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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मिल्कियत

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मिल्कियत (Fief, feudum) मध्य युग में सामंतवाद पर आधारित समझौतों का एक मुख्य हिस्सा था। इसमें किसी सामंत (Overlord) द्वारा अपने अधीन जागीरदार (Vassel) को दी गई संपत्ति या अन्य अधिकार शामिल होते थे।Fief https://www.merriam-webster.com/dictionary/fief मेरियम वेबस्टर 26 अगस्त 2026 en मिल्कियत जागीरदार इसे सामंती वफ़ादारी, सेवाओं या भुगतान के बदले में अपने पास रखता था। ये मिल्कियत अक्सर ज़मीन, ज़मीन से मिलने वाला लगान या जल चक्की जैसी संप्राप्ति वाली संपत्ति होती थी, जिसे सामंती भू-व्यवस्था के तहत रखा जाता था। हालाँकि, सिर्फ़ ज़मीन ही नहीं, बल्कि किसी भी कीमती चीज़ को अधिकार के तौर पर रखा जा सकता था, जैसे सरकारी पद, शिकार, मछली पकड़ने या पेड़ काटने जैसे दोहन के अधिकार, व्यापार पर एकाधिकार, नकद किराया और कर वसूलने का अधिकार इत्यादि। सामंती व्यवस्था का कोई एक मानक रूप कभी नहीं रहा, और न ही मिल्कियत का ही कोई एक प्रकार था। समय के साथ और अलग-अलग इलाकों के हिसाब से, एक ही बुनियादी कानूनी सिद्धांतों का इस्तेमाल करते हुए कई तरह की प्रथाएँ प्रचलित रहीं।एलिजाबेथ ए.आर. ब्राउन Feudalism : social system https://www.britannica.com/topic/feudalism ब्रिटानिका 26 अगस्त 2026 en सामंतवाद: सामाजिक व्यवस्थासुज़ैन रेनॉल्ड्स Fiefs and Vassals 1996 क्लेरेंडन प्रेस 9780198206484 48 https://www.google.co.in/books/edition/Fiefs_and_Vassals/vkQ8z7S2cIIC?hl=en&gbpv=1&dq=Fiefs+and+Vassals:+The+Medieval+Evidence+Reinterpreted.&printsec=frontcover 26 अगस्त 2026 en मिल्कियत और जागीरदार शब्दावली प्राचीन रोम में, बेनिफिस (beneficium, जिसका मतलब है "फ़ायदा") राज्य के लिए की गई सेवाओं के इनाम के तौर पर आजीवन दी गई ज़मीन को कहा जाता था। मध्यकालीन लैटिन यूरोपीय दस्तावेज़ों में, सेवा के बदले ज़मीन देने को बेनिफिसियम ही कहा जाता था। बाद के दस्तावेज़ों में मिल्कियत (Feudum) शब्द का इस्तेमाल होने लगा।साइरस एच. गॉर्डन Boundaries of the Ancient Near Eastern World 1997 ब्लूम्सबरी प्रकाशन 9780567518552 248 https://www.google.co.in/books/edition/Boundaries_of_the_Ancient_Near_Eastern_W/GWOvAwAAQBAJ?hl=en&gbpv=1&dq=Boundaries+of+the+Ancient+Near+Eastern+World:+A+Tribute+to+Cyrus+H.+Gordon&printsec=frontcover en प्राचीन निकट पूर्वी दुनिया की सीमाएँ शुरुआती सामंती अनुदान आरंभ में, मिल्कियत अधिकार का मतलब ज़मीन देना या लेना नहीं होता था। ज़मीन तो सिर्फ़ वफ़ादारी के इनाम के तौर पर ही दी जाती थी। 8वीं सदी आते-आते मिल्कियत अधिकार के तौर पर ज़मीन देना आम बात हो गई थी। किसी जागीरदार को ज़मीन देने से सामंत के संपत्ति के अधिकार खत्म नहीं होते थे, बल्कि सिर्फ़ ज़मीन के इस्तेमाल और उससे होने वाली कमाई का अधिकार दिया जाता था। ज़मीन देने वाले सामंत के पास ही उस ज़मीन का असली मालिकाना हक रहता था और जागीरदार के वफ़ादारी न दिखाने या मृत्यु पर वह ज़मीन वापस ले सकता था। इन्हें भी देखें ब्रम्हदेय सांसण गैरिसन सीमांत क्षेत्र (रोमन साम्राज्य) सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ Fiefdoms मिल्कियत