Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल (ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया)

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

इन्हें भी देखें: अप्रारूपिक त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल (अटिपिकल ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया) Trigeminal neuralgia Gray778.png Detailed view of trigeminal nerve, shown in yellow. 13363 G 50 0 g 50, G44.847 350.1 emerg 617 D014277 त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल (टीएन), टिक डूलूरेक्सRapini, Ronald P.; Bolognia, Jean L.; Jorizzo, Joseph L. Dermatology: 2-Volume Set Mosby St. Louis 2007 101 1-4160-2999-0 (जिसे ललाट शूल के नाम से भी जाना जाता है) एक तंत्रिकाविकृति विकार है जिसे चेहरे में होने वाले अत्यधिक दर्द के प्रसंगों द्वारा अभिलक्ष्यित किया जाता है। एक या दो त्रिपृष्ठी तंत्रिकाओं में उत्पन्न होने वाले इस दर्द को चेहरे के एक तरफ और इसके साथ-साथ इनमें से किसी या सभी में महसूस किया जा सकता है: कान, आंख, होंठ, नाक, खोपड़ी, ललाट, बायीं तर्जनी, दांत, या जबड़ा;Bayer DB, Stenger TG Trigeminal neuralgia: an overview Oral Surg. Oral Med. Oral Pathol. 48 5 393–9 1979 226915 10.1016/0030-4220(79)90064-1 इस पर काबू पाना या इसे ठीक करना आसान नहीं है।सट्टा सरमाह (2008). "तंत्रिका विकार का दर्द इतना बुरा है की इसे 'आत्महत्या' का रोग कहा जाता है। मेडिल रिपोर्ट शिकागो . http://news.medill.northwestern.edu/chicago/news.aspx?id=79817 https://web.archive.org/web/20110930161655/http://news.medill.northwestern.edu/chicago/news.aspx?id=79817 30 सितंबर 2011 अनुमान है कि 15,000 लोगों में एक त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल से पीड़ित हैं, हालांकि लगातार ग़लत रोग-निदान के कारण वास्तविक आंकड़ा काफी अधिक हो सकता है। अधिकांश मामलों में, टीएन (TN) के लक्षण 50 वर्ष की उम्र के बाद दिखाई देने लगते हैं, हालांकि ऐसे भी कुछ मामले सामने आए हैं जिनमें रोगियों की कम से कम उम्र तीन साल थी। यह ज्यादातर महिलाओं में होता है। Bloom R Emily Garland: A young girl's painful problem took more than a year to diagnose http://www.tna-support.org/newlook/sgl_files/library/newsletters/middletenn/2005%20November-December%20web%20pages.pdf PDF 9 अगस्त 2010 https://web.archive.org/web/20070929002414/http://www.tna-support.org/newlook/sgl_files/library/newsletters/middletenn/2005%20November-December%20web%20pages.pdf 29 सितंबर 2007 dead . टीएन की वजह से छूरा घोंपने जैसा और दिमाग को सुन्न कर देने वाला दर्द होने लगता है; ऐसा प्रभावित क्षेत्र के छू जाने से हो सकता है, लेकिन कई रोगियों में यह दर्द बिना किसी स्पष्ट उत्तेजना के अनायास ही उत्पन्न होने लगता है। ठंडी हवा, अत्यधिक पीच वाली ध्वनि, बहुत ज्यादा शोर, जैसे - संगीत कार्यक्रम या भीड़ से उत्पन्न होने वाली ध्वनि, चबाने और बात करने से हालत और खराब हो सकती है। यहां तक कि मुस्कुराने, दुपट्टा ओंधने, या चेहरे की तरफ हवा या बाल को महसूस करने से भी जो दर्द होता है उसे सहना बहुत मुश्किल हो सकता है। चूंकि इस अत्यधिक दर्द पर आम तौर पर इलाज की कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं होती है, इसलिए इन मामलों में आत्महत्या एक बहुत ही आम प्रतिक्रिया है।http://news.medill.northwestern.edu/chicago/news.aspx?id=79817 संग्रहीत प्रति 9 अगस्त 2010 https://web.archive.org/web/20110930161655/http://news.medill.northwestern.edu/chicago/news.aspx?id=79817 30 सितंबर 2011 dead http://timesofindia.indiatimes.com/city/kolkata-/Beating-suicide-disease-with-hi-tech-cure/articleshow/6153277.cms संग्रहीत प्रति 9 अगस्त 2010 https://web.archive.org/web/20160325040559/http://timesofindia.indiatimes.com/city/kolkata-/Beating-suicide-disease-with-hi-tech-cure/articleshow/6153277.cms 25 मार्च 2016 live गौरतलब है कि बालीवुड अभिनेता सलमान खान को भी यह बीमारी थी जिसके लिए उन्होंने सर्जरी कराई थी।https://www.bhaskar.com/news/LIF-HNB-infog-salman-khans-deadly-disease-trigeminal-neuralgia-5630795-PHO.html इस बीमारी के कारण सुसाइड करना चाहते थे सलमान खान, जानें क्या है यह? www.bhaskar.com हिन्दी https://web.archive.org/web/20180821225026/https://www.bhaskar.com/news/LIF-HNB-infog-salman-khans-deadly-disease-trigeminal-neuralgia-5630795-PHO.html 21 अगस्त 2018 livehttps://navbharattimes.indiatimes.com/movie-masti/news-from-bollywood/salman-khan-has-suffered-painful-disease-called-trigeminal-neuralgia/articleshow/63648283.cms सलमान को है यह दुर्लभ बीमारी, होता है तेज दर्द navbharattimes.indiatimes.com हिन्दी https://web.archive.org/web/20180821224720/https://navbharattimes.indiatimes.com/movie-masti/news-from-bollywood/salman-khan-has-suffered-painful-disease-called-trigeminal-neuralgia/articleshow/63648283.cms 21 अगस्त 2018 live संकेत और लक्षण इस विकार को अत्यधिक आननी दर्द की प्रसंगों द्वारा अभिलक्ष्यित किया जाता है जो कुछ सेकण्ड से लाकर कई मिनट या घंटे रह सकता है। अत्यधिक दर्द के प्रसंग प्रवेग रूप में हो सकते हैं। दर्द की अनुभूति का वर्णन करने के लिए रोगी चहरे पर एक सतर्कता क्षेत्र का वर्णन कर सकते हैं जो इतना संवेदनशील होता है कि चूने या यहां तक कि हवा की धाराओं से भी फिर से दर्द उठ सकता है। यह जीवन शैली पर असर डालता है क्योंकि खाने, बात करने, हजामत बनाने और दांत साफ़ करने जैसी आम गतिविधियों द्वारा यह सक्रिय हो सकता है। कहा जाता है कि जिन लोगों को यह दर्द उठता है उन्हें बिजली के झटके, जलने, दबने, कुचलने, फटने या गोली दागे जाने जैसे दर्द का एहसास होता है जिसे सहना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। आम तौर पर किसी एक जगह पर उठने वाला दर्द एक समय में चहरे के एक तरफ असर डालता है जो कई सेकण्ड से कुछ मिनट तक रहता है और दिन भर में सैकड़ों बार इसकी पुनरावृत्ति होती है। यह दर्द ढीलापन के साथ चक्र में भी होता है जो महीनों यहां तक कि सालों तक रहता है। 10 से 12 प्रतिशत मामलों में द्विपक्षी, या दोनों तरफ होने वाले दर्द शामिल हैं। यह सामान्य रूप से दोनों त्रिपृष्ठी तंत्रिकाओं की समस्याओं का संकेत देता है क्योंकि एक कड़ाई से चेहरे के बायीं तरफ और दूसरा दायीं तरफ काम करता है। समय के साथ दर्द के बार-बार उठने की वजह से हालत और खराब या गंभीर हो जाती है। कई रोगियों की तंत्रिकाओं की एक शाखा में दर्द होता है, उसके बाद वर्षों बीतने पर यह दर्द तंत्रिकाओं की अन्य शाखाओं में चला जाएगा. टीएन के बाहर से दिखाई देने लायक संकेतों को कभी-कभी पुरुषों में देखा जा सकता है जो एपिसोड के ट्रिगर होने से बचाने के लिए हजामत बनाने के समय अपने चेहरे के एक क्षेत्र को जानबूझकर छोड़ सकते हैं। दर्द के बार-बार उठने से रोगी बेबस हो जाता है और दर्द उठने के डर की वजह से रोगी अपने सामान्य दैनिक कर्मों को करने में असमर्थ हो सकता है। त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल का एक भिन्नरूप भी है जिसे अप्रारूपिक त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल कहा जाता है। अप्रारूपिक त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के कुछ मामलों में रोगी को अर्धकपाली (माइग्रेन) की तरह गंभीर, अशांत अन्तर्निहित दर्द होता है और साथ में छूरा घोंपने और बिजली के झटके की तरह के दर्द का एहसास होता है। आननी दर्दBurchiel KJ A new classification for facial pain Neurosurgery 53 5 1164–6; discussion 1166–7 2003 14580284 10.1227/01.NEU.0000088806.11659.D8 http://meta.wkhealth.com/pt/pt-core/template-journal/lwwgateway/media/landingpage.htm?issn=0148-396X&volume=53&issue=5&spage=1164 9 अगस्त 2010 https://web.archive.org/web/20120215180010/http://meta.wkhealth.com/pt/pt-core/template-journal/lwwgateway/media/landingpage.htm?issn=0148-396X&volume=53&issue=5&spage=1164 15 फ़रवरी 2012 live के हाल के एक वर्गीकरण के आधार पर इस भिन्नरूप को अक्सर "त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल, प्रकार 2"http://www.ohsu.edu/facialpain/facial_pain-dx.shtml Neurological Surgery - Facial Pain Oregon Health & Science University http://web.archive.bibalex.org/web/20040812154827/http://www.ohsu.edu/facialpain/facial_pain-dx.shtml 12 अगस्त 2004 dead कहा जाता है। अन्य मामलों में, छूरा घोंपने जैसा बहुत ज्यादा दर्द बिजली के झटके के बजाय जलन या सिहरन जैसा महसूस हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द बिजली के झटके की तरह होने वाली सतंत्रिकानी, अर्धकपाली (माइग्रेन) की तरह का दर्द और जलन या सिहरननुमा दर्द का मिलाजुला रूप होता है। ऐसा भी लग सकता है जैसे कोई उबाऊ चीड़ डालने वाला दर्द असह्य होता जा रहा है। हाल ही में किए गए कुछ अध्ययनों के अनुसार एटीएन (ATN) त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल का एक आरंभिक विकास हो सकता है। कारण त्रिपृष्ठी तंत्रिका पांचवां कपालीय तंत्रिका नामक एक मिश्रित कपालीय तंत्रिका है जो जबड़े की रेखा से ऊपर चहरे से उत्पन्न होने वाले टैक्टिशन (दबाव), थर्मोसेप्शन (तापमान) और नोसिसेप्शन (दर्द) जैसे संवेदी आंकड़ों के लिए जिम्मेदार होता है; यह चबाने की क्रिया में, न कि आननी अभिव्यक्ति में, भाग लेने वाली मांसपेशियों अर्थात् चर्वण मांसपेशियों की मोटर क्रिया के लिए भी जिम्मेदार होता है। इस दर्द के संलक्षण के संभावित कारणों की व्याख्या करने के कई सिद्धांत मौजूद हैं। पहले यह माना जाता था कि खोपड़ी के अंदरूनी मुहाने से लेकर बाहरी मुहाने तक तंत्रिका संकुचित होता था; लेकिन नूतन अग्रणी अनुसन्धान इंगित करता है कि यह एक वर्धित रक्त वाहिनी - संभवतः श्रेष्ठ अनुमस्तिष्कीय धमनी - है और पोंस के साथ इसके संयोजन के पास त्रिपृष्ठी तंत्रिका के माइक्रोवैस्क्यूलेचर के खिलाफ संकुचित या स्पंदित कर देता है। इस तरह का एक संपीड़न तंत्रिका के सुरक्षात्मक माइलिन आवरण को चोट पहुंचा सकता है और तंत्रिका की अनिश्चित और अतिसक्रिय क्रियाशीलता का कारण बन सकता है। इसके फलस्वरूप तंत्रिका के काम करने वाले किसी भी क्षेत्र की थोड़ी सी भी उत्तेजना से फिर से दर्द उठ सकता है और इसके साथ ही साथ उत्तेजन समाप्त होने के बाद दर्द के संकेतों को बंद करने की तंत्रिका की क्षमता में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इस तरह का चोट शायद ही कभी धमनीविस्फार (ऐन्यूरिज्म) (रक्त वाहिनी का बहिर्वलन) द्वारा; ट्यूमर द्वारा; अनुमस्तिष्‍क एवं पोंस वेरोलाई से संबंधित कोण में एक मस्तिष्कावरक झिल्ली पुटी द्वाराBabu R, Murali R Arachnoid cyst of the cerebellopontine angle manifesting as contralateral trigeminal neuralgia: case report Neurosurgery 28 6 886–7 1991 2067614 10.1097/00006123-199106000-00018; या एक दर्दनाक घटना, जैसे - कार दुर्घटना या यहां तक कि जीभ भेदन, द्वारा उत्पन्न हो सकता है।http://www.theglobeandmail.com/servlet/story/RTGAM.20061017.wtongues1017/BNStory/specialScienceandHealth/home Tongue piercing brings on ‘suicide disease' - The Globe and Mail 2009-07-18 https://web.archive.org/web/20081221012023/http://www.theglobeandmail.com/servlet/story/RTGAM.20061017.wtongues1017/BNStory/specialScienceandHealth/home 21 दिसंबर 2008 live अधिकांश बहुकाठिन्य (मल्टिपल स्क्लेरोसिस) रोगियों (एमएस) को टीएन की शिकायत होती है, लेकिन हर टीएन रोगी को एमएस की शिकायत नहीं होती. केवल दो से चार प्रतिशत टीएन रोगियों,July 2009 ख़ास तौर पर युवा रोगियों,July 2009 को बहुकाठिन्य की शिकायत होती है, जो त्रिपृष्ठी तंत्रिका या मस्तिष्क के अन्य संबंधित भागों को क्षतिग्रस्त कर सकता है। इससे यह सिद्धांत निकलता है कि मेरुदण्डीय जटिल त्रिपृष्ठी (स्पाइनल ट्राइजेमिनल कॉम्प्लेक्स) के नष्ट होने की वजह से ऐसा होता है।Cruccu G, Biasiotta A, Di Rezze S, et al. Trigeminal neuralgia and pain related to multiple sclerosis Pain 143 3 186–91 2009 June 19171430 10.1016/j.pain.2008.12.026 http://linkinghub.elsevier.com/retrieve/pii/S0304-3959(08)00760-4 एमएस ग्रस्त और मुक्त रोगियों में एक समान त्रिपृष्ठी दर्द होता है।De Simone R, Marano E, Brescia Morra V, et al. A clinical comparison of trigeminal neuralgic pain in patients with and without underlying multiple sclerosis Neurol. Sci. 26 Suppl 2 s150–1 2005 May 15926016 10.1007/s10072-005-0431-8 उत्तरपरिसर्पी तंत्रिकाशूल (पोस्टहर्पेटिक न्यूरैल्जिया), जो दाद के बाद होता है, की वजह से इसी तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं यदि त्रिपृष्ठी तंत्रिका क्षतिग्रस्त हो जाए. जब कोई संरचनात्मक कारण नहीं होता है, तो इस संलक्षण (सिंड्रोम) को अज्ञातहेतुक कहा जाता है। उपचार स्पष्ट शारीरिक या प्रयोगशाला निदान रहित कई परिस्थितियों की वजह से दुर्भाग्यवश टीएन का कभी-कभी गलत रोग-निदान हो जाता है। कभी-कभी एक टीएन पीड़ित एक सख्त निदान से पहले कई चिकित्सकों की मदद मांग सकता है। इस बात के प्रमाण मिले हैं जो त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल (टीएन) का जल्दी से इलाज और निदान करने की जरूरत की तरफ इशारा करते हैं। लोगों का विचार है कि जितना ज्यादा दिन तक रोगी टीएन से पीड़ित रहता है, दर्द से जुड़े तंत्रिका मार्गों को बदलना उतना ही मुश्किल हो सकता है। जिन दंत चिकित्सकों को टीएन का संदेह होता है उन्हें सबसे संभव रूढ़िवादी तरीके से आगे बढ़ना चाहिए और उन्हें निष्कर्षण या अन्य प्रक्रियाओं को निष्पादित करने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि दांत की सभी संरचनाओं का "सचमुच" तालमेल हो। दवाइयां आक्षेपरोधी, त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के उपचार की एक आम रणनीति है। कार्बमेजपीन (Carbamazepine) पहली पंक्ति की दवा है; दूसरी पंक्ति की दवाओं में बैकलोफेन (baclofen), लेमोट्राइजीन (lamotrigine), ऑक्सकार्बेज़पीन (oxcarbazepine), फिनाइटोइन (phenytoin), गैबापेंटिन (gabapentin) और सोडियम वैल्प्रोएट (sodium valproate) शामिल हैं। अनियंत्रित परीक्षणों से पता चला है कि क्लोनेज़पम (Clonazepam) और लिडोकेन (lidocaine) प्रभावी हो सकते हैं। Sindrup SH. Jensen TS. Pharmacotherapy of trigeminal neuralgia. https://archive.org/details/sim_clinical-journal-of-pain_january-february-2002_18_1/page/22 Clin J Pain 18 1 22–7 11803299 10.1097/00002508-200201000-00004 2002 माना जाता है कि एमाइट्रिप्टिलीन (amytriptiline) जैसी कुछ अवसादरोधी दवाइयों की कम खुराक तंत्रिकाविकृति दर्द के इलाज में कारगर होती है, लेकिन इस विषय पर बहुत ज्यादा विवाद है और इनके इस्तेमाल को अक्सर त्रिपृष्ठी तंत्रिकाओं के दर्द की वास्तविक अनुभूति के बजाय, चिरस्थायी दर्द से जुड़े अवसाद के इलाज के लिए सीमित कर दिया जाता है। बोटोक्स (Botox) को एक चिकित्सक द्वारा तंत्रिका में पहुंचाया जा सकता है और रोगी की विशेष आवश्यकताओं के रूपांतरित "माइग्रेन" पैटर्न का इस्तेमाल करके मददगार साबित हुआ है। न्यूरोलॉजिस्ट द्वारा एक तंत्रिका-उत्तेजक के प्रत्यारोपण से भी रोगियों को राहत मिल सकती है। कई रोगी सालों तक दवाइयों को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं और एक वैकल्पिक इलाज गैबापेंटिन जैसी किसी दवा को लेना और इसे बाहर से लगाना है। इस तैयारी को दवा-विक्रेताओं (फार्मासिस्ट) द्वारा बिना किसी पूर्व तैयारी के तैयार किया जाता है। जब आदत छूटने लगती है तो एक "दवा अवकाश दिवस" लेना और यदि कोई अप्रभावी हो जाता है तो दवाओं को दोहराना भी सहायक साबित होता है। मॉर्फिन (morphine) और ऑक्सीकोडोन (oxycodone) जैसी अफीमयुक्त दवाइयों की सलाह दी जा सकती है और तंत्रिकाविकृति दर्द पर इनके कारगर होने के सबूत मिले हैं, खास तौर पर इसमें जब गैबापेंटिन मिला दिया जाता है।http://sciencelinks.jp/j-east/article/200611/000020061106A0262339.php संग्रहीत प्रति 9 अगस्त 2010 https://web.archive.org/web/20120229032811/http://sciencelinks.jp/j-east/article/200611/000020061106A0262339.php 29 फ़रवरी 2012 dead http://www.ukmicentral.nhs.uk/headline/database/story.asp?offset=200&NewsID=4098 संग्रहीत प्रति 15 जून 2020 https://web.archive.org/web/20120822103504/http://www.ukmicentral.nhs.uk/headline/database/story.asp?offset=200&NewsID=4098 22 अगस्त 2012 dead एक मामले की रिपोर्ट से पता चला कि दवा-प्रतिरोधी त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के प्रबंधन में सुमेट्रिप्टन (sumatriptan) कारगर होता है।http://jmedicalcasereports.com/jmedicalcasereports/article/view/7229/3246मई 2021 InternetArchiveBot शल्यचिकित्सा (सर्जरी) तंत्रिका (नस) पर दबाव से राहत दिलाने के लिए या मस्तिष्क (दिमाग) तक पहुंचने वाले दर्द के संकेतों का मार्ग अवरूद्ध करने के इरादे से इसे चयनात्मक ढंग से क्षतिग्रस्त करने के लिए शल्यचिकित्सा का सलाह दिया जा सकता है। प्रशिक्षित हाथों से की जाने वाली शल्यचिकित्सा के आरम्भ में 90 प्रतिशत तक सफल होने की खबर मिली है। हालांकि, यदि फिर से दर्द उठने लगता है तो कुछ रोगियों को आगे की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। पांच शल्यचिकित्सीय विकल्पों में से, सूक्ष्मरक्तवाहिनी विसंपीड़न (माइक्रोवैस्कुलर डिकम्प्रेशन), जिसे जानेटा प्रक्रियाhttp://neurosurgery.ucsf.edu/index.php/pain_treatment_त्रिपृष्ठी_तंत्रिकाशूल.html#MVDजून 2020 InternetArchiveBot के नाम से भी जाना जाता है, एकमात्र ऐसा विकल्प है जिसका लक्ष्य दर्द के प्रकल्पित कारण को निर्धारित करना है। इस प्रक्रिया में, शल्यचिकित्सक (सर्जन) खोपड़ी को कान के पीछे स्थित एक 25 mm in 0 on छिद्र के माध्यम से प्रवेश करता है। उसके बाद एक हमलावर रक्त वाहिनी के लिए तंत्रिका की छानबीन की जाती है और जब वह मिल जाता है, तो रक्त वाहिनी और तंत्रिका को एक छोटे पैड से अलग या "विसंपीड़ित" कर दिया जाता है, जो आम तौर पर टेफलन (Teflon) जैसी एक आभ्यंतरिक शल्य चिकित्सीय सामग्री से बना होता है। सफल साबित होने पर एमवीडी (MVD) प्रक्रियाओं से स्थायी तौर पर दर्द से राहत मिल सकता है और तब बहुत कम आननी संवेदनशून्यता रह जाती है या बिलकुल नहीं रहती है। तीन अन्य प्रक्रियाओं में सुई या कैथेटर का इस्तेमाल होता है जो चेहरे के माध्यम से उस स्थान में प्रवेश करता है जहां तंत्रिका पहली बार तीन भागों में बंट जाती है। गुब्बारा संपीड़न के रूप में ज्ञात एक लागत प्रभावी त्वचाप्रवेशी शल्य चिकित्सीय प्रक्रिया के इस्तेमाल से उत्कृष्ट सफलता दरों के प्राप्त होने की खबर मिली है। Natarajan M Percutaneous trigeminal ganglion balloon compression: experience in 40 patients Neurology (Neurological Society of India) 2000 48 4 330–2 11146595 इस रोग के साथ अन्य स्वास्थ्य रोगों या परिस्थितियों की वजह से जिन बुजुर्ग रोगियों की शल्य चिकित्सा नहीं की जा सकती है उनके इलाज में यह तकनीक सहायक साबित हो सकता है। गुब्बारा संपीड़न उन रोगियों के लिए भी सबसे अच्छा विकल्प होता है जिनकी आंखों की नसों में दर्द होता है या जिन्होंने सूक्ष्मरक्तवाहिनी विसंपीड़न के बाद आवर्तक दर्द का अनुभव किया हो। ग्लिसरॉल इंजेक्शन और रेडियोफ्रीक्वेंसी राइज़ोटॉमी के साथ भी इसी तरह की सफलता दर की खबर मिली है। ग्लिसरॉल इंजेक्शन वाली प्रक्रिया के तहत एक छिद्र में एक शराब की तरह के पदार्थ को प्रवेश किया जाता है जो तंत्रिका को इसके जंक्शन के पास निमज्जित कर देता है। यह तरल पदार्थ तंत्रिका के रेशों का संक्षारक है और यह तंत्रिका को जरा सा क्षतिग्रस्त कर सकता है जो गुमराह दर्द संकेतों को बाधित करने के लिए काफी होता है। एक रेडियोफ्रीक्वेंसी राइज़ोटॉमी में, शल्य चिकित्सक तंत्रिका के चयनिक भाग या भागों को गर्म करने के लिए एक इलेक्ट्रोड का उपयोग करता है। अच्छी तरह से किए जाने पर यह प्रक्रिया गुमराह दर्द उत्तेजकों के सटीक क्षेत्रों को लक्ष्यित कर सकती है और न्यूनतम संवेदनशून्यता के साथ उन्हें निष्क्रिय कर देती है। स्टीरियोटैक्टिक विकिरण चिकित्सा गामा नाइफ या एक रेखीय त्वरक आधारित विकिरण चिकित्सा (जैसे - ट्राइलॉजी, नोवालिस, साइबरनाइफ) का इस्तेमाल करके दर्द संकेत संचरण को रोकने से भी तंत्रिका क्षतिग्रस्त हो सकता है। इस प्रक्रिया में कोई चीरा शामिल नही है। यह तंत्रिका मूल पर हमला करने के लिए एकदम सटीक लक्ष्यित विकिरण का इस्तेमाल करता है, इस बार उसी स्थान पर चयनात्मक क्षति को निशाना बनाता है जहां रक्त वाहिनी संपीड़न अक्सर पाया जाता है। इस विकल्प का इस्तेमाल खास तौर पर उन लोगों के लिए किया जाता है जो चिकित्सा की दृष्टि से एक दीर्घकालिक सामान्य संवेदनाहारी के लिए अनुकूल नहीं होते हैं, या जो लोग रक्त जमाव की रोकथाम के लिए दवाइयां (जैसे - वारफरिन, हेपरिन, एस्पिरिन) ले रहे हैं। फ्रांस के मार्सिल में किए गए एक संभावित फेज़ वन परीक्षण से पता चला कि 12 महीनों में 83 प्रतिशत रोगी दर्द मुक्त हुए थे और साथ में 58 प्रतिशत रोगी दवाइयों से दर्द मुक्त हुए थे। इसके दुष्प्रभाव बहुत कम थे, 6 प्रतिशत रोगियों ने हल्की सी झुनझुनी का अनुभव किया और 4 प्रतिशत रोगियों ने हल्की सी संवेदनहीनता का अनुभव किया।Régis J, Metellus P, Hayashi M, Roussel P, Donnet A, Bille-Turc F Prospective controlled trial of gamma knife surgery for essential trigeminal neuralgia https://archive.org/details/sim_journal-of-neurosurgery_2006-06_104_6/page/913 J. Neurosurg. 104 6 913–24 2006 16776335 10.3171/jns.2006.104.6.913 त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल की शल्य चिकित्सा के लिए केवल एक भावी चिकित्सीय परीक्षण है। एक भावी सामूहिक परीक्षण में, त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के रोगियों में एक दर्द मुक्त स्थिति को प्राप्त करने और उसे बनाए रखने में सूक्ष्मरक्तवाहिनी विसंपीड़न को स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी से काफी बेहतर पाया गया है और स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी की सहायता से इलाज कराने वाले रोगियों की तुलना में इससे इलाज कराने वाले रोगियों को इसी तरह की आरंभिक और बेहतर दीर्घकालिक संतुष्टि प्राप्त हुई है।A prospective cohort study of microvascular decompression and Gamma Knife surgery in patients with trigeminal neuralgia Linskey ME, Ratanatharathorn V, Peñagaricano J. J Neurosurg 2008 109 Suppl 160–72 19123904 10.3171/JNS/2008/109/12/S25 Journal of neurosurgery 2009-11-09 त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के सामाजिक परिणाम अधिकांश टीएन से पीड़ित लोगों में कोई बाहर से दिखाई देने लायक लक्षण प्रस्तुत नहीं होते हैं, हालांकि इसके हमले के दौरान कुछ लोगों के चेहरों पर संक्षिप्त ऐंठन दिखाई दे सकते हैं। कुछ चिकित्सक, शारीरिक विषमता के बजाय मनोवैज्ञानिक जड़ की तलाश कर सकते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए सच होता है जो अप्रारूपिक टीएन से पीड़ित है, जिनमें टीएन का कोई संपीड़न नहीं हो सकता है और जिनमें रोग-निदान का एकमात्र मापदंड गंभीर दर्द (लगातार बिजली के झटके की तरह, लगातार कुचले जाने या दबाव रुपी संवेदना, या लगातार होने वाली गंभीर दर्द) की शिकायत हो सकती है और इस मामले में त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल का अभी भी अस्तित्व होता है लेकिन यह चिकित्सकों को दिखाई नहीं दे सकता है क्योंकि यह रूट कैनल, एक्सट्रैक्शन, गम सर्जरी जैसी दन्त प्रक्रिया के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली तंत्रिका द्वारा हुआ था या यह बहुकाठिन्य की एक द्वितीयक स्थिति हो सकती है। टीएन से पीड़ित कई लोग अपने घरों तक ही सीमित रहते हैं या दर्द के बार-बार उठने की वजह से काम नहीं कर पाते हैं। मित्रों और परिवार को टीएन दर्द की अत्यधिक गंभीरता से वाकिफ होना चाहिए और इसकी सीमाबद्धताओं को समझना चाहिए। हालांकि, उसी समय, टीएन के रोगी को अपने पुनर्वास प्रयासों को आगे बढ़ाने में बहुत ज्यादा सक्रिय होना चाहिए। एक दीर्घकालिक दर्द सहायता समूह में दाखिला लेने या एक-एक करके परामर्श मांगने से टीएन के रोगी को इस नवप्राप्त दुःख के साथ सामंजस्य स्थापित करने के तरीकों को सीखने में मदद मिल सकती है। जहां तक किसी दीर्घकालिक दर्द संलक्षण का सवाल है, नैदानिक अवसाद के स्थापित होने की सम्भावना रहती है, विशेष रूप से कम उम्र के रोगियों में जिनके दीर्घकालिक दर्द का अक्सर लापरवाही से इलाज किया जाता है। मित्रों और परिवार के साथ-साथ चिकित्सकों को भी व्यव्हार में आने वाले तीव्र परिवर्तन के संकेतों के प्रति सावधान रहना चाहिए और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाना चाहिए। टीएन के पीड़ित लोगों को लगातार धीरज बंधाते रहना चाहिए कि इसके इलाज के विकल्प मौजूद हैं। अन्य जीभ-भेदन से जुड़े त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के एक मामले में, गहने को हटा लेने के बाद हालत में सुधार होता है। Gazzeri R Mercuri, S. & Galarza M. Atypical trigeminal neuralgia associated with tongue piercing https://archive.org/details/sim_jama_2006-10-18_296_15/page/1840 JAMA 2006 296 15 1840–1 17047213 10.1001/jama.296.15.1840-b कुछ रोगियों ने दन्त कार्य और उनके त्रिपृष्ठी नसों के दर्द की शुरुआत के बीच एक सम्बन्ध होने की खबर दी है। हाल ही में, कुछ शोधकर्ताओं ने टीएन जैसे तंत्रिकाविकृति दर्द और उदर गह्वर सम्बन्धी रोग के बीच के लिंक की छानबीन की है।November 2008 उल्लेखनीय मामले ऑस्ट्रेलियाई लेखक कॉलीन मैककुलफ को त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल है और जनवरी 2010 में उन्होंने सर्जिकल उपचार कराया है।http://www.news.com.au/story/0,27574,26413015-421,00.html संग्रहीत प्रति 1 दिसंबर 2009 https://web.archive.org/web/20091201015028/http://www.news.com.au/story/0,27574,26413015-421,00.html 1 दिसंबर 2009 live उच्च प्रोफ़ाइल वाले उद्यमी और लेखक, मेलिसा सेमूर का 2009 में त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल का निदान किया गया और उन्होंने सूक्ष्मरक्तवाहिनी विसंपीड़न शल्य चिकित्सा का सहारा लिया जिस पर पत्रिकाओं और अख़बारों ने एक वृत्तचित्र तैयार किया जिसने ऑस्ट्रेलिया में इस बीमारी के प्रति सार्वजनिक जागरूकता को बढ़ाने में मदद किया। बाद में सेमूर को ऑस्ट्रेलिया के ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया एसोसिएशन का एक संरक्षण बनाया गया।http://womansday.ninemsn.com.au/trueconfessions/truelifestories/827292/melissa-seymour-my-perfect-life-is-over संग्रहीत प्रति 9 अगस्त 2010 https://web.archive.org/web/20091214172147/http://womansday.ninemsn.com.au/trueconfessions/truelifestories/827292/melissa-seymour-my-perfect-life-is-over 14 दिसंबर 2009 dead इन्हें भी देखें त्रिपृष्ठी ट्रोफिक सिंड्रोम जॉन मूर्रे कार्नोचैन सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल एसोसिएशन https://web.archive.org/web/20110605031109/http://www.sciencedaily.com/releases/2006/04/060406231921.htm त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के लिए शल्य चिकित्सा त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल के लिए पूरी गाइड त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल उपचार trigeminalneuralgia http://facial-neuralgia.org/conditions/tn.html Trigeminal Neuralgia Facial Neuralgia Resources https://web.archive.org/web/20100505031505/http://facial-neuralgia.org/conditions/tn.html 5 मई 2010 dead http://www.fpa-support.org/ Trigeminal Neuralgia Association https://web.archive.org/web/20100823043615/http://www.fpa-support.org/ 23 अगस्त 2010 dead LivingWithTN.org TN पीड़ित के लिए सहायता समूह https://web.archive.org/web/20110807075832/http://www2.xlibris.com/bookstore/bookdisplay.aspx?bookid=18435 श्रेणी:न्यूरोसर्जरी श्रेणी:दर्द श्रेणी:तंत्रिका संबंधी विकार श्रेणी:दुर्लभ रोग श्रेणी:न्यूरोक्यूटेनियस कंडीशंस