Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

लिंग (व्याकरण)

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

व्याकरण के सन्दर्भ में लिंग से तात्पर्य भाषा के ऐसे प्रावधानों से है जो वाक्य के कर्ता के स्त्री/पुरुष/निर्जीव होने के अनुसार बदल जाते हैं। विश्व की लगभग एक चौथाई भाषाओं में किसी न किसी प्रकार की लिंग व्यवस्था है। हिन्दी में दो लिंग होते हैं (पुल्लिंग तथा स्त्रीलिंग) जबकि संस्कृत में तीन लिंग होते हैं- पुल्लिंग, स्त्रीलिंग तथा नपुंसक लिंग। फ़ारसी जैसे भाषाओं में लिंग होता नहीं, और भी अंग्रेज़ी में लिंग सिर्फ़ सर्वनाम में होता है। उदाहरण- मोहन पढ़ता है। ('पढ़ता' का रूप पुल्लिंग है, इसका स्त्रीलिंग रूप 'पढ़ती' है। ) गीता गाती है। ('गाती' का रूप स्त्रीलिंग है, इसका पुलिंग रूप 'गाता' है।) अपवाद: अरावली, श्रीलंका, स्त्री लिंग शब्द है! परिभाषा लिंग शब्द का शाब्दिक अर्थ है-'चिह्न'। अतः जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम की स्त्री या पुरुषजाति का बोध होता है, उसे लिंग कहा जाता है। जैसे-बालक:, चटका (चिड़िया), फलम्। संस्कृत का लिंङ्गभेद संस्कृत में लिङ्ग तीन प्रकार के होते हैं। पुल्लिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग पुल्लिङ्ग वे संज्ञा या सर्वनाम शब्द जो हमें पुरुष जाति का बोध कराते हैं, पुँल्लिंग कहे जाते हैं। जैसे-बालकः, गज: मयूर:, अश्व:, काक: आदि। पुल्लिंग की पहचान करने के कुछ नियम इस प्रकार हैं:- 'इमनिच्' प्रत्ययान्त शब्द पुल्लिंग होते हैं। जैसे-लघिमा, गरिमा, महिमा आदि। 'अहन्' तथा 'दिन' (नपुंसक) को छोड़कर समयवाचक शब्द पुल्लिंग होते हैं। जैसे-समय:, काल:, दिवसः 'अन्' प्रत्यय वाले शब्द पुल्लिंग होते हैं। जैसे आत्मन्, मातृन्, राजन् आदि। 'असुर' एवं 'देव' के पर्यायवाची पुंल्लिंग होते हैं। जैसे-सुरः, देवः, अमर:, रामः, दानवः, बालिः, रावणः, विष्णु: आदि। 'घञ्' प्रत्यय वाले शब्द पुँल्लिंग होते हैं। जैसे अनुतापः, प्रणाम:, विहारः, शोक: आदि। निम्न शब्दों के पर्यायवाची शब्द पुँल्लिंग होते हैं:- असिः - खड्ग, खड्ग, करवाल:। केश: - कचः, मूर्धजः, शिरोरुहः। पर्वतः - अद्रिः, गिरिः, शैल:। ओष्ठः - अधरः, रदनच्छदः।। कण्ठः - गल:। खगः - विहङ्गः, पक्षी, द्विजः, शकुनिः,अण्डज:। अरिः - शत्रुः, रिपुः। यज्ञः - क्रतुः, मखः । कपिः - मर्कट:, कीश:, वानरः। मृगः - कुरङ्गः, वातायुः, हरिणः करः - हस्तः, पाणिः । स्त्रीलिङ्ग वे संज्ञा या सर्वनाम शब्द जो स्त्री जाति का बोध कराते हैं, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं। जैसे-शिक्षिका, बालिका, अजा आदि। नियम-स्त्रीलिंग ज्ञात करने के कुछ नियम इस प्रकार हैं:- 'स्त्री' शब्द के पर्यायवाची शब्द स्त्रीलिंग होते हैं। अबला, कान्ता, नारी, महिला, ललना, वनिता, वामा आदि। आ, ई ('इन्' प्रत्ययवाले पापी जैसे शब्दों को छोड़कर) तथा ऊ आदि से समाप्त होनेवाले शब्द स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे कन्या, अजा, विद्या, लता, रमा, माला, लक्ष्मी, नदी, गौरी, देवी, तरी: (नाव), वधूः, तनूः आदि। 'क्तिन्' (इ) प्रत्ययान्त शब्द स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे गति, मति, शान्ति आदि। तिथिवाचक शब्द स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे-प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, पूर्णिमा आदि। विंशति से लेकर नवति: तक संख्यावाचक शब्द स्त्रीलिंग जैसे होते हैं। जैसे-विंशति: त्रिंशत्, चत्वारिंशत्, पञ्चाशत्, सप्तति:, नवतिः आदि। नपुंसकलिङ्ग वे संज्ञा या सर्वनाम शब्द जो न तो पुरुष जाति का बोध कराते हैं और न ही स्त्री जाति का बोध कराते हैं, वे नपुंसकलिंग शब्द कहलाते हैं। जैसे-फलम्, पत्रम्, पुस्तकम्। नियम-नपुंसकलिङ्ग ज्ञात करने के प्रमुख नियम इस प्रकार हैं- फलों के नाम भी नपुंसकलिंग में आते हैं। जैसे आम्रम्, (आम) दाडिमम्, (अनार), कदलीफलम् (केला)। 'त्र' से समाप्त होनेवाले शब्द नपुंसकलिङ्ग होते हैं। जैसे चरित्रम्, छत्रम्, पत्रम् आदि। फूलों के नाम नपुंसकलिंग में होते हैं। जैसे-पुष्पम्, कमलम्। क्रिया विशेषण शब्द नपुंसकलिङ्ग में होते हैं। जैसे अश्वः शीघ्रं धावति। कच्छपः तीव्रं वदति। रमा मधुरं शतम्, सहस्रम्, लक्षम्, नीलम्, पद्म, शंखम् आदि शब्द नपुंसकलिङ्ग होते हैं। यदि संख्यावाचक शब्द के अन्त में रात्र शब्द हो तो नपुंसकलिङ्ग होता है।जैसे-द्विरात्रम्, पञ्चरात्रम् आदि। निम्नलिखित शब्दों के समानार्थक शब्द नपुंसकलिङ्ग होते हैं। जैसे:- अमङ्गलम् अभद्रम्, अशुभम्। नयनम् - अक्षि, चक्षुः, नेत्रम्, लोचनम् आदि। दलम्-पर्णम्, पत्रम्। जलम् - उदकम्, पयः, पानीयम्, वारि आदि। भद्रम्-कल्याणम्, मङ्गलम्, शुभम्, सुवर्णम् काञ्चनम्, हेमम्। नभः - खम्, गगनम्, व्योम।