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ताकाको नाकामोटो
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ताकाको नाकामोटो (本 たか子, 19 नवंबर, 1903 - 28 सितंबर, 1991) एक जापानी उपन्यासकार और कार्यकर्ता थीं। वह द्वितीय विश्व युद्ध से पहले सर्वहारा साहित्य लिखने के लिए जानी जाती हैं, और युद्ध के बाद वह राजनीतिक विरोध के बारे में लिखने के लिए प्रसिद्ध हुई।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
नाकामोटो का जन्म 19 नवंबर, 1903 को यामागुची प्रांत में हुआ था। उनके पिता एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर थे, जो एक मिडिल स्कूल में फिजिकल एजुकेशन पढ़ाते थे । यामागुची कोटो जोगाको से स्नातक होने के बाद वह यामागुची में प्राथमिक स्कूल के शिक्षक के रूप में काम करती थीं।https://books.google.com/books?id=R01ofNI4AWkC&newbks=0&printsec=frontcover&pg=PA51&dq=Nakamoto+Takako&hl=en Japanese Women Novelists in the 20th Century: 104 Biographies, 1900-1993 Schierbeck Sachiko Shibata Edelstein Marlene R. 1994 Museum Tusculanum Press 978-87-7289-268-9 en
पेशेवर जीवन
1927 में नाकामोटो टोक्यो चली गईं और न्योइन गीजुत्सु के लिए लिखा।https://kotobank.jp/word/%E4%B8%AD%E6%9C%AC%20%E3%81%9F%E3%81%8B%E5%AD%90-1651433 中本 たか子とは コトバンク ja 2021-11-08 dead 8 नवंबर 2021 https://web.archive.org/web/20211108044349/https://kotobank.jp/word/%E4%B8%AD%E6%9C%AC%20%E3%81%9F%E3%81%8B%E5%AD%90-1651433 टोक्यो में रहते हुए उन्होंने कपड़ा मजदूरों को रात में अपने हॉस्टल से निकलने के अधिकार के लिए हड़ताल करने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद वह कम्युनिस्ट पार्टी के साथ अपनी भागीदारी के लिए गिरफ्तार भी हुई थीं, जबकि वह आधिकारिक तौर पर 1960 के जापानी सरकार में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुए परिवर्तन के बाद तक पार्टी में शामिल नहीं हुई। इस अवधि के दौरान उन्होंने जो कहानियां लिखीं, वे अक्सर सर्वहारा साहित्य आंदोलन से जुड़ी होती हैं।https://www.pref.yamaguchi.lg.jp/ 山口県 www.pref.yamaguchi.lg.jp ja 2021-11-08 live उन्होंने 1937 में हाकुई सग्यो (白衣 作業) लिखी थी, जो महिला कैदियों के बारे में लिखी गई पहली किताबों में से एक थी।
जापानी सैन्य सरकार के दबाव में, युद्ध आंदोलन का समर्थन उत्पादन करने के लिए वह सर्वहारा साहित्य लिखने से उत्पादकता साहित्य (生産文学) लिखने की तरफ मुड़ीं। ये उपन्यास अक्सर आयरनवर्कर्स के अनुभव पर केंद्रित होते थे।
1941 में नाकामोटो ने कुरेहितो कुराहारा से शादी की। उनके दो बच्चे हुए।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नाकामोटो ने जेल में और पुलिस निगरानी में अपने अनुभवों के बारे में लिखा । उन्होंने विरोध और प्रदर्शनों के बारे में लिखना शुरू कर दिया, जैसे की सुनागावा संघर्ष। उनकी पुस्तक वाताशी नो अंपो टोसो निकी (わたしの安保闘争日記) अमेरिका और जापान के बीच आपसी सहयोग और सुरक्षा की संधि के विरोध में अपने काम के बारे में थी। अपने पूरे करियर में उनके कार्यों को बंजी शुजुन पुरस्कार, अकुतागावा पुरस्कार और शीनचोशा साहित्य पुरस्कार के लिए मनोनीत किया गया।https://prizesworld.com/akutagawa/kogun/kogun6NMT.htm 中本たか子(なかもと たかこ)-芥川賞候補作家|芥川賞のすべて・のようなもの prizesworld.com 2021-11-08
नाकामोटो की 28 सितंबर, 1991 को ब्रोंकाइटिस से मौत हो गई।
संदर्भ