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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नय्यारा नूर

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नय्यारा नूर नय्यारा नूर एकल गायिका गुवाहाटी, असम, भारतhttp://www.dawn.com/news/767855/nayyara-noor-muted-melodies Nayyara Noor: muted melodies Dawn 30 November 2012 22 दिसंबर 2017 Asif Noorani https://web.archive.org/web/20171003030033/https://www.dawn.com/news/767855/nayyara-noor-muted-melodies 3 अक्तूबर 2017 live 3 नवंबर 1950 पाकिस्तान ग़ज़ल गायन, फ़िल्म पार्श्व गायन पार्श्व गायिका 1971–2012 गायिका नय्यारा नूर (ऊर्दू: نیرہ نور ‎) पाकिस्तानी पार्श्व गायिका हैं। नय्यारा की गिनती न सिर्फ पाकिस्तान में बल्कि समूचे दक्षिण एशिया में लोकप्रिय गायिका के रूप में की जाती है। नय्यारा गायकी के क्षेत्र में मूल रूप से सन् 1971 से लेकर 2012 तक सक्रिय रहीं। जीवन परिचय 'नय्यारा' का जन्म 1950 में गुवाहाटी, असम में हुआ था। उनके पिता एक व्यवसायी थे और अपने व्यवसाय के सिलसिले में वो अपने परिवार के साथ अमृतसर से आकर असम में बस गए थे।http://www.dawn.com/news/767855/nayyara-noor-muted-melodies Nayyara Noor: muted melodies Dawn 30 November 2012 22 दिसंबर 2017 Asif Noorani https://web.archive.org/web/20171003030033/https://www.dawn.com/news/767855/nayyara-noor-muted-melodies 3 अक्तूबर 2017 live "नय्यारा" के पिता ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के सक्रिय सदस्य थे। उन्होंने 1947 के भारत-पाकिस्तान बंटवारे से पहले पाकिस्तान के कायदे आज़म मुहम्मद अली जिन्ना के असम दौरों के दौरान मेजबानी की थी। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद 1957 में नय्यारा अपने भाई-बहनों और मां के साथ भारत से विस्थापित होकर पाकिस्तान के लाहौर में जाकर बस गईं। हालांकि उनके पिता अपने व्यवसाय और चल-अचल संपत्ति को संभालने के लिए 1993 तक भारत (असम) में रहे। बचपन में नय्यारा भजन गायिका कानन देवी और ग़ज़ल गायिका बेगम अख़्तर से प्रभावित रहीं। नय्यारा ने गायकी में अनुशासनबद्ध तरीके से कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं प्राप्त किया था। गायन के क्षेत्र में उनका आगमन महज इत्तेफाक़ था। सन् 1968 में लाहौर के नेशनल कॉलेज ऑफ आर्ट्स में वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजिक एक कार्यक्रम में वहां के प्रोफेसर इसरार ने इन्हें गाते सुना और रेडियो पाकिस्तान के कार्यक्रमों के लिए गाने का अनुरोध किया। इसके बाद से नय्यारा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और गायकी के क्षेत्र में जल्द ही स्थापित हो गईं। 20 अगस्त 2022 को इनका निधन हो गया। गायकी सन् 1971 में नय्यारा को पाकिस्तानी टेलिविजन पर पहली बार गाने का अवसर प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने फिल्म 'घराना' (1973) और 'तानसेन' से पार्श्व गायन की शुरुआत की।Nigar Award for Best Singer in film Gharana (1973) https://web.archive.org/web/20180318063535/http://www.janubaba.com/c/forum/topic/20869/Lollywood/Nigar_Awards__Complete_History 18 मार्च 2018 , janubaba.com website, Retrieved 22 दिसंबर 2017 नय्यारा अपने एकल गायन में मंच पर ऊर्दू के शायर ग़ालिब और फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ककी लिखी ग़ज़लों को अपना स्वर दे चुकी हैं। लेकिन गायकी में उन्हें ज्यादा प्रसिद्धी फ़ैज़ की ग़ज़लों से मिली। नय्यारा को उनके स्तरीय गायन के लिए पाकिस्तान में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में तीन बार स्वर्ण पदक प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही उन्हें फिल्म घराना (1973) के लिए पाकिस्तान के निगार पुरस्कार से भी सम्मानित किया चुका है।https://www.youtube.com/watch?v=FPwXc_uNFhA https://web.archive.org/web/20160306113206/https://www.youtube.com/watch?v=FPwXc_uNFhA 6 मार्च 2016 , Nayyara Noor's super-hit ghazal on YouTube, Retrieved 22 दिसंबर 2017 सन्दर्भ श्रेणी:1950 में जन्मे लोग श्रेणी:गायक श्रेणी:पाकिस्तानी गायक