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अनुच्छेद 125 (भारत का संविधान)
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भारत का संविधान भाग 6 अनुच्छेद 126 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 124 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी :श्रेणी:संविधान 1949 प्रकाशित
अनुच्छेद 125 भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है। यह संविधान के भाग 5 में शामिल है और न्यायाधीशों के वेतन आदि का वर्णन करता है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 125, न्यायाधीशों के वेतन, भत्तों, और अन्य लाभों से जुड़ा है. यह सुनिश्चित करता है कि न्यायाधीशों को न्याय और स्वतंत्रता के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता और सुरक्षा मिले.https://constitutionsimplified.in/ta/blog-post122 Article 125 of the Indian Constitution: Salaries, etc., of Judges 2023-10-10 constitution simplified ta 2024-04-18 18 अप्रैल 2024 https://web.archive.org/web/20240418084827/https://constitutionsimplified.in/ta/blog-post122 deadhttps://byjus.com/ias-questions/what-is-the-article-125/ What is the Article 125? [Get the Answers at BYJU’S] 2021-08-31 BYJUS 2024-04-18
पृष्ठभूमि
मसौदा अनुच्छेद 104 (अनुच्छेद 125) पर 30 जुलाई 1949 को बहस हुई। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन, भत्ते और अधिकारों से संबंधित नियम बनाए गए।
मसौदा समिति के अध्यक्ष ने मसौदा अनुच्छेद को पूरी तरह से बदलने के लिए एक संशोधन पेश किया। विधानसभा में बहसें इसी संशोधन पर आधारित थीं. संशोधन में 'विशेषाधिकार' शब्द जोड़ा गया जो प्रारंभिक मसौदा अनुच्छेद से गायब था।
एक सदस्य ने खंड (2) में निम्नलिखित परंतुक जोड़ने का प्रस्ताव रखा:
'बशर्ते कि संसद द्वारा इस अनुच्छेद के तहत बनाया गया कोई भी कानून यह प्रदान नहीं करेगा कि उस कानून के तहत सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को स्वीकार्य पेंशन उस से कम होगी जो उसके लिए स्वीकार्य होती यदि वह उन प्रावधानों द्वारा शासित होता जो ठीक पहले थे इस संविधान की शुरुआत संघीय न्यायालय के न्यायाधीशों पर लागू थी।'
उन्होंने तर्क दिया कि मसौदा अनुच्छेद, जैसा कि यह था, संसद को सर्वोच्च न्यायालय के भावी न्यायाधीशों के वेतन और पेंशन को कम करने की अनुमति देता है। चूँकि प्रतिभाशाली क़ानूनी दिमागों को पीठ की ओर आकर्षित करने के लिए उच्च वेतन आवश्यक था, वह संसद को वेतन और इस प्रकार उनकी पेंशन को उस स्तर से कम करने से रोकना चाहते थे जिस स्तर पर संघीय न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीशों को मुआवजा दिया गया था। मसौदा समिति के अध्यक्ष ने जवाब दिया कि इस संशोधन में यह माना गया है कि वर्तमान संघीय न्यायालय के न्यायाधीशों को समान वेतन मिलता रहेगा। ऐसा निर्णय लेना मसौदा समिति के दायरे से बाहर था, जिसे इसके बजाय संसद पर छोड़ दिया जाता; इस प्रकार, संशोधन समयपूर्व था।
सदस्य द्वारा प्रस्तावित संशोधन को अस्वीकार कर दिया गया, जबकि सभा ने मसौदा समिति के अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित संशोधन को स्वीकार कर लिया। संशोधित मसौदा अनुच्छेद विधानसभा द्वारा पारित किया गया था, और इसे 30 जुलाई 1949 को अपनाया गया था।https://www.constitutionofindia.net/articles/article-125-salaries-etc-of-judges/ Article 125: Salaries, etc., of Judges 2022-12-30 Constitution of India 2024-04-18
मूल पाठ
1[(1) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को ऐसे वेतनों का संदाय किया जाएगा जो संसद, विधि द्वारा, अवधारित करे और जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसे वेतनों का संदाय किया जाएगा जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं।]*
(2) प्रत्येक न्यायाधीश ऐसे विशेषाधिकारों और भत्तों का तथा अनुपस्थिति छुट्टी और पेंशन के संबंध में ऐसे अधिकारों का, जो संसद द्वारा बनाई गई विधि द्वारा या उसके अधीन समय-समय पर अवधारित किए जाएँ और जब तक इस प्रकार अवधारित नहीं किए जाते हैं तब तक ऐसे विशेषाधिकारों, भत्तों और अधिकारों का जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, हकदार होगा:
परन्तु किसी न्यायाधीश के विशेषाधिकारों और भत्तों में तथा अनुपस्थिति छुट्टी या पेंशन के संबंध में उसके अधिकारों में उसकी नियुक्ति के पश्चात् उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 48 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/##श्रेष्ठ वकीलों से मुफ्त कानूनी सलाह hindi.lawrato.com https://hindi.lawrato.com/%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9B%E0%A5%87%E0%A4%A6-125 hi 2024-04-18
(1) There shall be paid to the Judges of the Supreme Court such salaries as may be determined by Parliament by law and, until provision in that behalf is so made, such salaries as are specified in the Second Schedule.
(2) Every Judge shall be entitled to such privileges and allowances and to such rights in respect of leave of absence and pension as may from time to time be determined by or under law made by Parliament and, until so determined, to such privileges, allowances and rights as are specified in the Second Schedule:
Provided that neither the privileges nor the allowances of a Judge nor his rights in respect of leave of absence or pension shall be varied to his disadvantage after his appointment.https://constitutionsimplified.in/ta/blog-post122 Article 125 of the Indian Constitution: Salaries, etc., of Judges 2023-10-10 constitution simplified ta 2024-04-18 18 अप्रैल 2024 https://web.archive.org/web/20240418084827/https://constitutionsimplified.in/ta/blog-post122 deadWhat is the Article 125? [Get the Answers at BYJU’S] BYJUS 2021-08-31 https://byjus.com/ias-questions/what-is-the-article-125/ 2024-04-18
सन्दर्भ
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