411 REFERENCE · Wikipedia
मांझी परगना शासन व्यवस्था
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
अप्रैल 2025
अप्रैल 2025
माझी-परगना संताल शासन व्यवस्था झारखण्ड के संथाल जनजाति की एक पारम्परिक शासन प्रणाली है। इस व्यवस्था में कुछ प्रमुख पदाधिकारी होते हैं :- दिशोम परगना, परगना/ परगनैत, देश मांझी/मोड़े मांझी, ग्राम मांझी/मांझी, पारानिक, गोड़ाइत, जोग माझी, जोग पारानिक, नायके, कुडाम नामके, भोद्दो (बुद्धिजीवी/सलाहकार), आदि।https://books.google.co.in/books?id=Y3huAAAAMAAJ&q=manji+pargana&dq=manji+pargana&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&ov2=1&sa=X&ved=2ahUKEwiRmbGNncP_AhU28jgGHZHXBw4Q6AF6BAgEEAM#manji%20pargana Jharkhandi's Claim for Self-rule: Its Historical Foundations and Present Legitimacy Lourdusamy Stan 1997 Indian Social Institute en
झारखण्ड के संथालों में आज भी यह शासन प्रणाली प्रचलित है।
मांझी-परगना संताल शासन व्यवस्था के अंग
यह छोटानागपुर (खासकर संथाल परगना) में संथाल जनजाति की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था थी। यह प्रणाली चार (४) स्तरों पर कार्य करती है —
1.) दिशोम परगना - 100 गाँव से ऊपर मिलकर,
2.) परगना/परगनैत - 15 से 24 गाँव मिलकर,
3.) देश मांझी/मोड़े मांझी - 5 से 8 गाँव मिलकर,
4.) ग्राम मांझी - 1 गाँव मिलकर https://books.google.co.in/books?id=nHxDAAAAYAAJ&q=%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9D%E0%A5%80+%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A4%BE+%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8+%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE&dq=%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9D%E0%A5%80+%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A4%BE+%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8+%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&ov2=1&sa=X&ved=2ahUKEwj4orOfk8P_AhW3xzgGHVEfBxsQ6AF6BAgCEAM#%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%20%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8 Vanyajāti 1972 Bharatiya Adimjati Sevak Sangh. enhttps://books.google.co.in/books?id=dSwOAAAAYAAJ&q=manji+pargana&dq=manji+pargana&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&ov2=1&sa=X&ved=2ahUKEwiRmbGNncP_AhU28jgGHZHXBw4Q6AF6BAgDEAM#manji%20pargana Abujhmaria Grammar Natarajan G. V. 1985 Central Institute of Indian Languages en
1.) दिशोम परगना:- यह 100 गाँव से ऊपर मिलकर बना होता है अर्थात 100 गाँव से ऊपर का प्रमुख होता है । यह सर्वोच न्यायिक और प्रशासनिक होता है ।
2.) परगना/ परगनैत:- यह 15-24 गांवों का प्रमुख होता है। इसे परगनैत भी कहते हैं।
3.) देश मांझी/मोड़े मांझी:- यह 5-8 गांवों का प्रमुख होता है।
4.) ग्राम मांझी/माँझी:- यह गांवों का प्रधान होता है। इसे न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकार प्राप्त होते हैं, इसे मांझी भी कहते हैं। जिसका उपयोग विवादों एवं समस्याओं के निवारण हेतु कार्य करता है।
"ग्राम माँझी शासन" की संरचना इस प्रकार है -
१) मांझी (प्रमुख/अध्यक्ष ) - सभी प्रकार का शासन व्यवस्था पर कार्य करता है । जैसे:- जमीन - जयदाद, आपसी झगड़ा, सरकारी यौजनाए शान्ति पुर्ण तरिके से लागु करना आदि ।
२) पारानिक ( सहयोगी/उपअध्यक्ष) - माँझी का सहयोगी होता है।
३) गोड़ाइत (सचिव) - ग्राम का सभी प्रकार का प्रशानिक समान रख रखाव ओर देख रेख करता है।
४) जोग माँझी (जोग प्रमुख) - मांझी और नामके के साथ मिलकर - जन्म शिशु (नामकरण) से सम्बन्धित कार्य, मृत्यू व्यक्ति (अन्तिम संस्कार ) से सम्बन्धित कार्य, विवाह या शादी से संबंधित कार्य, गॉव की सभा और सभी प्रकार की बैठक बुलाने का कार्य ।
५) जोग पारानिक ( जोग सहयोगी) - यह जोग मांझी का सहयोगी होता है।
६) नायके (धार्मिक प्रमुख )- यह गांवों का धार्मिक प्रधान होता है और सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान और समारोह का संचालन करता है। यह धार्मिक अपराध जैसे मामलों को भी सुलझाता है।
७) कुडम नायके ( धार्मिक उपप्रमुख ) - यह नायके का सहयोगी होता है।
८) भादो प्रजा ( सलाहकार )- यह मांझी का सलाहकार होता है, जो विवादों के निवारण हेतु मांझी को सलाह देता है। इसमें बुजुर्ग और बुद्धिजीवी लोगों को चुना जाता है।
९) लासेर टैगोय ( बाहरी सुरक्षा )- यह ग्राम के बाहरिक मामला पर कार्य करती है ।
१०) चौकीदार (आन्तरिक सुरक्षा )- यह ग्राम के अंतिरिक मामला पर कार्य करती है । यह अपराधियों को पकड़ने का कार्य करता है।
११) सुसारिया (क्लर्क )- गांव की सभी प्रकार की सभा, पर्व - त्यौहर , अन्य सभी कार्यक्रम का संचालन करने का कार्य करती है ।
"ग्राम माँझी शासन" की प्रमुख अंग की संरचना इस प्रकार है -
१) सामान्य सभा
२) न्याय सभा
३) सचिवालय
४) सुरक्षा-समिति
५) आर्थिक और सामाजिक संस्कृति समिति
इन्हें भी देखें
जनपद
लोकतंत्र
स्वशासन
सांथाल जनजाति
संथाल परगना प्रमंडल
संथाल विद्रोह
सन्दर्भ