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तिरुवनन्तपुरम
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तिरुवनंतपुरम തിരുവനന്തപുരം Thiruvananthapuram अनंतपुरी महानगर 300 infobox 1/2/2/2/1 center Trivandrum Skyline Cropped.jpg Northern Trivandrum उत्तरी तिरुवनंतपुरम के साथ टेक्नोपार्क फ़ेज़ 2 का दृश्य Padmanabhaswamy Temple Thiruvananthapuram.jpg Padmanabhaswamy Temple पद्मनाभस्वामी मंदिर Niyamasabha Mandiram नियमसभा मंदिरम Technopark Phase III Buildings February 2014.jpg Technopark, Trivandrum टेक्नोपार्क फ़ेज़ 3 01KovalamBeach&Kerala.jpg Kovalam Beach कोवलम Kanakakkunnu-palace-trivandrum.jpg Kanakakkunnu Palace कनकक्कुन्नू महल Tvmcentral.jpg Thiruvananthapuram Central railway station सेंट्रल रेलवे स्टेशन Palace of Trivandrum.jpg Kowdiar Palace कवडियार महल Seal of Corporation of Thiruvananthapuram by dhevilal.svg भारत का सदाबहार शहरईश्वर की अपनी राजधानीHistory – Official Website of District Court of India http://ecourts.gov.in/kerala/thiruvananthapuram District Courts 18 May 2017 25 December 2018 https://web.archive.org/web/20181225063231/http://ecourts.gov.in/kerala/thiruvananthapuram dead yes center y shape-inverse Q1186 250 450 3 10.50 76.20 7 point 08 31 26.8 N 76 56 11.8 E medium तिरुवनंतपुरम (केरल) yes shape-inverse Q7785507 y तिरुवनंतपुरम 11 2 no 300 390 center इंटरैक्टिव मानचित्र Thiruvananthapuram outline map 08 31 26.8 N 76 56 11.8 E type:city_region:IN inline देश राज्य केरल ज़िला तिरुवनंतपुरम त्रवनकोर की राजधानी के रूप में स्थापना नगर निगम तिरुवनंतपुरम नगर निगम महापौर आर्य राजेंद्रनIndia: 21-year-old student Arya Rajendran set to become mayor in Kerala https://gulfnews.com/world/offbeat/india-21-year-old-student-arya-rajendran-set-to-become-mayor-in-kerala-1.1608892334881 2020-12-25 gulfnews.com 25 December 2020 en (CPI(M)) उपमहापौर पी. के. राजू (CPI) सांसद शशि थरूर (INC) DIG और पुलिस आयुक्त थोमसन जोसे IPS Metric 214 311 http://www.demographia.com/db-worldua.pdf Demographia World Urban Areas demographia.com live https://web.archive.org/web/20110805030244/http://www.demographia.com/db-worldua.pdf 5 August 2011 1st 38.93 957730 auto 1890406 Urban Agglomerations/Cities having population 1 million and above http://censusindia.gov.in/2011-prov-results/paper2/data_files/india2/Million_Plus_UAs_Cities_2011.pdf Office of the Registrar General & Census Commissioner Ministry of Home Affairs, Government of India 9 July 2018 भाषाएँ मलयालम, अंग्रेज़ीThe Kerala Official Language (Legislation) Act, 1969 http://www.lawsofindia.org/pdf/kerala/1969/1969KERALA7.pdf https://web.archive.org/web/20140911111246/http://www.lawsofindia.org/pdf/kerala/1969/1969KERALA7.pdf usurped 11 September 2014 PRS Legislative Research 19 July 201852nd Report of the Commissioner for Linguistic Minorities in India http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM52ndReport.pdf nclm.nic.in Ministry of Minority Affairs 29 March 2019 dead https://web.archive.org/web/20170525141614/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM52ndReport.pdf 25 May 2017 सकल घरेलू उत्पाद (2020) 15.777 2020Billionhttps://metroverse.cid.harvard.edu/city/8095/overview Metroverse | Harvard Growth Lab GDP अंतरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पत्तन विलिन्यम अंतरराष्ट्रीय पत्तन तिरुवनंतपुरम अंतरिक्ष पत्तन थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन जलवायु Am/Aw IST +5:30 PIN 695XXX +91 471 *KL-01 तिरुवनंतपुरम
KL-22 कलक्कूट्टम
KL-15 KSRTC
KL-16 आट्टिंगल
KL-19 पारस्साल
KL-20 नेय्याट्टिनकरा
KL-21 नेडुमंगाड
KL-74 काट्टाकाड़ा
KL-81 वर्कला trivandrum.nic.in
तिरुवनंतपुरम (ml തിരുവനന്തപുരം, en Thiruvananthapuram no) पूर्व नाम त्रिवेंद्रम, भारत के केरल राज्य का सबसे बड़ा नगर और राजधानी है। यह तिरुवनंतपुरम जिले का मुख्यालय भी है। केरल की राजनीति के अलावा शैक्षणिक व्यवस्था का केंद्र भी यही है। कई शैक्षणिक संस्थानों में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, राजीव गाँधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र कुछ प्रसिद्ध नामों में से हैं। भारत की मुख्य भूमि के सुदूर दक्षिणी पश्चिमी तट पर बसे इस नगर को महात्मा गाँधी ने "भारत का नित हरा नगर" की संज्ञा दी थी।"Lonely Planet South India & Kerala," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394"The Rough Guide to South India and Kerala," Rough Guides UK, 2017, ISBN 9780241332894
नाम
thumb|280px|right|पोनमुदी पर्वत
तिरुवनंतपुरम का संधि विच्छेद है: तिरु +अनंत +पुरम्
"तिरु" एक दक्षिण भारतीय आदरसूचक आद्याक्षर और संस्कृत के "श्री" का रूप है, जैसे कि तिरुचिरापल्ली, तिरुपति, तिरुवल्लुवर। इसका संस्कृत समानांतर "श्री" है, जैसे कि श्रीमान, श्रीकाकुलम्, श्रीनगर, श्रीविष्णु इत्यादि। "अनंत" भगवान अनंत के लिए हैं तथा संस्कृत शब्द "पुरम" का अर्थ है घर, वासस्थान। तिरुवनंतपुरम का शाब्दिक अर्थ होता है "भगवान अनंत का वासस्थान"। भगवान अनंत, हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शेषनाग हैं जिनपर भगवान विष्णु विराजते हैं। यहाँ का श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर, जहाँ भगवान विष्णु शेषनाग जी पर आराम की मुद्रा में बैठे हैं, नगर की पहचान बन गया है। ब्रिटिश शासन के पर्यन्त इसे ट्रिवानड्रम के नाम से भी जाना जाता था। 1991 में राज्य सरकार ने इसका नाम बदलकर तिरुवनंतपुरम कर दिया। यद्यपि अब भी ट्रिवानड्रम नाम बहुत प्रयुक्त होता है।
हिंदी वर्तनी
हिंदी में इसे इन वर्तनियों में भी लिखा जाता है - तिरुवनंतपुरम या ट्रिवानड्रम। हिंदी (तथा अन्य भारतीय भाषाओं) में संधि के अनुसार तिरु+अनंत = तिरुवनंत। इसलिए इसे तिरुवनंतपुरम लिखते हैं। हलंत (्) लगाने का कारण उच्चारण है। हिंदी (तथा उत्तर भारतीय भाषाओं) में, अंतिम अक्षर में, बिना लिखे हलंत होने का प्रचलन है। हमें शब्द के अंत में हलंत लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती क्योंकि ये माना हुआ होता है कि शब्द के अंत में एक हलंत लगा होता है। परंतु दक्षिण भारतीय भाषाओं में हलंत लगाना पड़ता है। अतः तिरुवनंतपुरम के नाम का यदि मलयालम से लिप्यंतरित किया जाए तो यह तिरुवनंतपुरम होता है। हिंदी में हलंत लगाने की आवश्यक्ता तो नहीं है पर चूँकि ये नाम दक्षिण भारतीय है इसलिए इसमें हलंत लगा लिया जाता है। दक्षिण भारतीय भाषाओं में त के ध्वनि को अंग्रेजी में Th से लिखा जाता है, क्योंकि इसे T लिखने से (जो उत्तर भारत में किया जाता है), ट की ध्वनि के साथ विभेद नहीं हो पाता है। पर कई लोग इस अंग्रेजी के शब्द का हिंदी में लिप्यंतरित करते समय इसे "थिर्वनंतपुरम" लिखते है परंतु यह अनुचित है।
इतिहास
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम को त्रिवेंद्रम के नाम से भी पुकारा जाता है। देवताओं की नगरी के नाम से मशहूर इस शहर को महात्मा गाँधी ने नित हरा नगर की संज्ञा दी थी। इस नगर का नाम शेषनाग अनंत के नाम पर पड़ा जिनके ऊपर पद्मनाभस्वामी (भगवान विष्णु) विश्राम करते हैं। तिरुवनंतपुरम, एक प्राचीन नगर है जिसका इतिहास 1000 ईसा पूर्व से शुरू होता है। त्रावणकोर के संस्थापक अनीयम तिरुनाल मार्तंड वर्मा ने तिरुवनंतपुरम को अपनी राजधानी बनाया जो उनकी मृत्यु के बाद भी बनी रही। स्वतंत्रता के बाद यह त्रावणकोर-कोचीन की राजधानी बनी। 1956 में केरल राज्य के बनने के बाद से यह केरल की राजधानी है। पश्चिमी घाट पर स्थित यह नगर प्राचीन काल से ही एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र रहा है। तिरुवनंतपुरम की सबसे बड़ी पहचान श्री पद्मनाभस्वामी का मंदिर है जो लगभग 2000 साल पुराना है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने के बाद से यह नगर एक प्रमुख पर्यटक और व्यवसायिक केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। इसकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और शोभायमान तटों से आकर्षित होकर प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक यहाँ खीचें चले आते हैं।
भौगोलिक दशा
तिरुवनंतपुरम भारत के केरल राज्य के दक्षिण-पश्चिमी तट पर 8.5 N 76.9 E पर स्थित है। इसकी ऊँचाई समुद्र तल से 16 फीट है, एवं इसका क्षेत्रफल अरब सागर एवं पश्चिमी घाट के बीच 250 वर्ग किमी है
जलवायु
नगर का जलवायु उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु और उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु के बीच है। नतीजतन, यह विभिन्न ऋतुओं का अनुभव नहीं करता है। माध्य अधिकतम तापमान 34° C (93° F) और न्यूनतम तापमान 21° C (70° F) है। वर्षाऋतु में आर्द्रता अधिक होती है और लगभग 90% तक बढ़ जाती है।[तिरुवनंतपुरम]] 23 29 26 23 29 21 24 31 33 25 31 125 24 29 202 24 28 306 24 28 175 24 28 152 24 29 179 24 29 223 24 29 206 23 29 65 Weather Underground right
मुख्य आकर्षण
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर
पद्मनाभस्वामी मंदिर
यह मंदिर भारत के सबसे प्रमुख वैष्णव मंदिरों में से एक है तथा तिरुवनंतपुरम का ऐतिहासिक स्थल है। पूर्वी दुर्ग के अंदर स्थित इस मंदिर का परिसर बहुत विशाल है जिसकी अनुभूति इसका सात मंजिला गोपुरम देखकर हो जाता है। केरल और द्रविड़ियन वास्तुशिल्प में निर्मित यह मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। पद्मा तीर्थम, पवित्र कुंड, कुलशेखर मंडप और नवरात्रि मंडप इस मंदिर को और भी आकर्षक बनाते हैं। 260 वर्ष पुराने इस मंदिर में केवल हिंदु ही प्रवेश कर सकते हैं। पुरुष केवल श्वेत धोती पहन कर यहाँ आ सकते हैं। इस मंदिर का नियंत्रण त्रावणकोर राजसी परिवार द्वारा किया जाता है। इस मंदिर में दो वार्षिकोत्सव मनाए जाते हैं- एक पंकुनी के महीने (15 मार्च - 14 अप्रैल) में और दूसरा ऐप्पसी के महीने (अक्टूबर-नवंबर) में। इन समारोहों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
तिरुवनंतपुरम वेधशाला
यह वेधशाला तिरुवनंतपुरम के संग्रहालय परिसर में स्थित है। महाराजा स्वाति तिरुनाल ने 1837 में इसका निर्माण करवाया था। यह भारत की सबसे पुरानी वेधशालाओं में से एक है। यहाँ आप अंतरिक्ष से संबंधित सारी जानकारी प्राप्त कर सकते है। पहाड़ी के सामने एक अतिसुंदर उद्यान है जहाँ गुलाब के फूलों का अत्योत्तम संग्रह है। वर्तमान में इसकी पर्यवेक्षण भौतिकी विभाग, केरल विश्वविद्यालय द्वारा की जाती है।
चिड़ियाघर
thumb|280px|विज़िंजम पत्तन
पी.एम.जी. संगम के पास स्थित यह चिड़ियाघर भारत का दूसरा सबसे पुराना चिड़ियाघर है। 55 एकड़ में फैला यह जैविक उद्यान वनस्पति उद्यान का भाग है। इसका निर्माण 1857 ई. में त्रावणकोर के महाराजा द्वारा बनाए गए संग्रहालय के एक भाग के रूप में हुआ था। यहाँ देशी-विदेशी वनस्पति और जंतुओं का संग्रह है। यहाँ आने पर ऐसा लगता है जैसे कि नगर के बीचों बीच एक वन बसा हो। रैप्टाइल हाउस में साँपों की अनेक प्रजातियाँ रखी गई हैं। इस चिड़ियाघर में नीलगिरी लंगूर, भारतीय गैंडा, एशियाई सिंह और राजसी बंगाल व्याघ्र भी आपको दिख जाएगें।
समय: सुबह 10 से शाम 5 बजे तक, सोमवार को बंद
वाइजिनजाम
thumb|280px|चंद्रशेखर नैयर फुटबॉल स्टेडियम
तिरुवनंतपुरम से 17 किलोमीटर दूर वाइजिनजाम मछुआरों का गाँव है जो आयुर्वेदिक चिकित्सा और बीच रिजॉर्ट के लिए प्रसिद्ध है। वाइजिनजाम का एक अन्य आकर्षण चट्टान को काट कर बनाई गई गुफा है जहाँ विनंधरा दक्षिणमूर्ति का एक मंदिर है। इस मंदिर में 18वीं शताब्दी में चट्टानों को काटकर बनाई गई प्रतिमाएँ रखी गई हैं। मंदिर के बाहर भगवान शिव और देवी पार्वती की अर्धनिर्मित प्रतिमा स्थापित है। वाइजिनजाम में मैरीन एक्वैरियम भी है जहाँ रंगबिरंगी और आकर्षक मछलियाँ जैसे क्लाउन फिश, स्क्विरिल फिश, लायन फिश, बटरफ्लाइ फिश, ट्रिगर फिश रखी गई हैं। इसके अलावा आप यहाँ सर्जिअन फिश और शार्क जैसी शिकारी मछलियां भी देख सकते हैं।
कनककुन्नु महल
नेपिअर संग्रहालय से 800 मी. उत्तर पूर्व में स्थित यह महल केरल सरकार से संबंद्ध है। एक छोटी-सी पहाड़ी पर बने इस महल का निर्माण श्री मूलम तिरुनल राजा के शासन काल में हुआ था। इस महल की आंतरिक सजावट के लिए खूबसूरत दीपदानों और शाही फर्नीचर का प्रयोग किया गया है। यहाँ स्थित निशागंधी ओपन एयर ओडिटोरिअम और सूर्यकांति ओडिटोरिअम में अनेक सांस्कृतिक सम्मेलनों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। पर्यटन विभाग निशागंधी ओपन एयर ओडिटोरिअम में प्रतिवर्ष अखिल भारतीय नृत्योत्सव का आयोजन करता है। इस दौरान जानेमाने कलाकार भारतीय शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।
नेपियर संग्रहालय
लकड़ी से बनी यह आकर्षक इमारत शहर के उत्तर में म्यूजियम रोड पर स्थित है। यह भारत के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है। इसका निर्माण 1855 में हुआ था। मद्रास के गवर्नर लॉर्ड चाल्र्स नेपियर के नाम पर इस संग्रहालय का नाम रखा गया है। यहाँ शिल्प शास्त्र के अनुसार 8वीं-18वीं शताब्दी के दौरान कांसे से बनाई गई शिव, विष्णु, पार्वती और लक्ष्मी की प्रतिमाएं भी प्रदर्शित की गई हैं।
चाचा नेहरु बाल संग्रहालय
यह बच्चों के आकर्षण का केंद्र है। इसकी स्थापना 1980 में की गई थी। यह सिटी सेंट्रल बस स्टेशन से 1 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। इस संग्रहालय में विभिन्न परिधानों में सजी 2000 आकृतियाँ रखी गई हैं। यहाँ हेल्थ एजुकेशन डिस्प्ले, एक छोटा एक्वेरिअम और मलयालम में प्रकाशित पहली बाल साहित्य की प्रति भी प्रदर्शित की गई है।
शंखुमुखम बीच
यह बीच शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर है। इसके पास ही तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डा है। इंडोर मनोरंजन क्लब, चाचा नेहरु ट्रैफिक ट्रैनिंग पार्क, मत्सय कन्यक और स्टार फिश के आकार का रेस्टोरेंट यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। नाव चलाते सैकड़ों मछुवारे और सूर्यास्त का नजारा यहाँ बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। मंदिरों में होने वाले उत्सवों के समय इस बीच पर भगवान की प्रतिमाओं को पवित्र स्नान कराया जाता है।
कोवलम बीच
कोवलम
thumb|280px|right|तिरुवनंतपुरम के पास रेह्नेवाली कोवलम बीच
तिरुवनंतपुरम से 16 किलोमीटर दूर स्थित कोवलम बीच केरल का एक प्रमुख पर्यटक केंद्र है। रेतीले तटों पर नारियल के पेड़ों और खूबसूरत लैगून से सजे ये बीच पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। कोवलम बीच के पास तीन और तट भी हैं जिनमें से दक्षिणतम छोर पर स्थित लाइट हाउस बीच सबसे अधिक प्रसिद्ध है। यह विश्व के सबसे अच्छे तटों में से एक है। कोवलम के तटों पर अनेक रेस्टोरेंट हैं जिनमें आपको सी फूड मिल जाएगें।
आट्टुकाल देवी का मंदिर
आट्टुकाल देवी का मंदिर
thumb|280px|सचिवालय, केरल सरकार
thumb|280px|कौडियार मार्ग, महल को जाती सड़क
thumb|280px|तिरुवनंतपुरम सार्वजनिक पुस्तकालय
अट्टुकल पोंगल महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध उत्सव है। यह उत्सव तिरुवनंतपुरम से 2 किलोमीटर दूर देवी के प्राचीन मंदिर में मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले पोंगल उत्सव की शुरुआत मलयालम माह मकरम-कुंभम (फरवरी-मार्च) के भरानी दिवस (कार्तिक चंद्र) को होती है। पोंगल एक प्रकार का व्यंजन है जिसे गुड़, नारियल और केले के निश्चित मात्रा को मिलाकर बनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह देवी का पसंदीदा पकवान है। धार्मिक कार्य प्रात:काल ही शुरू हो जाते हैं और दोपहर तक चढ़ावा तैयार कर दिया जाता है। पोंगल के दौरान पुरुषों का मंदिर में प्रवेश वर्जित होता है। मुख्य पुजारी देवी की तलवार हाथों में लेकर मंदिर प्रांगण में घूमता है और भक्तों पर पवित्र जल और पुष्प वर्षा करता है।
निकटवर्ती दर्शनीय स्थल
अगस्त्यकूडम
ऐसा माना जाता है कि यह त्रृषि अगस्त्य का निवास स्थान था। समुद्रतल से 1890 मी. ऊपर स्थित यह जगह केरल का दूसरा सबसे ऊंचा स्थान है। सहाद्री पर्वत शृंखला का हिस्सा अगस्त्यकूडम के जंगल अपने यहाँ मिलने वाली जड़ी बूटियों और वनस्पति के लिए जाना जाता हैं। यहाँ मिलने वाली चिकित्सीय औषधियों की संख्या 2000 से भी ज्यादा है। वनस्पतियों के अलावा इस जंगल में हाथी, शेर, तेंदुआ, जंगली सूअर, जंगली बिल्ली और धब्बेदार हिरन जैसे जानवर भी मिलते हैं। 1992 में 23 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को अगस्त्य वन को बायोलॉजिकल पार्क बना दिया गया था। ऐसा करने के पीछे मुख्य उद्देश्य इस स्थान का शैक्षणिक प्रयोग करना था। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यह स्थान उपयुक्त है। इसके लिए दिसंबर से अप्रैल के बीच यहाँ आ सकते हैं।
नेय्यर वन्यजीव अभयारण्य और नेय्यर बाँध
तिरुवनंतपुरम से 30 किलोमीटर दूर स्थित यह जगह पश्चिमी घाट पर स्थित है। यहाँ की झील और बाँध पर्यटकों को बहुत लुभाते हैं। अभयारण्य की स्थापना 1958 में की गई थी। इसका क्षेत्रफल 123 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यह अभयारण्य नेन्नयर, मुल्लयर और कल्लर नदियों के प्रवाह क्षेत्र में आता है। वॉच टावर, क्रोकोडाइल फार्म, लायन सफारी पार्क और डियर पार्क यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। यहाँ से पहाड़ों का बहुत ही सुंदर नजारा दिखाई देता है। वन्य जीवों की बात करें तो गौर, भालू, जंगली बिल्ली और नीलगिरी लंगूर यहाँ पाए जाते हैं। यहाँ ट्रैकिंग और बोटिंग की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
आवागमन
वायु
तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन के लिए चैन्नई, दिल्ली, गोवा, मुंबई से उड़ाने जाती हैं।
रेल
मैंगलोर, अर्नाकुलम, बैंगलोर, चैन्नई, दिल्ली, गोवा, मुंबई, कन्याकुमारी और अन्य नगरों से यहाँ के लिए रेलगाड़ियाँ चलती हैं। त्रिशूर के प्रतिदिन लगभग सात रेलगाड़ियाँ यहाँ आती हैं। कोल्लम और कोच्चि से भी प्रतिदिन यहाँ रेलगाड़ी आती है।
मार्ग
कोच्चि, चैन्नई, मदुरै, बैंगलोर और कन्याकुमारी से तिरुवनंतपुरम के लिए बसें चलती हैं। लंबी दूरी की बसें केंद्र बस थाना (केएसआरटीसी, तिरुवनंतपुरम बस अड्डा) से जाती हैं।
आकर्षक उत्पाद
खरीदारी उत्साहकों के लिए तिरुवनंतपुरम उत्तम जगह है। यहाँ ऐसी अनेक सामान मिलती हैं जो कोई भी व्यक्ति अपने साथ ले जाना चाहेगा। केरल का हस्तशिल्प पूरी दुनिया में मशहूर है। यहाँ से पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे तांबे का सामान, बाँस का उपस्कर लिया जा सकता हैं। कथककली के मुखौटे और पारंपरिक परिधान अनेक दुकानों पर मिलते हैं। सरकारी दुकानों के अलावा चलाई बाजार, कोन्नेमारा मार्केट, पावन हाउस रोड के पास की दुकानें और एम.जी.रोड, अट्टुकल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (पूर्वी किला), नर्मदा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (कोडियार) से भी खरीदारी की जा सकती है। अधिकतर दुकानें सवेरा 9 बजे-रात 8 बजे तक तथा सोमवार से शनिवार तक खुली रहती हैं।
खानपान
ट्रिवानड्रम के हर प्रमुख मार्ग के कोने पर चाय और पान की दुकानें मिल जाएँगी। केले के चिप्स यहाँ की विशेषता है। स्वादिष्ट केले के चिप्स के लिए कैथामुक्कु या वाईडब्ल्यूसीए रोड, ब्रिटिश पुस्तकालय के पास जा सकते हैं। यहाँ ताजे और अच्छे चिप्स मिलते हैं। ट्रिवानड्रम में ऐसे कई जलपान गृह भी हैं जो उत्तर भारतीय भोजन परोसते है। यहाँ नारियल के तेल का प्रयोग प्राय: हर व्यंजन में होता है।
प्रमुख शिक्षण संस्थान
भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान
इन्हें भी देखें
आट्टुकाल देवी मंदिर
तिरुवनंतपुरम जिला
बाहरी कड़ियाँ
आधिकारिक जिला वेबसाइट
ट्रिवानड्रम पर पब्लिक रिलेशंस का पृष्ठ
ट्रिवानड्रम जिले पर केरल सरकार की वेबसाइट
संदर्भ
श्रेणी:केरल के शहर
श्रेणी:तिरुवनंतपुरम जिला
श्रेणी:तिरुवनंतपुरम जिले के नगर
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श्रेणी:त्रवनकोर राज्य
श्रेणी:केरल में पर्यटन
श्रेणी:भारत के महानगर
श्रेणी:भारत के तटीय वासस्थान
श्रेणी:भारत में बंदरगाह नगर
श्रेणी:भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की राजधानियाँ