411 REFERENCE · Wikipedia
गंगानाथ झा
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
गंगानाथ झा Ganganath Jha.png 25 दिसम्बर 1872 Sarisab-Pahi, मधुबनी जिला, बिहार 9 नवम्बर 1941 प्रयागराज, भारत संस्कृत के विद्वान, दार्शनिक
महामहोपाध्याय सर गंगानाथ झा (१५ सितंबर १८७२ - ९ नवम्बर, १९४१) संस्कृत, हिन्दी, मैथिली एवं अंग्रेजी के विद्वान, तिब्बतविद् दार्शनिक एवं शिक्षाशास्त्री थे। वे हिंदी साहित्य सम्मेलन के सभापति भी हुए। उनके अनेक स्मारकों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का 'गंगानाथ झा रिसर्च इंस्टीट्यूट' (स्थापित 17 नवम्बर 1943) प्रमुख है।
परिचय
दरभंगा जिले के पंडित तीर्थनाथ झा मैथिल ब्राह्मणों की श्रोत्रिय शाखा के एक धर्मनिष्ठ विद्वान् ब्राह्मण थे जिनका विवाह दरभंगा नरेश के परिवार की एक सुसंस्कृत कन्या के साथ हुआ। इस दंपति के 15 सितंबर 1872 को एक अत्यंत मेधावी गंगानाथ नामक पुत्र हुआ। युवा गंगानाथ ने मैथिली, हिंदी और संस्कृत में पारंगतता पाई और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम॰ए॰ किया। 18 वर्ष की अवस्था में ही उन्होंने संस्कृत में "कतिपयदिवसोद्गमप्ररोह" पद्यात्मक ग्रंथ लिखकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और तदतंतर "पूर्वमीमांसा के प्रभाकरमत" का मौलिक अनुसंधान लिखकर प्रयाग विश्वविद्यालय की "डी॰लिट" एवं बाद में अगाध पांडित्य से "महामहोपाध्याय", विद्यासागर और "एल॰एल॰डी॰" उपाधियों से समादृत "महामहोपाध्याय डॉ॰ गंगानाथ झा" नाम से प्रख्यात हुए। आर्य संस्कारों में परिवर्धित सादे जीवन और उच्च विचारों की प्रतिपूर्ति डॉ॰ झा ने 1920 तक म्योर सेन्ट्रल कॉलेज प्रयाग का संस्कृताध्यक्ष रहकर शिष्यों की भक्ति तथा विद्वानों का अपूर्व सम्मान प्राप्त किया। उसी वर्ष वे क्वींस ओरिएंटल संस्कृत कालेज बनारस के प्रथम भारतीय प्रिंसिपल नियुक्त हुए। 1923 ई॰ में डॉ॰ झा पुनरसंगठित इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रथम निर्वाचित कुलपति हुए और लगातार चुनावों के फलस्वरूप 1932 तक उपकुलपतित्व का दक्षतापूर्ण निर्वाह किया। इस अभ्यंतर में कुछ समय वे प्रान्तीय लेजिस्लेटिव काउंसिल के मनोनीत सदस्य भी रहे।
संस्कृत के दुरूह दर्शन ग्रंथों का अंग्रेजी में साधिकार भाषांतर कर के डॉ॰ झा ने अंग्रेजी का भंडार भरने के अलावा भारतीय विचारों को पाश्चात्य देशों में सुलभ किया जिसके विषय में प्रोफेसर ऑटो स्ट्रास की प्रशस्ति है कि "हम सब के लिए जो प्राचीन भारत के दर्शनशास्त्रों को हृदयंगम करना चाहते हैं आप सच्चे उपाध्याय हैं। मीमांसा, न्याय और वेदांत पर आपकी कृतियों के बिना मैं अपनी रचनाएँ नहीं कर सकता था" (झा कमेमोरेशन वॉल्यूम)। सर जार्ज ग्रियर्सन का यह कथन कि "डॉ॰ झा की विद्वत्ता का आदर जितना मैं करता हूँ उससे अधिक दूसरा नहीं और न मुझ से अधिक अन्य कोई उनके लेखों के लिए जिनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है कृतज्ञ है।" (वही पुस्तक)।
कृतियाँ
18 वर्ष की अवस्था से आजीवन सरस्वती की आराधना करते हुए मनीषी झा ने अपनी निम्नांकित कृतियों द्वारा मैथिली, हिन्दी, संस्कृत और अंग्रेजी को चिरऋणी बनाया है:
मौलिक रचनाएँ
संस्कृत: कतिपयदिवसोद्गमप्ररोह:; बेला महात्म्यम्; भक्ति कल्लोलिनी; भावबोधिनी; खद्योत (वात्स्यायन न्याय भाष्य टीका); मीमांसामंडनम्; और प्रभाकारप्रदीप।
हिंदी : वैशेषिकदर्पण; न्यायप्रकाश; कविरहस्य; पटना यूनिवर्सिटी रीडरशिप लेक्चर्स ऑन हिंदू लॉ।
मैथिली: वेदांतदीपिका
अंग्रेजी : प्रभाकर स्कूल ऑव पूर्वमीमांसा; साधोलाल लेक्चर्स ऑन न्याय; फिलासॉफिकल डिसिप्लिन (कमला लेक्चर्स, कलकत्ता यूनिवर्सिटी); हिदू लॉ इन इट्स सोर्सेज, 2 भागों में; शंकराचार्य ऐंड हिज़ वर्क फ़ॉर द अप्लिफ्ट ऑव द कंट्री, पूर्वमीमांसा ऑव जैमिनि।
अनूदित
विज्ञान भिक्षु का योगसारसंग्रह; मम्मट का काव्यप्रकाश; वाचस्पतिमिश्र कृत सांख्यतत्वकौमुदी; शांकर भाष्य छांदोग्योपनिषत्; श्लोकवार्तिक कुमारिल; योगसूत्रभाष्य व्यास; तर्कभाषा केशव मिश्र; काव्यालंकारवृति वामनकृत; खंडनखंडखाद्य; अद्वैतसिद्धि: मधुसूदन सरस्वती; विद्यारण्यकृत विवरणप्रमेयसंग्रह; न्याससूत्रभाष्य और वार्तिक 4 खंड; प्रशस्तपादभाष्य न्यायकंदली सहित; जैमिनीय पूर्वमीमांसा सूत्र; मेधातिथि-सभाष्य मनुस्मृति; तंत्रवार्तिक कुमारिल; मीमांसा सूत्र भाष्य: शबर; तत्वसंग्रह: शांतरक्षित; विवाद चितापणि: वाचस्पति मिश्र।
संपादित (संस्कृत)
कविकरपतिका शंकर कवि; प्रायश्चित्त कदंब (गोपाल न्यायपंचानन) पंचीकरण सवार्तिक: शंकराचार्य; विवरण और तत्वचंद्रिका अमृतोदय: आपदेव; वादि विनोद: शंकर मिश्र; भावनाविवेक: मंडन मिश्र; न्यायकलिका: जयंतभट्ट; न्यायसूत्र जलाशयोत्सर्गपद्धति; तंत्ररत्न, मनुभाष्य-मेधातिथि।
अंग्रेजी : इंडियन थॉट, भाग 1- 11
सम्मान एवं पुरस्कार
एशियाटिक सोसायटी के मानद फेलो (Honorary Fellow), १९२४
कैम्पबेल स्मारक स्वर्ण पदक, रॉयल सोसायटी की मुम्बई शाखा, 1935
Knight Bachelor, 1941 Birthday Honours List
इन्हें भी देखें
गंगानाथ झा अनुसंधान संस्थान, प्रयाग
बाहरी कड़ियाँ
गंगानाथ झा (गूगल पुस्तक ; लेखक - हेतुकर झा)
श्लोकवार्त्तिक (अंग्रेजी अनुवाद- गङ्गानाथ झा, १९०९)
सन्दर्भ
श्रेणी:संस्कृत विद्वान
श्रेणी:1872 में जन्मे लोग