का कारावास और रु. 50,000 के जुर्माने की सज़ा हो सकती है। सन्दर्भ श्रेणी:1920 में जन्मे लोग श्रेणी:2005 में निधन