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411 समाचार
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हरिश्चंद्र घाट

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250px|अंगूठाकार|हरिश्चंद्र घाट पर अंत्येष्टि वाराणसी के सभी घाट बहुत ही मनोरम हैं। परन्तु कुछ घाटों का पौराणिक दृष्टि से विशेष महत्व है उनमें से " हरिश्चंद्र घाट " भी उल्लेखनीय है। यह घाट मैसूर घाट एवं गंगा घाटों के मध्य में स्थित है। हरिश्चंद्र घाट पर http://www.booking.com/landmark/in/harishchandra-ghat.html संग्रहीत प्रति 14 दिसंबर 2015 https://web.archive.org/web/20151222100122/http://www.booking.com/landmark/in/harishchandra-ghat.html 22 दिसंबर 2015 dead 22 दिसंबर 2015 https://web.archive.org/web/20151222100122/http://www.booking.com/landmark/in/harishchandra-ghat.html हिन्दुओं के अंतिम संस्कार रात-दिन किए जाते हैं। हरिश्चंद्र घाट के समीप में काशी नरेश ने बहुत भव्य भवन " डोम राजा " के निवास हेतु दान किया थ।। यह परिवार स्वयं को पौराणिक काल में वर्णित "कालू डोम " का वंशज मानता है। हरिश्चंद्र घाट पर चिता के अंतिम संस्कार हेतु सभी सामान लकड़ी कफ़न धूप राल इत्यादि की समुचित व्यवस्था है। इस घाट पर राजा http://www.varanasicity.com/harishchandra-ghat.html संग्रहीत प्रति 14 दिसंबर 2015 https://web.archive.org/web/20160305073124/http://www.varanasicity.com/harishchandra-ghat.html 5 मार्च 2016 dead 5 मार्च 2016 https://web.archive.org/web/20160305073124/http://www.varanasicity.com/harishchandra-ghat.html हरिश्चंद्र माता तारामती एवं रोहताश्व का बहुत पुरातन मंदिर है साथ में एक शिव मंदिर भी है। आधुनिकता के युग में यहाँ एक विद्युत शवदाह भी है,परन्तु इसका प्रयोग कम ही लोग करते हैं। बाबा कालू राम ऐवं बाबा किनाराम जी ने अघोर सिद्धी प्राप्ति के लिऐ यहीं शिव मंदिर पर निशा आराधना की थी। कहा जाता है बाबा किनाराम जी ने सर्वेश्वरी मंत्र की सिद्धी हरिश्चंद्र घाट पर प्राप्त की थी। वर्ष 2020 की होली से चिता भस्म होली की शुरूआत हुई जो इससे पहले केवल मणिकर्णिका घाट पर ही प्रचलित थी । हरिश्चन्द्र घाट पर वाराणसी के साथ ही आसपास के स्थान से भी शव को अंतिम संस्कार के लिए लाते हैं जिस कारण यहाँ शव का प्रमाण पत्र यहाँ नहीं दिया जाता है|वर्तमान समय में पूर्ण रुप से विद्युत शव दाह के लिए नवीनीकरण किया जा रहा है | सन्दर्भ श्रेणी:वाराणसी के दर्शनीय स्थल श्रेणी:वाराणसी के घाट श्रेणी:गंगा घाट श्रेणी:काशी श्रेणी:राजा हरिशचंद्र