Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

बैंकिंग लोकपाल योजना

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

बैंकिंग लोकपाल योजना २००६ (Banking Ombudsman Scheme) भारतीय बैंकों के ग्राहकों की शिकायतों एवं समस्याओं को सुलझाने के लिये आरम्भ की गयी एक योजना है। इसके अन्तर्गत एक 'बैंकिंग लोकपाल' की नियुक्ति की जाती है जो एक अर्ध-न्यायिक प्राधिकारी है। वैसे तो बैंकिंग लोकपाल योजना 1995 में लागू की गई थी, लेकिन 2002 एवं 2006 में इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए संशोधन किए गए, ताकि बैंकों द्वारा स्वच्छ, पारदर्शी, भेदभाव रहित और जिम्मेदारी पूर्वक बैंकिंग सेवाएं प्रदान की जा सकें। यह एक स्वशासी स्वतंत्र संस्था है जो बैंकों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की निगरानी रखती है। ग्राहक किसी भी बैंक के अधिकारी व कर्मचारी की शिकायत व समय से सेवाएं न मिलने पर बैंकिंग लोकपाल को शिकायत डाक, ई मेल, आन लाइन दर्ज करा सकता है। निशुल्क की जाने वाली इस शिकायत का निस्तारण तीस दिन के अंदर किया जाता है। ग्राहकों की सुविधा व बैंकों में पारदर्शिता लाने के लिए यह योजना संचालित है। बैंक ग्राहकों द्वारा बैंकिंग सेवाओं में पाई गई कमियों के संबंध में अपनी शिकायतों के समाधान हेतु उन्हें द्रुतगति वाला और कम खर्च वाला मंच प्रदान करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुख्यतया क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों पर भी लागू करके इसका विस्तार करने में संशोधित किया गया था। 1 भारतीय रिजर्व बैंक ने नए क्षेत्रों में ग्राहकों की शिकायतों जैसे क्रेडिट कार्ड संबंधी शिकायतों, बैंकों के सेल्स एजेन्टों द्वारा वचनबद्ध सेवाएं प्रदान न करने और बैंकों द्वारा वचनबद्धता को पूरा न करने, ग्राहकों को पूर्व सूचना दिए बिना सेवा प्रभार लगाने तथा छोटे मूल्यवर्ग के नोट व सिक्के स्वीकार न करने या छोटे मूल्यवर्ग के नोट स्वीकार करने हेतु कमीशन लेने के संबंध में शिकायत कर सकेंगे। बाहरी कड़ियाँ बैंकिंग लोकपाल योजना - 2006 श्रेणी:भारत में बैंकिंग