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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अत्रि संहिता

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अत्रिसंहिता महर्षि अत्रि द्वारा प्रणीत संहिता स्मृति है। इसमें नौ अध्याय तथा चार सौ श्लोक हैं। इस संहिता में प्रधान ज्ञातव्य विषय यह बताये गये हैं,- चार वर्णों को कर्मवृत्ति, राजधर्म, शोधन और स्नानविधि, शौचादि लक्षण, इष्टापूर्त्तवर्णन, यम और नियम आदि, प्रायश्चित्तविधि, अशौचनिर्णय, चान्द्रायणादि विधि, व्रतविधि, षड्भिक्षुकनिर्णय, महापातकादिनिरूपण, नारीशुद्धि, आकरशुद्धि, प्राणायामलक्षण, दानविधि, श्राद्धीयब्राह्मण-निरूपण, श्राद्धफल इत्यादि। इस संहिता में शङ्ख, आपस्तम्ब, शातातप, यम और मनु का उल्लेख पाया जाता है। क्या समस्त धर्मशास्त्र रचित होने के बाद अत्रिसंहिता बनी थी - इसके बारे में ठीक-ठीक नहीं कह सकते। इसका कारण यह है कि मनुसंहिता आदि से भी प्राचीन ग्रन्थ गृह्यसूत्र में भी आत्रेय संहिता का नाम विद्यमान है। मनु ने भी एक स्थान पर कहा है,–'अत्रि और उतथ्यपुत्र के मत से जो व्यक्ति शूद्रा से विवाह करता है, वह अपने इस कार्य द्वारा पतित हो जाता है' (मनुस्मृति ३।१) । याज्ञवल्कसंहिता और अग्निपुराण में भी अत्रि धर्मशास्त्रकर्ता बताये गये हैं,- "मनुर्विष्णुर्याज्ञवल्क्यो हारीतोऽबियमोऽङ्गिराः ।" (अग्निपुराण १६२।१।) इसके अतिरिक्त आजकल जो अत्रिसंहिता मिलती है, वह क्या उक्त मनुस्मृति की अपेक्षा प्राचीन है ? कभी नहीं। इसका कोई-कोई अंश उनकी अपेक्षा प्राचीन हो सकता है। प्रथमतः मनु के वचन से अत्रि का जो मत मिलता है, वह उस में प्रकाशित नहीं, जिसे हम अत्रिसंहिता कहते हैं। दूसरी बात यह है कि इस अत्रिसंहिता में मनु आदि का मत उद्धृत हुआ है और कितनी ही अप्राचीन कथायें भी देख पड़ती हैं, वेदैर्विहीनाश्च पठन्ति शास्त्रं शास्त्रेण हीनाश्च पुराणपाठाः । पुराणहीनाः कृषिणोभवन्ति भ्रष्टास्ततो भागवता भवन्ति ॥ इस श्लोक में पुराणों के नाम रहने से यही प्रमाणित होता है कि अत्रिसंहिता पुराणों के बाद बनी थी। सिवा इसके इस संहिता में 'म्लेच्छों के' नाम भी खूब लिखे हैं। इस संहिता के कितने ही स्थलों में आया है,- "भगवानत्रिरब्रवीत्” अर्थात् भगवान् अत्रि ने कहा था। यदि महर्षि अत्रि इसके प्रणेता होते, तो कभी ऐसा न कहते। अतएव इसमें कोई सन्देह नहीं कि आज की अत्रिसंहिता किसी दूसरे व्यक्तिको बनाई है। सन्दर्भ इन्हें भी देखें अत्रि संहिता मनुस्मृति बाहरी कड़ियाँ अत्रि संहिता अत्रिमहर्षित प्रोक्त समूर्तार्चनाधिकरणम् श्रेणी:स्मृति