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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

जयश्री नैषध रायजी

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जयश्री नैषध रायजी (26 अक्टूबर 1895 - 1985) एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता, समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ थीं। वह बॉम्बे उपनगरीय निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर प्रथम लोकसभा की सदस्य बनी थीं। == प्रारंभिक जीवन == जयश्री का जन्म 26 अक्टूबर 1895 को सूरत में सर मनुभाई मेहता और हर्षदागौरी के घर हुआ था। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बड़ौदा कॉलेज में दाखिला लिया। उन्होंने 1918 में बड़ौदा कॉलेज (बॉम्बे विश्वविद्यालय) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उसी वर्ष चार्टर्ड अकाउंटेंट एन. एम. रायजी के साथ विवाह के बाद, वह बॉम्बे (अब मुंबई) में आकर बस गईं। == करियर == जयश्री अपने सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने वंचितों, विशेषकर महिलाओं की सामाजिक समस्याओं और जरूरतों के बारे में गहरी अंतर्दृष्टि प्राप्त की थी। वह 1919 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी महिला परिषद की अध्यक्ष बनीं। 1920 में वह बॉम्बे में भगिनी समाज की संस्थापक सदस्य थीं। वह 1933 से 1944 तक 11 वर्षों तक इसकी अध्यक्ष रहीं। 1920 से जयश्री रायजी ने आदिवासियों के कल्याण और महिलाओं, विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के विकास के लिए काम किया। वह महात्मा गांधी की अनुयायी और एक सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ता थीं। उन्होंने 1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था। वह राष्ट्रीय स्त्री सभा की सचिव थीं, जिसे अंग्रेजों ने अवैध घोषित कर दिया था। असहयोग आंदोलन (1930) के दौरान, उन्होंने विदेशी सामान बेचने वाली दुकानों के सामने प्रदर्शनों में भाग लिया था। भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों ने उन्हें छह महीने के लिए जेल में डाल दिया था। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु, उन्होंने प्रदर्शनियों का आयोजन किया और महिलाओं की सहकारी दुकानें स्थापित करने में मदद की। वह महिलाओं के विकास और उनकी शिक्षा के क्षेत्र में भी गहराई से जुड़ी हुई थीं और न केवल महाराष्ट्र व गुजरात में बल्कि अखिल भारतीय स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को फैलाने के आंदोलन में सबसे आगे थीं। वह महाराष्ट्र राज्य महिला परिषद और संयुक्त महिला संगठन (United Women's Organization) की अध्यक्ष थीं। वह वनिता विश्राम कार्यकारी समिति (विधवाओं के लिए गृह) की सक्रिय सदस्य और अखिल भारतीय महिला सम्मेलन (All India Women's Conference) की संरक्षक भी थीं। भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, उन्होंने बॉम्बे उपनगरीय निर्वाचन क्षेत्र से प्रथम आम चुनाव लड़ा और प्रथम लोकसभा की सदस्य बनीं। वह भारतीय बाल कल्याण परिषद (Indian Council for Child Welfare) के संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। कई वर्षों तक वह महाराष्ट्र की भारतीय बाल कल्याण परिषद और बॉम्बे विजिलेंस एसोसिएशन की सदस्य रहीं। 1954 में टोरंटो में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक कार्य सम्मेलन में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह नैतिक और सामाजिक स्वच्छता संघ (Association for Moral and Social Hygiene) से भी जुड़ी हुई थीं। 1980 में, उन्हें महिलाओं और बच्चों के विकास व कल्याण के लिए जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। == व्यक्तिगत जीवन == 1918 में उन्होंने एन. एम. रायजी से विवाह किया और उनके चार बच्चे हुए। 1985 में उनका निधन हो गया। == संदर्भ ==