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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

ज़ैल सिंह

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ज्ञानी ज़ैल सिंह President Giani Zail Singh.jpg भारत के सातवे राष्ट्रपति 25 जुलाई 1982 25 जुलाई 1987 नीलम संजीव रेड्डी रामस्वामी वेंकटरमण 1916 05 05 y 1994 12 25 1916 05 05 y भारतीय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ज्ञानी ज़ैल सिंह (5 मई 1916 – 25 दिसंबर 1994)https://www.independent.co.uk/news/people/obituary-zail-singh-1388722.html OBITUARY: Zail Singh 1994-12-29 The Independent en 2022-05-19 भारत के सातवें राष्ट्रपति थे जिनका कार्यकाल 25 जुलाई 1982 से 25 जुलाई 1987 रहा। वो भारत के पहले राष्ट्रपति थे जिनका धर्म सिख था। राष्ट्रपति बनने से पूर्व वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य के रूप में गृह मंत्री सहित केन्द्रीय मंत्रीमंडल के विभिन्न पदों पर रहे। वो वर्ष 1983 से 1986 तक गुट निरपेक्ष आंदोलन के अध्यक्ष भी रहे। उनके कार्यकाल में ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी की हत्या और 1984 के सिख-विरोधी दंगे जैसी घटनायें हुई।https://www.nytimes.com/1994/12/26/obituaries/zail-singh-78-first-sikh-to-hold-india-s-presidency.html Zail Singh, 78, First Sikh To Hold India's Presidency Hazarika Sanjoy 1994-12-26 The New York Times 2022-05-19 en-US 0362-4331 वर्ष 1994 में कार दुर्घटना में घायल होने के कारण उनका निधन हो गया। प्रारंभिक जीवन ज्ञानी ज़ैल सिंह का जन्म ब्रिटिश भारत के फरीदकोट राज्य (वर्तमान पंजाब में) के ग्राम संघवान में 5 मई 1916 को हुआ। इनके पिता का नाम किशन सिंह विश्वकर्मा एवं माता का नाम इंद्रा कौर था। राजनीतिक जीवन राज्य की राजनीति (1947 से 1972 तक) पंथनिरपेक्षता की राह पर भारत के पुनर्निमाण के दौरान उन्होंने फ़रीदकोट राज्य के शासक हरिन्दर सिंह बरार का विरोध किया जिसके फलस्वरूप उन्हें पाँच वर्षों के लिए बंदी बनाये गये और यातनायें दी गयी।ए॰सी॰ अरोड़ा हरबंस सिंह पंजाब The Encyclopedia of Sikhism III पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला, भारत 1997 278https://books.google.co.in/books?id=Kmj3DAAAQBAJ&pg=PA1971 President and Prime Minister of India कुमार राजेन्द्र 2021-01-01 प्रभात प्रकाशन en भारत के विभाजन के बाद नये बने राज्य पटियाला एवं पूर्वी पंजाब राज्य संघ में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उन्हें वर्ष 1949 में उन्हें राजस्व मंत्री नियुक्त किया एवं वर्ष 1951 में उन्हें कृषि मंत्रालय दिया गया। 3 अप्रैल 1956 से 10 मार्च 1962 तक वो राज्य सभा सदस्य रहे।https://rajyasabha.nic.in/rsnew/pre_member/1952_2003/s.pdf Rajya Sabha Members rajyasabha.nic.in 22 जनवरी 2022 https://web.archive.org/web/20220122154053/https://rajyasabha.nic.in/rsnew/pre_member/1952_2003/s.pdf dead पंजाब के मुख्यमंत्री (1972-77) ज़ैल सिंह को वर्ष 1972 में कांग्रेस ने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में चुना।संगत सिंह The Sikhs in History नई दिल्ली अनकॉमन बूक्स 1999 350–54खुशवन्त सिंह A History of the Sikhs II 1839–2004 नई दिल्ली ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस 315–317 उन्होंने बड़े पैमाने पर धार्मिक सभाओं की व्यवस्था की, एक पारंपरिक सिख प्रार्थना के साथ सार्वजनिक समारोहों की शुरुआत की, गुरु गोबिंद सिंह के नाम पर एक राजमार्ग का उद्घाटन किया, और गुरु के पुत्र के नाम पर एक बस्ती का नाम रखा।खुशवन्त सिंह A History of the Sikhs II 1839–2004 New Delhi ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस 355 उन्होंने राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए आजीवन पेंशन योजना बनाई। उन्होंने लंदन से उधम सिंह के अवशेष, हथियार और गुरु गोबिंद सिंह से संबंधित लेख वापस लाए। भारत के राष्ट्रपति 1982 में, उन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने के लिए नामित किया गया था। बहरहाल, मीडिया में कुछ लोगों ने महसूस किया कि राष्ट्रपति को एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के बजाय इंदिरा गाँधी के वफादार होने के लिए चुना गया था। जैल सिंह ने अपने चुनाव के बाद कहा था, "अगर मेरे नेता ने कहा होता कि मुझे झाड़ू उठानी चाहिए और नौकर बनना चाहिए, तो मैंने ऐसा ही किया होता। उन्होंने मुझे राष्ट्रपति बनने के लिए चुना।"https://www.indiatoday.in/magazine/nation/story/20081229-10-stories-that-changed-in-our-lifetime-738583-2008-12-19 10 stories that changed in our lifetime प्रियंका सूद गुंजीत के॰ स्रा इंडिया टुडे en 2022-05-19 उन्होंने 25 जुलाई 1982 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्होंने गांधी के साथ काम किया और तय किया गया कि उन्हें हर हफ्ते राज्य के मामलों से अवगत कराया जाना चाहिए। ऑपरेशन ब्लू स्टार से एक दिन पहले 31 मई 1984 को, वह एक घंटे से अधिक समय तक गांधी से मिले, लेकिन उन्होंने अपनी योजना के बारे में एक शब्द भी साझा नहीं किया।खुशवन्त सिंह, A History of the Sikhs, Volume II: 1839–2004, नई दिल्ली, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2004, p. 359-60. ऑपरेशन के बाद उन पर सिखों द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने का दबाव डाला गया। उन्होंने योगी भजन की सलाह पर स्थिति बिगड़ने के डर से इस्तीफे के खिलाफ फैसला किया। बाद में उन्हें हरिमंदिर साहिब की बेअदबी और निर्दोष सिखों की हत्या पर अपनी निष्क्रियता के लिए माफी मांगने और समझाने के लिए अकाल तख्त के सामने बुलाया गया। उसी वर्ष 31 अक्टूबर को इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई, और उन्होंने अपने बड़े बेटे राजीव गांधी को प्रधान मंत्री नियुक्त किया।हरजोत सिंह, "Zail Singh, Giani", The Encyclopedia of Sikhism, ed. हरबंस सिंह, Vol. IV, पटियाला, भारत, पंजाबी यूनिवर्सिटी, 1997, पृष्ठ 456–57. इसके अलावा, 1986 में उन्होंने राजीव गांधी द्वारा पारित भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक के संबंध में पॉकेट वीटो का प्रयोग किया, प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया और इसलिए, व्यापक रूप से उनकी आलोचना की गयी । नई दिल्‍ली के ”विज्ञान भवन” में 27 सितम्‍बर 1986 को श्री धर्मदास शास्‍त्री (पूर्व सांसद) की अध्‍यक्षता में आयोजित 5th अखिल भारतीय रैगर महासम्‍मेलन में , श्री ज्ञानी जैल सिंह जी के द्वारा स्‍वामी ज्ञानस्‍वरूप महाराज को निर्वाणोपरान्‍त, स्‍वामी जी के उत्तराधिकारी शिष्‍य स्‍वामी श्री रामानन्‍द ‘जिज्ञासु’ जी को स्‍वामी ज्ञानस्‍वरूप महाराज के द्वारा समाज हेतु की गई विशिष्‍ट सेवाओं के लिए भारत-सरकार की तरफ़ से स्‍वर्ण पदक तथा ”रैगर-रत्‍न” की उपाधि प्रदान की गई । सन्दर्भ श्रेणी:भारत के राष्ट्रपति श्रेणी:१९९४ में निधन श्रेणी:1916 में जन्मे लोग श्रेणी:पंजाब के मुख्यमंत्री श्रेणी:७वीं लोक सभा के सदस्य श्रेणी:भारत के गृह मंत्री