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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

ठाकुर कुशाल सिंह

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ठाकुर कुशाल सिंह चम्पावत (१८३x-१८६४) १९वी शताब्दी के क्रांतिकारियों में से एक थे। जोधपुर रियासतhttp://www.indianrajputs.com/view/auwa Auwa (Thikana), Jodhpur state 9 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20141014054420/http://www.indianrajputs.com/view/auwa 14 अक्तूबर 2014 dead में आउवा ठिकाने के ठाकुर कुशाल सिंह चॉपावत ने १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जोधपुर राज्य व अंग्रेजो की सम्मिलित सेना को हराया था।http://www.kranti1857.org/rajasthan.php क्रांति १८५७, जोधपुर, राजस्थान 9 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20141007091501/http://www.kranti1857.org/rajasthan.php 7 अक्तूबर 2014 dead आउवा के ठाकुर कुशाल सिंह चम्पावत मारवाड़ क्षेत्र में संघर्ष के मुखिया थे। महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे से उनका सम्पर्क था। जोधपुर के शासक तख्तसिंह के विरुद्ध वहाँ के जागीरदारों में घोर असंतोष व्याप्त था। इन विरोधियों का नेतृत्व आउवा का ठाकुर कुशाल सिंह कर रहा था। २१ अगस्त १८५७ ई. को जोधपुर लीजियन को सैनिक टुकड़ी ने विद्रोह कर दिया। चूंकि कुशाल सिंह अंग्रेजों का विरोधी था अत: उसने इन विद्रोही को अपने साथ मिला लिया।http://www.vresorts.in/fort-auwa/index.htmlhistory-of-auwa.html V Resorts Fort Auwa 9 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20141016051915/http://www.vresorts.in/fort-auwa/index.htmlhistory-of-auwa.html 16 अक्तूबर 2014 dead इस पर कुशाल सिंह का सामना करने हेतु लिफ्टिनेट हीथकोट के नेतृत्व में जोधपुर की राजकीय फौज आई, जिसे कुशाल सिंह ने ८ सितम्बर, १८५७ ई. को आउवा के निकट परास्त किया। तत्पश्चात् जार्ज लारेन्स ने १८ सितम्बर १८५७ को आउवा के किले पर आक्रमण किया और विद्रोहियों को वहां से खदेड़ दिया। किन्तु विद्रोहियों के हाथों वह बुरी तरह पराजित हुआ। इसी जोधपुर का पोलिटिकल एजेन्ट कप्तान मोंक मेसन विद्रोहियों के हाथों मारा गया।http://panchjanya.com/arch/2004/6/6/File14.htm राजस्थान रणबांकुरों की धरती 9 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20121025081402/http://panchjanya.com/arch/2004/6/6/File14.htm 25 अक्तूबर 2012 dead http://www.dainiknavajyoti.com/hindi/news_details.php?newsid=91559 राजपूत समाज का गुस्सा फूटा 14 April दैनिक नवज्योती hi 9 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20141015050500/http://www.dainiknavajyoti.com/hindi/news_details.php?newsid=91559 15 अक्तूबर 2014 dead इस पराजय का बदला लेने के लिए ब्रिगेडियर होम्स ने एक सेना के साथ प्रस्थान किया और २० जनवरी १८५८ ई. को उसने आउवा पर आक्रमण कर दिया। इस समय तक विद्रोही सैनिक दिल्ली में पहुँच चुके थे तथा अंग्रोजों ने आसोप गूलर तथा आलणियावास की जागीरों पर अधिकार कर लिया था। जब कुशल सिंह को विजय की कोई उम्मीद नहीं रही तो उसने आउवा के किले का बार अपने छोटे भाई पृथ्वीसिंह को सौंप दिया और वह सलुम्बर चला गया। १५ दिन के संघर्ष के बाद अंग्रेजों ने आउवा पर अधिकार कर लिया।http://www.ignca.nic.in/coilnet/rj157.htm जोधपुर में विद्रोह 9 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20150613032449/http://www.ignca.nic.in/coilnet/rj157.htm 13 जून 2015 dead http://www.wanderink.com/featured-stories/like-a-thakur-in-fort-auwa/ Like a thakur in Fort Auwa 9 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20141014164005/http://www.wanderink.com/featured-stories/like-a-thakur-in-fort-auwa/ 14 अक्तूबर 2014 dead सन्दर्भ श्रेणी:राजस्थान के लोग श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी