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तेरे नाम
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तेरे नाम तेरे नाम (2003 फ़िल्म).jpg प्रचार छवि सतीश कौशिक सुनील मंचन्दामुकेश तलरेजा सलमान ख़ान, भूमिका चावला, महिमा चौधरी हिमेश रेशमियासाजिद-वाजिद तपन मालवीय संजय वर्मा एमडी प्रोडक्शन 15 अगस्त, 2003 138 मिनट भारत हिन्दी 24 c
तेरे नाम एक भारतीय हिन्दी फ़िल्म है, जिसका निर्देशन सतीश कौशिक ने और निर्माण सुनील मंचन्दा व मुकेश तलरेजा ने किया था। इसमें मुख्य किरदार में सलमान खान और अपनी पहली हिन्दी फिल्म में भूमिका चावला हैं।बेहद खूबसूरत दिखती हैं फिल्म 'तेरे नाम' की यह अभिनेत्री, तस्वीरें देखकर आपके भी होश उड़ जाएंगे http://punjabkesari.com/entertainment/this-actress-seen-in-pictures-will-look-very-beautiful-you-will-be-able-to-see-the-pictures/ 17 जून 2018 पंजाब केसरी 2 जनवरी 2018 https://web.archive.org/web/20180617192618/http://punjabkesari.com/entertainment/this-actress-seen-in-pictures-will-look-very-beautiful-you-will-be-able-to-see-the-pictures/ 17 जून 2018 dead यह सिनेमाघरों में 15 अगस्त 2003 में प्रदर्शित हुई। यह एक तमिल भाषा में बनी फिल्म सेतु (1999) का पुनः निर्माण है।Bollywood remakes of South Indian films http://www.ndtv.com/album/listing/entertainment/bollywood-remakes-of-south-indian-films-8551/slide/4 NDTV 17 August 2012 https://web.archive.org/web/20120906074529/http://www.ndtv.com/album/listing/entertainment/bollywood-remakes-of-south-indian-films-8551/slide/4 6 सितंबर 2012 live
संक्षेप
राधे मोहन (सलमान खान) कॉलेज का पूर्व आवारा छात्र है जो लोगों से निपटने के लिये एकमात्र तरीका हिंसा का प्रयोग करता है। शुरुआत में ही हम देखते हैं कि कैसे राधे उन गुंडों की दर्दनाक पिटाई करता है जिन्होंने एक विक्षिप्त लड़की के कपड़े खोल दिए थे। वह अपने भाई, एक मजिस्ट्रेट (सचिन खेडेकर) और अपनी भाभी (सविता प्रभुने) के साथ रहता है, जो उसे सही ढंग से समझने वाली एकमात्र व्यक्ति है। राधे कॉलेज के छात्र संघ का चुनाव जीतता है, जिसके बाद प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच समारोह व परिसर में लड़ाई होती है।
राधे के पास कई चापलूस व्यक्ति हैं। वह एक सहमी हुई लड़की निर्जरा (भूमिका चावला) से मिलता है, जो एक मंदिर के गरीब पुजारी की बेटी है। वह उसकी सादगी और भोलेपन के कारण उसके साथ प्यार में पागल हो जाता है और उसे लुभाने की कोशिश में लग जाता है। राधे उसके लिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है लेकिन राधे को एक गुंडा मानते हुए वह उसे अस्वीकार कर देती है और उसकी कोई भी बात सुनने से मना कर देती है। राधे का दिल टूट जाता है। एक दिन, निर्जरा का मंगेतर रामेश्वर (रवि किशन) निर्जरा को बताता है कि राधे बाहर से कठोर लगता है लेकिन अंदर से नर्मदिल व नेक है और वह वास्तव में उससे प्यार करता है। रामेश्वर उसे ये भी बताता है कि कैसे राधे ने निर्जरा की बहन, ममता को वेश्यालय के दलालों से बचाया था और बाद में उसके जीजा की भी अक्ल ठिकाने लगाई थी, जबकि राधे को पता तक नहीं था कि वह निर्जरा की बहन थी। राधे के प्रति निर्जरा की गलतफहमी दूर हो जाती है और उसे राधे पसंद आने लगता है। लेकिन फिर इस बात से अनजान राधे उसका अपहरण कर लेता है, उसके लिए अपनी गहरी और भावुक भावनाओं को उग्र रूप से व्यक्त करता है जिससे निर्जरा डर जाती है। हालांकि बाद में राधे के आंसू देखकर निर्जरा उससे अपने प्रेम का इज़हार कर देती है।
दोनों प्रेमियों के बीच सुलह के कुछ समय बाद ही राधे पर कोठों के दलालों के गुंडों द्वारा हमला किया जाता है, जो अपने व्यापार में उसके हस्तक्षेप करने के बाद उस से बदला लेने आते हैं। राधे को मस्तिष्क में चोट लगती है जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है और उसे एक मानसिक संस्थान में भर्ती किया जाता है। वहाँ से सफलता न मिलने पर उसे एक आश्रम में भेजा जाता है। एक बार वह सामान्य हो जाता है परंतु आश्रम के सेवक बिना उनके गुरु के परीक्षण के उसे जाने नहीं देतें। तत्पश्चात राधे दीवार फांदकर भागने की कोशिश करता है, लेकिन वह गिर जाता है और उसे गंभीर चोटें आती हैं।
उसी दिन निर्जरा राधे से मिलने आती है लेकिन उसे ज़ख्मी हालत में सोया पाकर दुःखी मन से बिना जगाए ही लौट जाती है। राधे उठता है और महसूस करता है कि वह उसे देखने आई थी। वह निर्जरा को आवाज़ लगाता है, लेकिन वह उसे नहीं सुन पाती। राधे आश्रम छोड़ने का एक और प्रयास करता है और इस बार सफल रहता है। लेकिन जब वह उसके घर पहुँचता है तो वहाॅं मातम का माहौल होता है। अनिष्ट की आशंका में जब वो अंदर जाता है तो वहाॅं निर्जरा के रोते हुए परिवार के बीच उसे निर्जरा का शव दिखता है। निर्जरा ने ज़हर पीकर आत्महत्या कर ली थी क्योंकि वो राधे के सिवा किसी और से शादी नहीं करना चाहती थी। राधे पागलों की तरह रोने लगता है।
राधे बाहर निकलता है और उसके पिछले दोस्त और उसके परिवार उसे अपनी याददाश्त हासिल करने में मदद करने की कोशिश करते हैं। उसी समय, आश्रम के कर्मचारी उसे वापस लेने के लिए आते हैं। राधे उनके साथ चले जाता है क्योंकि अपने सच्चे प्रेम की मृत्यु के बाद उसके पास यहॉं कुछ भी नहीं बचा है। निर्जरा की याद में राधे अपना बचा हुआ जीवन उसी आश्रम में रोगियों की सेवा में बिताता है - ॑॑जि़न्दगी तेरे नाम ॑।
मुख्य कलाकार
सलमान ख़ान - राधे मोहन
भूमिका चावला - निर्जरा
सचिन खेडेकर - अजय मोहन, राधे का भाई
सविता प्रभुने - राधे की भाभी
रवि किशन - रामेश्वर
दर्शन कुमार - कनक, राधे का दोस्त
सरफ़राज़ ख़ान - असलम, राधे का दोस्त
गोपाल दत्त - चंदर, राधे का दोस्त
अनंग देसाई - डॉक्टर
इंदिरा कृष्णन - ममता, निर्जरा की बहन
दिनेश कौशिक - आत्माराम, निर्जरा के जीजा
महिमा चौधरी - एक गीत में विशेष भूमिका
राधिका चौधरी - भिखारी
सौरभ दुबे - निर्जरा के पिता
इंदु वर्मा - निर्जरा की सहेली
महेंद्र वर्मा - वेश्यालय का दलाल
संगीत
तेरे नाम एल्बम हिमेश रेशमिया तथा साजिद-वाजिद 7 जुलाई 2003 (भारत) 57:42 फिल्म साउंडट्रैक टी-सीरीज़ हिन्दी हिमेश रेशमिया फुटपाथ 2003 ज़मीन 2003 साजिद-वाजिद
Album
चोरी चोरी
2003
गर्व
2004
फिल्म का संगीत समीर के बोलों के साथ हिमेश रेशमिया द्वारा रचित है। जारी होने पर ये बहुत लोकप्रिय रहा और उस वर्ष का सर्वाधिक बिकने वाला एल्बम है।Music Hits 2000–2009 (Figures in Units) http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=286&catName=MjAwMC0yMDA5 https://web.archive.org/web/20080215081557/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=286&catName=MjAwMC0yMDA5&PHPSESSID=108b9056cd4ca14236f9c6119d34dcce 15 February 2008 बॉक्स ऑफिस इंडिया हिमेश रेशमिया ने स्टार स्क्रीन पुरस्कार और ज़ी सिने पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ संगीत के लिये पुरस्कार जीता था जबकि फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार में भी उन्हें नामांकित किया गया था लेकिन वो जीत नहीं पाए थे।
गायक no तुमसे मिलना बातें करना हिमेश रेशमिया समीर उदित नारायण, अलका याज्ञनिक 4:41 तेरे नाम हमने किया है हिमेश रेशमिया समीर अलका याज्ञनिक 6:30 महिला ओढ़नी ओढ़ के नाचूँ हिमेश रेशमिया समीर अलका याज्ञनिक, उदित नारायण 6:53 क्यों किसी को वफ़ा के हिमेश रेशमिया समीर उदित नारायण 5:37 लगन लगन लग गई साजिद-वाजिद जलीस शेरवानी सुखविंदर सिंह 4:35 ओ जाना कह रहा है दिल हिमेश रेशमिया समीर शान, अलका याज्ञिक, उदित नारायण, केके, कमाल खान 5:29 तेरे नाम हमने किया है हिमेश रेशमिया समीर अलका याज्ञनिक, उदित नारायण 6:33 डुएट तेरे नाम हमने किया है हिमेश रेशमिया समीर उदित नारायण 2:05 दुखद तूने साथ जो मेरा छोड़ा साजिद-वाजिद जलीस शेरवानी उदित नारायण, राघव चटर्जी 5:33 उस चाँद का मुकाबला क्या होगा हिमेश रेशमिया समीर उदित नारायण 5:35 मन बसिया ओ कान्हा हिमेश रेशमिया समीर अलका याज्ञिक 3:04 तूने साथ जो मेरा छोड़ा साजिद-वाजिद जलीस शेरवानी उदित नारायण 1:22 दुखद ओ जाना कह रहा है दिल हिमेश रेशमिया समीर कमाल खान, अलका याज्ञिक, उदित नारायण, केके 4:17 रिमिक्स
नामांकन और पुरस्कार
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| rowspan="8"|2004
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| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार
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| सतीश कौशिक
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार
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| सलमान ख़ान
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
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| भूमिका चावला
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार
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| हिमेश रेशमिया
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार
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| समीर ("तेरे नाम हमने किया है")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार
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| उदित नारायण ("तेरे नाम हमने किया है")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार
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| अलका याज्ञिक ("ओढ़नी ओढ़ के नाचूँ")
| फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका पुरस्कार
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सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
0374271 तेरे नाम
श्रेणी:2003 में बनी हिन्दी फ़िल्म
श्रेणी:हिमेश रेशमिया द्वारा संगीतबद्ध फिल्में