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411 समाचार
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क्रिश्चियन ब्रदर्स

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क्रिश्चियन ब्रदर्सക്രിസ്ത്യൻ ബ്രദേഴ്സ് ക്രിസ്റ്റ്യൻ ബ്രദേഴ്സ്.jpg थिएटर प्रकाशन पोस्टर जोशी उदयकृष्ण-सिबी के. थॉमस ए. वी. अनूपमहा सुबैर मोहनलाल सुरेश गोपी दिलीप रामनाथन शरदकुमार अनिल नायर रंजन एब्रहाम दीपक देवसी. राजामनी वर्णचित्र बिग स्क्रीन AVA प्रोदक्शन्स yes 2011 3 18 181 मिनट मलयालम ₹9 करोड़ क्रिश्चियन ब्रदर्स (ml ക്രിസ്ത്യൻ ബ്രദേഴ്സ് ईसाई बंधु yes) जोशी द्वारा निर्देशित तथा उदयकृष्ण और सिबी के. थॉमस द्वारा लिखित 2011 की एक भारतीय मलयालम भाषा ऐक्शन फ़िल्म है। फ़िल्म में मोहनलाल, सुरेश गोपी, दिलीप और रामनाथन शरदकुमार हैं। फ़िल्म में राजामनी द्वारा रचित संगीत और दीपक देव द्वारा गीत हैं। क्रिश्चियन ब्रदर्स 18 मार्च 2011 को दुनिया भर में प्रकाशित हुई थी और उस समय मलयालम भाषा की सबसे बड़ी फ़िल्म थी।  June 2021[citation needed] कहानी पालमत्तम वर्गीस माप्पिल एक धनवान व्यक्ति और भारतीय सेना का एक सेवानिवृत्त कप्तान हैं। वह एक विधुर है और उसके चार बच्चे हैं: क्रिस्टी, जोजी, जेसी और स्टेला। वर्गीस को बड़ी भूमि के हस्तांतरण से संबंधित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ सौंपा गया है, जिसे कभी उनके छोटे भाई थॉमस, उपनाम: कोच्चू तोमा, एक ग्राम अधिकारी, ने ईसाई मिशनरियों को दिया था। जब वर्गीस सेना में सेवा कर रहा था, उनके बच्चों की देखभाल कोच्चू तोमा ने की, जो अविवाहित रहा। वर्तमान में, क्रिस्टी मुंबई में एक ख्यात पुलिस गुप्तचर है। जोजी धर्मशास्त्र का अध्ययन करने के लिए इटली चला जाता है, किन्तु वह लंदन जाता है और बाद में केरल के गृह मंत्री सुधाकरन की पुत्री मीनाक्षी से प्यार होने के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देता है। कुन्नेल कुमारन तंपी, एक निर्दयी शराब व्यापारी, एक रिसॉर्ट के निर्माण के लिए भूमि हड़पना चाहता है, जिस के लिए वह सहयोग करने से अस्वीकार करने हेतु कोच्चू तोमा की हत्या कर देता है, उसका शरीर छुपाता है और दस्तावेज़ को खोजने ला लक्ष्य बनाता है। वर्गीस उसके भाई के ग़ायब होने पर पुलिस से गुमशुदगी की याचिका दायर करता है। इस बीच, सुधाकरन को अपनी पुत्री और जोजी के संबंध के बारे में पता चलता है और वह मीनाक्षी को लंदन से वापस लाने के लिए एक हृदयाघात का नाटक करता है। जब जोजी को पता चलता है कि वह जा रही है, तो वह उसके साथ साथ चलता है, पर उसके चचेरे भाई विनोद और उसके दोस्त जोजी को बाहर निकालकर उसका पासपोर्ट जला देते हैं। भारत लौटने पर मीनाक्षी का अपहरण कर लिया जाता है और क्रिस्टी के पेशेवर अनुभव के कारण मामला उसे सौंप दिया जाता है। वह चौक जाता है, जब उसे पता चलता है कि अपहरणकर्ता जेसी का पति जॉर्ज कुट्टी है और वह अपने अतीत को याद करता है। अतीत: क्रिस्टी एक बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक का काम करने के लिए मुंबई पहुँचा, जहाँ वह उसकी बहन जेसी और उसका पति जॉर्ज कुट्टी के साथ कुछ समय बिताने के बारे में सोचा। उसे पता नहीं था कि जॉर्ज कुट्टी एक दलाल और अपराधी था, जो स्वापकों, मानव तस्करी और ऐंठने में भी शामिल था। क्रिस्टी जॉर्ज कुट्टी और मुंबई डॉन एंड्र्यूज़ बांद्रा (उपनाम: करीम लाला) के गुंडों के बीच एक लड़ाई में शामिल हो गया था। जॉर्ज कुट्टी ने क्रिस्टी को एक बंदूक़ दी, जिससे उसने लड़ाई के दौरान कुछ गुंडों को मार डाला। क्रिस्टी को जेल में डाल दिया गया क्योंकि बंदूक़ पर उसकी उंगलियों के निशान थे। जब जेसी को इसके बारे में पता चला, तो वह वर्गीस को सूचित करने की कोशिश की, पर जॉर्ज कुट्टी उसे मार दिया। जॉर्ज कुट्टी पूरे परिवार को यह विश्वास दिलाने के लिए गुमराह किया कि जेसी की मृत्यु का कारण क्रिस्टी था। तब से, वर्गीस क्रिस्टी का खंडन करता है और जॉर्ज कुट्टी को अपना ज्येष्ठ पुत्र मानता है, जबकि क्रिस्टी को एंड्र्यूज द्वारा जेल से निकाला जाता है। वर्तमान: क्रिस्टी उस भवन में जाता है जहाँ जॉर्ज कुट्टी ने मीनाक्षी को बंधक बना कर रखा है और उसे बचाता है। कुछ घंटों के बाद, पुलिस को पता चलता है कि जॉर्ज कुट्टी की हत्या कर दी गई थी, जहाँ वे अधीक्षक जोसेफ़ वडक्कन की सहायता से क्रिस्टी को गिरफ़्तार करते हैं। हालाँकि, क्रिस्टी हिरासत से भाग जाता है और असली अपराधी को ढूंढने और अपने पिता के सामने अपनी निर्दोषता प्रमाण करने के लिए सुधाकरन के घर में छिप जाता है। जोसेफ़ स्टेला से विवाह करता है जबकि क्रिस्टी चुपके विवाह में भाग लेता है। जोसेफ़ की सहायता से, क्रिस्टी जोजी और मीनाक्षी का विवाह करता है। बाद में, जोसेफ़ जॉर्ज कुट्टी और जेसी की मृत्यु में क्रिस्टी की निर्दोषता के बारे में वर्गीस को बताता है। वे सभी घर लौटते हैं और क्रिस्टी वर्गीस के साथ सुलह कर लेता है। जल्द ही, जोसेफ़ निष्कर्ष निकालता है कि जोजी जॉर्ज कुट्टी का हत्यारा है। जोसेफ़ द्वारा पूछताछ किए जाने पर, जोजी सच कहता है। विनोद और उसके दोस्तों द्वारा उसका पासपोर्ट जलाए जाने के बाद, उसने जॉर्ज कुट्टी को सब कुछ बताया और मीनाक्षी को उसके पिता द्वारा उन्हें अलग करने की योजना के बारे में समझाने के लिए उससे सहायता मांगा। परन्तु जॉर्ज कुट्टी ने मीनाक्षी के साथ मुक्तिधन के लिए मोल-भाव किया। जोजी उस स्थान पर गया और उसे यह बात जॉर्ज कुट्टी की क्रिस्टी के साथ बातचीत को सुनने के बाद पता चला। जब जोजी ने जॉर्ज कुट्टी का सामना किया, तो वह अपना असली चेहरा और क्रिस्टी की निर्दोषता दिखाया। क्रोध में, जोजी जॉर्ज कुट्टी को क्रिस्टी की बंदूक़ से मार दिया, क्योंकि उसने उसके परिवार को बरबाद कर दिया और जेसी को मार डाला। क्रिस्टी का मानना था कि उसने जो किया वह सही था और जोजी को बचाने के लिए दोष लेने का निर्णय किया। वर्गीस बातचीत सुन लेता है और बहुत भावुक हो जाता है। इस समय, कुमारन तंपी अपने पुत्रों और गुंडों के साथ वर्गीस के लॉकर से संपत्ति विलेख चुराने के लिए उसके घर में घुस जाता है और वर्गीस को घातक रूप से गोली मारने के बाद जल्दी से चला जाता है। अराजकता के दौरान, तंपी कोच्चू तोमा के भाग्य बताता है, जिसे बाद में वर्गीज, जो बुरी तरह से घायल है, क्रिस्टी को यह बताता है। अस्पताल में, डॉक्टर वर्गीस को वेंटिलेटर सपोर्ट देते हैं, क्योंकि उनकी हालत गंभीर है। वर्गीस की स्थिति और उसके प्यारे चाचा की हत्या से क्रोधित होकर, क्रिस्टी और जोसेफ़ तंपी से प्रतिशोध लेने जाते हैं। इस बीच, गुंडों का एक समूह मीनाक्षी का अपहरण करने और जोजी पर आक्रमण करने की कोशिश करता है। एंड्र्यूज़ उन्हें बचाता है और सभी गुंडों से लड़ता है। बाद में वे क्रिस्टी और जोसेफ़ की सहायता करने जाते हैं और वे चारों मिलकर तंपी और उसके पुत्रों को मार देते हैं। कलाकार * मोहनलाल — क्रिस्टी वर्गीस माप्पिल (शेरसन) सुरेश गोपी — जोसेफ़ वडक्कन दिलीप — जोजी वर्गीस माप्पिल रामनाथन शरदकुमार — एंड्र्यूज़ बांद्रा (करीम लाला) साई कुमार — पालमत्तम वर्गीस माप्पिल जगती श्रीकुमार — थॉमस वर्गीस माप्पिल (कोच्चू तोमा) बीजू मेनोन — हरिहरन तंपी विजयराघवन — कुन्नेल कुमारन तंपी कनिह — स्टेला वर्गीस माप्पिल काव्या माधवन — मीनाक्षी लक्ष्मी गोपालस्वामी — जेसी वर्गीस माप्पिल राय लक्ष्मी — सोफ़ी जयन चेरत्तल — राजन तंपी सुरेश कृष्ण — जॉर्ज कुट्टी देवन — सुधाकरन अनूप चंद्रन — कुन्यच्चन सलीम कुमार — पुरुषोत्तमन सुरज वेंजारामूडु — पप्पु हरिश्री अशोकन — कृष्णन कुट्टी सुबैर — मनोज तंपी बाबू एंटनी — रशीद रहमान बेसंत रवि — मुरुगन कज़ान ख़ान — ख़ान भाई आनंद — रंजीत नियास मुसलियार — रॉकी किरण राज — विलियम्स कुंचन — अच्युतन कवियूर पोन्नम्म — जोसेफ़ की माता शोभा मोहन — विजी शिवाजी गुरुवायूर — चन्द्रदास कलाभवन शाजोन — दामोदरन संतोष जोगी — जॉनसन जगन्नाथ वर्मा — अलेक्ज़ेंडर पी. श्रीकुमार — सत्यनाथ कोल्लम तुलसी — तहसीलदार संदर्भ बाहरी कड़ियाँ https://web.archive.org/web/20100513042426/http://www.themoviechristianbrothers.com:80/ 1877589 बॉक्स ऑफ़िस मोजो में क्रिश्चियन ब्रदर्स श्रेणी:भारतीय पारिवारिक फ़िल्में श्रेणी:भारतीय एक्शन थ्रिलर फ़िल्में श्रेणी:2011 की फ़िल्में