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अनुच्छेद 355 (भारत का संविधान)

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भारत का संविधान भाग 18 अनुच्छेद 356 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी :श्रेणी:संविधान 1949 प्रकाशित अनुच्छेद 354 (भारत का संविधान) भारत के संविधान में अनुच्छेद 355 को भाग 18 में रखा गया है। https://code.mp.gov.in/WriteReadData/Pdf/Act_1950_0000_Pdf_F897_Hindi.pdf भारत का संविधान 2024-04-20 30 जून 2022 https://web.archive.org/web/20220630020316/http://code.mp.gov.in/WriteReadData/Pdf/Act_1950_0000_Pdf_F897_Hindi.pdf deadभारत के संविधान में अनुच्छेद 355 का मुख्य विषय " बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्यों की रक्षा करना संघ का कर्तव्य " है। अनुच्छेद 355 द्वारा संघ को राज्यों की सुरक्षा और रक्षा का कर्तव्य प्राप्त होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि देश बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से सुरक्षित रहे।https://www.constitutionofindia.net/articles/article-355-duty-of-the-union-to-protect-states-against-external-aggression-and-internal-disturbance/ Article 355: Duty of the Union to protect States against external aggression and internal disturbance Constitution of India en-US 2024-04-20 पृष्ठभूमि अनुच्छेद 355 में उल्लिखित है कि संघ का प्रमुख कर्तव्य है कि वह प्रत्येक राज्य को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाए। यहाँ उल्लेखनीय है कि संघ का मुख्य ध्येय है सभी राज्यों की रक्षा और सुरक्षा का आश्वासन करना।https://www.drishtiias.com/hindi/daily-news-analysis/article-355-breakdown-of-constitutional-machinery अनुच्छेद 355 और संवैधानिक तंत्र में व्यवधान Drishti IAS en 2024-04-20 अगर किसी राज्य पर बाहरी आक्रमण होता है या आंतरिक अशांति पैदा होती है, तो संघ को इसे नियंत्रित करने और सुरक्षित रखने का काम होता है। अनुच्छेद 355 यह भी सुनिश्चित करता है कि संघ को यह देखना चाहिए कि प्रत्येक राज्य अपने कानूनों और संविधान के प्रावधानों का पालन कर रहा है। अनुच्छेद 355 के तहत, केंद्र सरकार को विशेष अधिकार और प्राधिकार है ताकि वह बाहरी आक्रमण या आंतरिक अशांति के समय में राज्यों की सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर सके। अनुच्छेद 355 का मुख्य उदेश्य यह है कि केंद्र सरकार यदि किसी राज्य में गंभीर स्थिति का सामना कर रही हो तो वह उस राज्य के खास क्षेत्रों को नियंत्रित करने के लिए उपाय कर सकती है।https://indiankanoon.org/doc/490234/ भारत के संविधान का अनुच्छेद 355 Indian Kanoon 2024-04-20 अनुच्छेद 355 के पूर्ववर्ती उपयोग (1) जब भाजपा शासित राज्यों में गिरिजाघरों पर हमले हो रहे थे, तब के संसदीय कार्य मंत्री वायलार रवि ने अनुच्छेद 355 का संशोधन करके सुझाव दिया था। इस संशोधन के माध्यम से केन्द्र सरकार को राज्य के कुछ खास क्षेत्रों को नियंत्रित करने की अनुमति दी गई थी ताकि सुरक्षा की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।राष्ट्रपति शासन 2024-02-09 https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF_%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8&oldid=6062695 विकिपीडिया hi 2024-04-20 ( 2 ) मणिपुर में हालात बिगडने की स्थिति में केंद्र सरकार ने आर्टिकल 355 का प्रयोग कर मणिपुर में स्थिति को संभालने का कार्य किया।https://www.ndtv.com/india-news/article-355-a-step-away-from-presidents-rule-in-manipur-now-opposition-4910110 Article 355, A Step Away From President's Rule, In Manipur Now: Opposition NDTV.com 2024-04-20 आर्टिकल 355 के अनुसार, संघ का कर्तव्य होता है कि वह किसी भी राज्य में बाहरी आक्रमण या आंतरिक अशांति की स्थिति में सुरक्षा का काम करे।https://thewire.in/government/the-mysterious-case-of-the-imposition-of-article-355-in-manipur The Mysterious Case of the Imposition of Article 355 in Manipur The Wire en 2024-04-20 मूल पाठ यह संघ का कर्तव्य होगा कि वह प्रत्येक राज्य को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाए और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक राज्य की सरकार इस संविधान के प्रावधानों के अनुसार चल रही है।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 194 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/## It shall be the duty of the Union to protect every State against external aggression and internal disturbance and to ensure that the Government of every State is carried on in accordance with the provisions of this Constitution.भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 194 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/## इन्हें भी पढ़े राष्ट्रपति शासन मणिपुर हिंसा भारतीय संविधान संदर्भ सूची