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411 समाचार
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सलेमपुर राजपुतान

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सलेमपुर राजपुतान भारत के उत्तराखण्ड के हरिद्वार ज़िले में रुड़की नगर निगम में स्थित है। यह रुड़की, रामनगर में एक अलिशान क्षेत्र है। सलेमपुर राजपूतान अपने उन्नति करनेवाले, उत्पादक और प्रगतिशील औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है। यह हिंदू बहुसंख्यक कस्बा है, यहां के अधिकांश लोग कुहाड़ा, डहरिया, राड़ा और गादड़िया (जंबुवाल) गोत्र के हैं और सैनी समुदाय का हिस्सा हैं। गाँव में अल्पसंख्यक मुस्लिम और कश्यप तथा अन्य अनुसूचित जातियाँ भी मौजूद हैं।http://morth.nic.in/writereaddata/sublink2images/NH_StartEnding_Station8634854396.htm Start and end points of National Highways 23 April 2009 https://web.archive.org/web/20080922011802/http://morth.nic.in/writereaddata/sublink2images/NH_StartEnding_Station8634854396.htm 22 सितंबर 2008 live "Uttarakhand: Land and People," Sharad Singh Negi, MD Publications, 1995"Development of Uttarakhand: Issues and Perspectives," GS Mehta, APH Publishing, 1999, ISBN 9788176480994 thumb|सलेमपुर राजपुतान की सुंदरता thumb|सलेमपुर राजपुतान की हरियाली सलेमपुर राजपुतान सलेमपुर राजपुतान India Uttarakhand 29.877 77.862 inline, title उत्तराखण्ड में स्थिति देश प्रान्त उत्तराखण्ड ज़िला हरिद्वार ज़िला १०३४० २०११ भाषा प्रचलित हिन्दी इतिहास प्राचीन इतिहास सलेमपुर राजपुताना एक शहर था जो मायापुरी (वर्तमान, हरिद्वार) का एक हिस्सा था जो दक्ष का राज्य था, जो भगवान ब्रह्मा का पुत्र था। सलेमपुर का प्राचीन नाम वरदनगरी था जिसका अर्थ है एक ऐसा शहर जो अपने नागरिकों और आगंतुकों को वरदान प्रदान करता है या उनकी इच्छाओं को पूरा करता है। वरद भगवान शिव https://parenting.firstcry.com/articles/100-unique-baby-boy-names-inspired-by-lord-shiva/ और भगवान गणेश https://parenting.firstcry.com/baby-names/meaning-of-varad/ का भी एक नाम है। वरदनगरी का नाम धीरे-धीरे श्यामपुर बदल दिया गया। सती (पार्वती) दक्ष की पुत्री थीं, जिनका विवाह भगवान शिव से हुआ था, इस संदर्भ में वरदनगरी भगवान शिव का ससुराल में थी। वरदनगरी सती कुंड से कुछ दूरी पर देखा जा सकता है कि सती ने अपने प्राण त्यागे थे। देवी सती वरदनगरी के बगीचों में भ्रमण के लिए आई थीं।Kankhal https://web.archive.org/web/20081122051321/http://www.indiainfoweb.com/uttranchal/kankhal/ 22 November 2008 www.indiainfoweb.com. मध्यकालीन इतिहास हिंदु काल हिंदू राजाओं ने श्यामपुर (अभी, सलेमपुर) का नाम बदल कर श्यामपुर राजपुतान रख दिया। इस क्षेत्र में विकास हुआ और यहाँ एक शिव मंदिर भी बनाया गया, जो आज के समय में प्राचीन शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है। वर्ष २०२० से २०२१ तक मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया।राजपूतों ने अपने नाम के कारण श्यामपुर के आगे राजपुतान लगाया मुग़ल काल श्यामपुर राजपुतान का मुग़ल राजाओं ने नाम बदल कर सलेमपुर राजपुतान रख दिया गया।मुग़ल राजा बहुत क्रूर थे आधुनिक इतिहास आज़ादी से पहले २८ दिसंबर १९८८ को हरिद्वार जिले के अस्तित्व में आने से पहले सलेमपुर सहारनपुर जिले का गाँव था। साल १८९१ में खुशी सैनी ने सलेमपुर को बसाया था। यह स्थानीय जानकारी है। खुशी सैनी के बेटे फ़कीरा सैनी और अमर सिंह थे, जो किसान थे। फ़कीरा के दो बेटे जानकी सैनी और रुहेला सैनी थे, जिन्हें नीम वाला के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि उनके पास एक नीम का पेड़ था। आज़ादी के बाद संविधान में ७३ वे संशोधन के बाद वर्ष १९९२ में पहली बार चुनाव हुए। २०१६ तक सलेमपुर राजपुताना रुड़की शहर के पास एक गाँव था, लेकिन २०१६ में सलेमपुर एक शहर और रुड़की नगर निगम और झबरेड़ा नगर परिषद का हिस्सा बन गया। सुविधाएं मंदिर प्राचीन शिव मंदिर हिंदू शासकों द्वारा यहां भगवान शिव के एक मंदिर का निर्माण किया गया था। वर्तमान में इसे प्राचीन शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है। वर्ष २०२० से २०२१ तक इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। सलेमपुर राजपुताना के लोगों की सहायता से पुनर्निर्माण संभव हुआ। भगवान शिव, देवी पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय, शिव लिंग और नंदी की मूर्तियों का लोकार्पण और स्थापना १८ फरवरी २०२१ को हुई थीhttps://www.google.co.in/maps/place/PRACHIN+SHIV+MANDIR,+Salempur,+Roorkee,+Uttarakhand+247667/@29.8748127,77.8563794,17z/data=!4m2!3m1!1s0x390eb5e6a5acb809:0x5f718a62cc7aefc5 thumb| thumb|भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की मूर्तियाँ thumb|शिव लिंग thumb|नंदी बैल की मूर्ति thumb thumb|मंदिर के आधे पुनर्निर्माण के सामने का दृश्य thumb|मंदिर के आधे पुनर्निर्माण के एक तरफ़ का दृश्य thumb|मंदिर का पुनर्निर्माण thumb|शिववृक्ष(मंदिर के पास एक पीपल का पेड़) thumb|भगवान शिव और माता पार्वती के पुरानी मूर्तियाँ. thumb|पहले का प्राचीन शिव मंदिर भूमिया खेड़ा भूमिया सलेमपुर राजपुताना का मुख्य देवता है। भूमिया खेड़ा भगवान भूमिया का मंदिर है। इस गाँव के लोगों के अलावा, प्रेमनगर, कृष्णानगर, और सलेमपुर के निकट के अन्य क्षेत्रों के लोग भी भगवान भुमिया को भगवान और उद्धारकर्ता के रूप में पूजते हैं।https://www.google.co.in/maps/place/Bhoomiya+Kheda+Mandir,+Krishna+Nagar,+Rajendra+Nagar,+Roorkee,+Uttarakhand+247667/@29.8758491,77.8628143,17z/data=!4m2!3m1!1s0x390eb4744c2274f5:0xafc2a5ccf57cd5b3 जनसांख्यिकी जनसंख्या २०११ की जनगणना के अनुसार, सलेमपुर राजपुताना की कुल जनसंख्या १०३४० थी जिसमें से ४८२७ महिलाएं और ५५१३ पुरुष थे। ६ वर्ष से कम आयु के १३१० बच्चे थे जिनमें से ७०७ लड़के और ६०३ लड़कियाँ थीं।.https://censusindia.gov.in/2011census/dchb/0513_PART_B_DCHB_HARDWAR.pdf सलेमपुर राजपुतान की जनसंख्या और शक्षरता दर। क्रमांकधर्मकुल साक्षरता दर (% में)पुरुष जनसंख्यास्त्री जनसंख्याकुल जनसंख्याकुल जनसंख्या (% में)१.हिंदू९७.२३%५३६८४६७५१००४३९७.१४%२.मुसलमान१.१६%१०७१११२१८२.१%३.ईसाई०.०६%२४६०.०६%४.सिख०.१२%३४३५६९०.६९%५.जैन०.८५%२१३०.०३% धर्म कुल जनसंख्या में से, ९७.१४ हिंदू हैं, २.१% मुसलमान हैं, और ०.७७% अन्य धर्मों के हैं। साक्षरता सलेमपुर राजपुताना की कुल साक्षरता दर ९०.२९% है, यहाँ ८३.९३% महिलाएँ, और ९५.८८% पुरुष शिक्षित हैं। सन्दर्भ श्रेणी:उत्तराखण्ड के नगर श्रेणी:हरिद्वार जिला श्रेणी:हरिद्वार ज़िले के नगर