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केंद्रीय अंगुलिचिह्न ब्यूरो
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सितंबर 2014
केन्द्रीय अंगुलि चिह्न ब्यूरो (Central Beauro of Fingerprints), जिसे देशभर में सभी कानून प्रवर्तन संस्थाओं द्वारा के.अ.चि.ब्यू. के नाम से जाना जाता है। यह वर्ष 1955 में अस्तित्व में आया। इसने देश भर की कानून प्रवर्तन संस्थाओं की अपेक्षाओं को पूरा किया और नोडल एजेन्सी के रूप में अन्तर-राज्य प्रकार के सभी अपराधियों की जांच खोजने/पता लगाने का कार्य प्रभावी प्रकार से किया है और अंगुलि चिह्न ब्यूरो का समन्वय एवं आधुनिकीकरण व मानकीकरण भी किया है।
केन्द्रीय अंगुलि चिह्न ब्यूरो की स्थापना
केन्द्रीय अंगुलि चिह्न ब्यूरो जिसे परिवर्णी शब्द, के.अ.चि.ब्यू. के नाम से जाना जाता है। के.अ.चि.ब्यू. ने 1955 में कलकत्ता (अब कोलकत्ता) में आसूचना ब्यूरो के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत प्रारंभ किया। 1973 में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के प्रशासनिक नियन्त्रण को स्थानान्तरित कर दिया गया एवं जुलाई 1986 में के.अ.चि.ब्यू. का प्रशासनिक नियंत्रण सृजित नव राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो, पूर्वी खण्ड-7, रा.कृ.पुरम, नई दिल्ली-110066 को सौंप दिया।
कार्यात्मक भूमिका एवं प्रशिक्षण क्रियाकलाप
केन्द्रीय अंगुलि चिह्न ब्यूरो के प्रमुख क्रियाकलापों में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों के अंगुलि चिह्न डाटाबेस का रख-रखाव करना एवं सूचना का प्रसार करना है। इसका उद्देश्य था :-
¨ अंगुलि चिह्न रिकार्ड पर्ची का रख-रखाव। केन्द्रीय अंगुलि चिह्न ब्यूरो के अपराध की अनुसूची के अन्तर्गत आने वाले अपराधों में दोषसिध्द विनिर्दिष्ट श्रेणी के भारतीय एवं विदेशी अपराधियों की खोज करना एवं केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के इन्टरपोल प्रभाग तथा नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो, नई दिल्ली द्वारा भेजे गए अन्तरर्राष्ट्रीय अपराधियों के रिकार्ड को व्यवस्थित करना है।
¨ केन्द्रीय सरकार के विभागों एवं भारत सरकार के उपक्रमों द्वारा भेजे गए विवादित अंगुलि चिह्नों का परीक्षण करना।
¨ भारत में राज्य सरकार के पुलिस तथा गैर-पुलिस अधिकारियों को अंगुलि चिह्न विज्ञान (सिध्दान्त एवं प्रयोग) में प्रशिक्षण देना एवं विदेशों से आए अधिकारयिों को कोलम्बो प्लान के 'तकनीकी सहयोग प्रणाली', 'विशेष कामनवेल्थ अफ्रीका सहायता योजना' तथा अन्य विकासशील देशों के साथ
¨ 'अन्तरर्राष्ट्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग' के तहत प्रशिक्षण प्रदान करना।
¨ राज्य अंगुलि चिह्न ब्यूरो के कार्य का समन्वय करना तथा अंगुंलि चिह्न विज्ञान से संबंधित सभी मामलों में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना।
¨ अंगुलि चिह्न विज्ञान विशेषज्ञों की अनुवृध्दि करने के लिए प्रत्येक वर्ष (1956 से) अखिल भारतीय परीक्षा आयोजित करना। परीक्षा में उपस्थित होने के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक एवं अंगुलि चिह्न विज्ञान में तीन वर्षो का पूर्ण व्यवहारिक अनुभव होना जरुरी है।
¨ अखिल भारतीय पुलिस डयूटी मीट (1958 से) में अंगुलि चिह्न विज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करना।
¨ वार्षिक प्रकाशन 'भारत में अंगुलि चिह्न ' प्रकाशित करना जो देश के सभी अंगुलि चिह्न ब्यूरो के निष्पादन एवं क्रियाकलापों का गहराई से अध्ययन प्रस्तुत करता है।
इन्हें भी देखें
अंगुलि छाप
ब्यूरो, केंद्रीय अंगुलिचिह्न