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कोरिया की पौराणिक कथायें
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कोरिया की पौराणिक कथायें (हंगुल: 한국 신화; हांजा: 韓國神話; MR: Han'guk sinhwa; हानगुक शिन्हवा) ऐतिहासिक और आधुनिक कोरियाई लोगों द्वारा बताये जाने वाले मिथकों का समूह है। यहाँ दो तरह की पौराणिक कथयें हैं। पहली वो जो पारंपरिक इतिहास, साहित्यिक पौराणिक कथा में लिखित हैं और ये वहाँ के संस्थापक राजाओं के बारे में हैं। दूसरी तरह की बहुत बड़ी और अधिक विविधतापूर्ण लोक साहित्य की कथायें हैं जो ज्यादातर देवताओं का आह्वान करने वाले अनुष्ठानों में गाया जाता है और इन्हें वहाँ आज भी पवित्र माना जाता है।
साहित्यिक पौराणिक कथाओं का बड़ा हिस्सा पारम्परिक चीनी-भाषा में संरक्षित है। इसमें ऐतिहासिक राज्य स्थापना के मिथकों को सैमगुक सागी और सामगुक युसा जैसे ग्रंथों में लिखे गये हैं। कोरिया की एक राज्य के रूप में स्थापना पौराणिक राजा डांगुन द्वारा गोजोसन साम्राज्य के रूप में हुई जो पूरे कोरियाई राष्ट्र की स्थापना का मिथक बन गयी। राज्य की स्थापना का ये मिथक भी आगे दो भागों में विभाजित हो जाता है। इनमें पहला गोगुरियो राज्य और इसके संस्थापक जुमोंग दिव्य पुरूष और पार्थिव माँ का पुत्र माना जाता है, यह मिथक उत्तरी भागों में प्रचलित है। दक्षिण में प्रचलित दूसरे मिथक में सिल्ला राज्य और इसके संस्थापक ह्योकगोस स्वर्ग से एक वस्तु के रूप में उतरा था और उसने एक पार्थिव महिला के साथ विवाह किया। अन्य साहित्यिक मिथकों में वंशावली में दर्ज पारिवारिक वंशों की उत्पत्ति की कहानियाँ शामिल हैं।
कोरियाई शमनवाद की स्वदेशी कहानियों में देवताओं अर मनुष्यों दोनों की विविधता है। उन्हें अनुष्ठान के सन्दर्भ में देवताओं को प्रसन्न करने और मानव उपासकों का मनोरंजन करने के लिए सुनाया जाता है। लोक साहित्य के रूप में शमनवादी कथाओं को नियमित रूप से संशोधित किया जाता है हालांकि एक निश्चित स्तर की स्थिरता की आवश्यकता होती है। 1960 के दशक में ऐसी नयी कथायें सामने आई। यह सामान्यतः कोरियाई समाज की आधिकारिक विचारधाराओं के से अलग रहीं और इन्हें पितृसत्ता जैसे पारंपरिक मानदण्डों के विध्वंसक के रूप में चित्रित किया जात है।
शैमानिक पौराणिक कथाओं को पाँच क्षेत्रीय परंपराओं में विभाजित किया जाता है। इनमें प्रत्येक क्षेत्र में मूल कहानियाँ हैं जिनमें पूरे कोरिया का उल्लेख होता है और इनके भी अलग-अलग संस्करण उपलब्ध हैं। दक्षिण जेजू द्वीप की पौराणिक परंपरायें विशेषतः अलग हैं। इनमें दो तरह की कथायें अधिक प्रचलित हैं। पहली में जेसोक बोन-पुरी नाम की एक लड़की की कहानी है जिसे अधिकांश संस्करणों के अनुसार एक अलौकिक रूप से शक्तिशाली बौद्ध भिक्षु ने गर्भ धारण करवाया—वो सम्भवतः मूलरूप से आकाश का देवता था—वो तीन बच्चों को जन्म देती है और वो तीनों देवता बन जाते हैं। दूसरी कहानी राजकुमारी बारी की है। वो एक राजकुमारी है और उसके पिता ने लड़की होने के कारण त्याग दिया। वो माता-पिता की मृत्यु के बाद उन्हें पुनर्जीवित करती है।
== टिप्पणी ==
== सन्दर्भ ==