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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नव-उदारवाद (अन्तर्राष्ट्रीय सम्बंध)

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अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों के अध्ययन में, नव-उदारवाद विचारधारा का यह मानना है कि एक देश का लक्ष्य दूसरे देशों से सापेक्ष लाभ के बजाय पूर्ण लाभ सुनिश्चित करना होता है, या होना चाहिए। नवउदारवाद उदारवाद का संशोधित संस्करण है। नवयथार्थवाद के साथ-साथ, नव-उदारवाद अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों के दो सबसे प्रभावशाली समकालीन दृष्टिकोणों में से एक है- पिछले तीन दशकों से यही दो दृष्टिकोण अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों के सबसे प्रभावी सिद्धान्त रहे हैं। Powell 1994 313. अन्तरराष्ट्रीय प्रणाली की गतिविधियाँ देश क्यों आपस में सहयोग करते हैं या नहीं करते हैं, यह बताने के लिए नियोलिबरल अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध विचारक अक्सर गेम थ्योरी का प्रयोग करते हैं कि ; KEOHANE, Robert O. - After Hegemony: Cooperation and Discord in the World Political Economy, Princeton, 1984 चूँकि उनका दृष्टिकोण पारस्परिक जीत की सम्भावना (possibility of mutual wins) पर जोर देता है, वे उन संस्थानों में रुचि रखते हैं जो संयुक्त रूप से लाभदायक व्यवस्था और समझौते करवा सकते हैं। नवउदारवादी विचारधारा का विकास नवयथार्थवादियोंको जवाब देने के तौर पर हुआ। अंतरराष्ट्रीय प्रणाली की अराजकप्रकृति से इनकार नहीं करते हुए (जो कि नवयथार्थवादी तर्क है), नवउदारवादियों का मानना है कि इसके महत्व और प्रभाव को अतिरंजित किया गया है। नवउदारवादी तर्क उनके इस आरोप पर आधारित है कि नवयथार्थवादी ''एक विकेन्द्रीकृत व्यवस्था के भीतर सहयोगी व्यवहार को संभव बनाने '' की क़िस्मों को कमतर आँकते हैं। The Penguin Dictionary of International Relations 1998 https://archive.org/details/penguindictionar0000evan Evans Graham Penguin Books Londonजहाँ दोनों सिद्धान्त, हालाँकि, राज्य और उसके हितों को ही अपने विश्लेषण का केन्द्रीय विषय मानते हैं; नवउदारवाद की अवधारणा इस बात में व्यापक हो सकती है कि वे कौन से हित हैं। नवउदारवाद का तर्क है कि स्वायत्त तर्कसंगत राज्यों की अराजक प्रणाली में भी, आपसी विश्वास को बढ़ावा देने और मानदण्डों, शासनों और संस्थानों के निर्माण (और पालन करने) के माध्यम से आपसी सहयोग सम्भव है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतऔर विदेशी हस्तक्षेप के दायरे के सन्दर्भ में, नवउदारवादी और नवयथार्थवादी विचारकों के बीच बहस अन्तर-प्रतिमान (intra-paradigm) है, क्योंकि दोनों ही सिद्धान्त तथ्यवादी हैं, और मुख्य रूप से राज्य-प्रणाली को विश्लेषण की प्राथमिक इकाई के रूप में देखते हैं। विकास रॉबर्ट केओहेन और जोसेफ नाईको नवउदारवादी विचारधारा का संस्थापक माना जाता है; केओहेन की पुस्तक आफ्टर हेजेमनी इस शैली का एक क्लासिक है। अन्य प्रमुख प्रभाव स्टीफन क्राज़नरका हेजेमोनिक स्थिरता सिद्धांत और चार्ल्स पी किंडलबर्जर के कार्य हैं। यह सभी देखें उदारवादी अंतरराष्ट्रीय संबंध सिद्धांत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में संस्थागतवाद नवरूढ़िवाद नवयथार्थवाद (अन्तर्राष्ट्रीय सम्बंध) नया वाम विदेशी हस्तक्षेप Paleoliberalism शांति-औद्योगिक परिसर तर्कसंगत विकल्प संस्थागतवाद टिप्पणियाँ संदर्भ Powell Robert 1994 Anarchy in International Relations Theory: The Neorealist-Neoliberal Debate http://woc.uc.pt/feuc/getFile.do?tipo=2&id=4546&ei=LRxvUdW4DciNO-DOgIgN International Organization 48 2 313–344 10.1017/s0020818300028204 harv 28 अक्तूबर 2019 16 नवंबर 2021 https://web.archive.org/web/20211116152942/https://www.uc.pt/?tipo=2&id=4546&ei=LRxvUdW4DciNO-DOgIgN dead श्रेणी:उदारतावाद श्रेणी:अंतरराष्ट्रीय सम्बंध सिद्धांत