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कशीदाकारी हस्तकला
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thumb|upright=1.4|बेयॉक्स टेपेस्ट्री का एक दृश्य जिसमें बिशप ओडो को 1066 में हेस्टिंग्स की लड़ाई के दौरान ड्यूक विलियम की सेना को इकट्ठा करते हुए दिखाया गया है
कशीदाकारी हस्तकला एक ऐतिहासिक कढ़ाई वाली हस्तकला है, जिसमें सन् 1066 में इंग्लैंड का नॉर्मन पर विजय प्राप्ती से पूर्व की घटनाओं को चित्र के माध्यम से वस्त्रों पर कढ़ाई करके दर्शाया गया है। यह एक कढ़ाई वाला कपड़ा है जो लगभग 70 मीटर (230 फीट) लंबा और 50 सेंटीमीटर (20 इंच) चौड़ी थी।
बनावट एवं तकनीकी विकास
प्रारंभिक मध्ययुगीन कालमध्यकालीन कला का पुनर्सरचना: अंतर, हाशिये, सीमाएं कैविनेस मेडेलिन एच॰ टफ्ट्स विश्वविद्यालय 2001 मेडफोर्ड, एम॰ए॰ http://dca.lib.tufts.edu/caviness/ 28 जनवरी 2025 24 नवंबर 2022 https://web.archive.org/web/20221124164658/https://dca.lib.tufts.edu/caviness/ dead; कोस्लिन डेसिरी 1990 कशीदाकारी कढ़ाई में समय के साथ बदलाव पाठ्य एवं वस्त्र 13 28–29; ला टैपिसरी डे बेयूक्स बर्ट्रेंड सिमोन ज़ोडियाक 1966 ला पियरे-क्वि-विरे 23 और तब यह कढ़ाई का नाम हमें कितना साधारण प्रतीत होता है।" की अन्य कशीदाकारी कढ़ाई के समान इसे भी पारंपरिक रेशमी वस्त्रों के टुकड़े पर की गई जाती थी, इसका आकार 68.38 मीटर लंबा और 0.5 मीटर चौड़ा था। इसमें ऊनी धागों का उपयोग किया जाता था। मध्ययुगीन काल से ही इसके निर्माण में दो मुख्य पारंपरिक कढ़ाई उदाहरण "रूपरेखा कढ़ाई" और "सिलाई तकनीक"के रूप में किया जाता था। रूपरेखा कढ़ाई का उपयोग सुन्दर आकृतियों और अक्षरों की रूपरेखा बनाने के लिए किया गया जाता था, जबकि सिलाई तकनीक का उपयोग आकृतियों को सिलने के लिए किया जाता था।
इस कढ़ाई में कुल नौ रंगों के रेशमी वस्त्रों का प्रयोग किया जाता था। जिसकी लंबाई 14 से 3 मीटर होती थी। और इन वस्त्रों
पर कढ़ाई करने के बाद एक साथ सिल दिया जाता था। इसके बाद इन्हें ऊपर और नीचे नक्काशीदार सजावटी पत्थरों से वस्त्रों के किनारों को घेर दिया जाता था। पहले जोड़ों के किनारों की बनावट ठीक से पंक्तिबद्ध नहीं हुई थीं, लेकिन बाद में मशीनी तकनीकों की सहायता से इसपर सुधार कर जोड़ों को अदृश्य बना दिया गया। इस सुधार से कढ़ाई के आकृति को ओर अधिक सुंदर और सुसंगत बनाया गया।"कशीदाकारी हस्तकला" विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय; सेंट गेरोन के कपड़े की तस्वीर.
इसके बनावट में नॉर्मन विजय की कहानी को दर्शाने वाली विभिन्न घटनाओं की दृश्यावलियाँ हैं। कशीदाकारी हस्तकला का ऐतिहासिक और सांस्कृति महत्व यूरोप की मध्ययुगीन कला और इतिहास को समझने में सहायक है। यह कशीदाकारी न केवल कला का उदाहरण है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक दस्तावेज भी है, जो उस समय की घटनाओं और समाज की झलक पेश करता है।
संदर्भ
श्रेणी: कला
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