Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

झाला मान सिंह

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

झाला मान सिंह राज राणा Maan singh jhala.jpg झाला मान सिंह का चित्र 15 मई 1542 बड़ी सादड़ी 18 जून 1576 मान सिंह झाला राजराणा सुरतन सिंह झाला झाला हल्दीघाटी रानी सेम कंवर हिंदू झाला मान सिंह (जिन्हें प्रायः झाला मन्ना के नाम से भी जाना जाता है) 16वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध राजपूत योद्धा थे, जो झाला राजपूत वंश से संबंधित थे। वह बड़ी सादड़ी के राज राणा थे तथा महाराणा प्रताप के प्रमुख सेनानायकों में से एक थे। हल्दीघाटी के युद्ध (18 जून 1576) में उन्होंने अद्भुत वीरता का परिचय दिया।झाला मान - शतक https://www.charans.org/jhalaman-shatak/ 29 जनवरी 2018 युद्ध के दौरान जब महाराणा प्रताप पर मुग़ल सेना का दबाव अत्यधिक बढ़ गया, तब झाला मान सिंह ने उनका राजचिह्न धारण कर लिया, जिससे मुग़लों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ और प्रताप युद्धभूमि से सुरक्षित निकल सके। इस वीरतापूर्ण बलिदान के कारण उन्हें मेवाड़ इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। उनका यह त्याग 'स्वामिभक्ति' और 'बलिदान' का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है।यह मायने नहीं रखता कि महाराणा प्रताप अकबर से हार गए - हल्दीघाटी https://www.dailyo.in/politics/battle-of-haldighati-maharana-pratap-akbar-mughal-rajput-history/story/1/15607.html 11 फरवरी 2017 प्रारंभिक जीवन झाला मन्ना का जन्म 15 मई 1542 को बाड़ी सादड़ी के एक प्रतिष्ठित हिन्दू झाला राजपूत परिवार में हुआ था। उनके पिता राजराणा सूरतान सिंह झाला तथा माता रानी सेम कँवर थीं। युद्ध नीति एवं क्षत्रिय धर्म की प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने उसी गुरुकुल में प्राप्त की जहाँ महाराणा प्रताप ने भी अध्ययन किया था। वर्ष 1568 में अकबर द्वारा चित्तौड़गढ़ के घेराव के दौरान सूरतान सिंह के वीरगति को प्राप्त होने के पश्चात, झाला मन्ना को बाड़ी सादड़ी का राजराणा घोषित किया गया। मेवाड़ के महाराणा रायमल ने बड़ी सादड़ी की जागीर झाला मानसिंह के पूर्वजों श्री अज्जा और सज्जा को दी थी। हल्दीघाटी युद्ध सन 18 जून 1576, अकबर और महाराणा प्रताप के बीच लड़ा गया हल्दीघाटी युद्ध महाभारत के युद्ध की तरह ही भयानक और विशालकारी था हल्दी घाटी के इस भीषण और महाप्रलयकारी युद्ध में जब महाराणा प्रताप ने अकबर के सेनापति मानसिंह पर हमला किया तब उनके भाले के एक ही वार से राजा मानसिंह का महावत मारा गया।वीर योद्धा- झाला मानसिंह का इतिहास https://www.braverajput.com/2021/07/jhala-man-singh-history-story-in-hindi.html 4 जुलाई 2021 26 अक्तूबर 2021 https://web.archive.org/web/20211026211154/https://www.braverajput.com/2021/07/jhala-man-singh-history-story-in-hindi.html dead असंख्य मुगल सैनिक बोखला गए और महाराणा प्रताप पर वार करने के लिए आगे बढ़े इधर राजपूत सैनिक भी प्राण हथेली पर रखकर युद्ध लड़ रहे थे महाराणा का एक एक सैनिक लाखो पर भी भारी पड़ रहा था महाराणा प्रताप के सिर पर मेवाड़ का राजमुकुट था असंख्य मुगल सैनिक उसी को निशाना बनाकर वार कर रहे थे।हल्दीघाटी के युद्ध का इतिहास फिर से क्यों लिख रहा है एएसआई https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/why-the-asi-is-rewriting-the-history-of-the-battle-of-haldighati-1833817-2021-07-28 28 जुलाई 2021 इंडिया टुडेमहाराणा प्रताप के भेस में लड़ता रहा था ये वीर योद्धा, कई पुश्तों तक की सेवा https://www.bhaskar.com/news/RAJ-UDA-OMC-jhala-man-singh-of-mewar-dynasty-5322627-PHO.html 11 मई 2016 मानसिंह पर हमला करते समय चेतक के घायल हो जाने से मुगल सैनिकों ने महाराणा प्रताप के चारों और घेरा डालना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे महाराणा प्रताप संकट कि स्थिति में फसने लगे।महाराणा प्रताप बनाम अकबर: हल्दीघाटी का युद्ध किसने जीता? https://www.freepressjournal.in/cmcm/maharana-pratap-vs-akbar-who-won-the-battle-of-haldighati 30 मई 2019 बलिदान उसी समय स्थिति की गंभीरता को परख कर महाराणा प्रताप के स्वामीभक्त परमप्रतापी सरदार झालामान सिंह ( झाला मन्ना ) अपनी स्वामिभक्ति का प्रमाण देते हुए आगे बड़े और महाराणा प्रताप के सर से राज चिन्ह और मुकुट लेकर अपने सर पर धारण कर लिया और महाराणा प्रताप को युद्ध क्षेत्र से निकल जाने को कहा।हजारों मुगलों से लड़ने से लेकर अपने घोड़े के साथ गहरे बंधन साझा करने तक, महाराणा प्रताप की विरासत को फिर से देखना https://thelogicalindian.com/history/lesser-known-facts-about-maharana-pratap-35445 9 मई 2022 9 मई 2022 https://web.archive.org/web/20220509124147/https://thelogicalindian.com/history/lesser-known-facts-about-maharana-pratap-35445 dead झाला मन्ना की चाल कामयाब रही और शत्रुओं ने झाला मन्ना को ही महाराणा प्रताप समझ लिया और उन पर आक्रमण करने के लिए टूट पड़े भीषण युद्ध हुआ लेकिन अंत में हुआ वहीं की जो होना था भीषण युद्ध करते करते झाला मन्ना वीरगति को प्राप्त हुए।महाराणा प्रताप: पुरुषों के बीच एक शेर और हल्दीघाटी की लड़ाई https://www.opindia.com/2018/05/on-maharana-pratap-jayanti-a-lion-amongst-men-and-the-battle-of-haldighati/ 9 मई 2018 वीरगति को प्राप्त होने से पहले ही झाला मन्ना मुगल सेना को पूर्व की ओर पीछे धकेल चुके थे।हल्दीघाटी की लड़ाई: महाराणा प्रताप की वीरता और उनके खिलाफ लड़ने वाले राजा मान सिंह का इतिहास https://www.opindia.com/2021/08/the-battle-of-haldighati-maharana-pratap-and-history-of-raja-man-singh/ 13 अगस्त 2021 उनके इसी बलिदान की वजह से महाराणा प्रताप बाद में मेवाड़ को पुनः मुक्त करा पाए इस प्रकार झाला मन्ना ने अपने स्वामी का शीश बचाने के लिए अपना शीश कटा दिया उनके इस बलिदान की गाथा सदियों तक दोहराई जाएगी।हल्दीघाटीः झाला का बलिदान https://www.rajsamanddistrict.com/%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%83-%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A4%BE/ 30 जुलाई 2011 8 नवंबर 2013 https://web.archive.org/web/20131108004834/http://www.rajsamanddistrict.com/%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%83-%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A4%BE/ dead विरासत भारतीय डाक द्वारा 18.06.2017 को झाला मन्ना पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया गया।डाक विभाग झाला मन्ना पर एक स्मारक डाक टिकट जारी करते हुए प्रसन्न है https://istampgallery.com/jhala-manna/ 18 जून 2017 thumb|झाला मन्ना स्मारक डाक टिकट सन्दर्भ श्रेणी:भारत का इतिहास श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी:राजपूत साम्राज्य श्रेणी:राजस्थान का इतिहास