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411 समाचार
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दिल दिया दर्द लिया

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दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया.jpg फ़िल्म का पोस्टर अब्दुल रशीद करदार करदार प्रोडक्शन्स कौशल भारती कौशल भारती दिलीप कुमार, वहीदा रहमान, प्राण शकील बदायूँनी नौशाद द्वारका दिवेचा ऍम. ऍस. हाजी 1966 १६९ मिनट भारत हिन्दी दिल दिया दर्द लिया १९६६ में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। यह फ़िल्म अंग्रेज़ी की लेखिका ऍमिली ब्रॉन्टी के उपन्यास वदरिंग हाइट्स पर आधारित है। इस फ़िल्म के मुख्य कलाकार हैं दिलीप कुमार, वहीदा रहमान तथा प्राण। संक्षेप एक गाँव में एक सरल स्वभाव का ठाकुर (सप्रू) रहता है। उसके एक लड़का रमेश (प्राण) और एक लड़की रूपा (वहीदा रहमान) हैं। वह एक ग़रीब अनाथ बच्चे शंकर (दिलीप कुमार) की भी परवरिश करता है। रमेश शंकर से नफ़रत करता है और बात-बात पर उसको मारता-पीटता रहता है। समय के साथ ठाकुर मर जाता है और बच्चे बड़े हो जाते हैं। रमेश के शंकर पर ज़ुल्म जारी रहते हैं लेकिन शंकर यह सब कुछ चुपचाप सहन कर लेता है क्योंकि वह रूपा से प्यार करता है। जब रमेश को इस बात का पता चलता है कि वह दोनों आपस में शादी करना चाहते हैं तो वह शंकर को बुरी तरह पिटवाकर टीले से नीचे फिंकवा देता है और रूपा की शादी एक अमीर खानदान में सतीश (रहमान) से तय करा देता है। इस बीच रमेश एक तवायफ़ तारा के यहाँ आता जाता रहता है और उसे नशे की आदत भी लग जाती है। इसी आदत के चलते वह अपनी सारी जायदाद तारा के नाम कर देता है और पैसे-पैसे को मोहताज हो जाता है। कुछ सालों बाद अब एक रईस हो चुका शंकर बेलापुर का राजा बनकर आता है। वह रमेश को माफ़ करने और रूपा का हाथ माँगने के मक़सद से आया होता है। लेकिन वहाँ पहुँचकर वह देखता है कि सब कुछ बदल गया है। हालांकि रमेश अब भी शंकर से उतनी ही नफ़रत करता है लेकिन शंकर को पता चलता है कि रूपा की तो शादी सतीश के साथ तय हो चुकी है। उसका प्यार अब नफ़रत में बदल जाता है और वह रमेश, रूपा, सतीश और सतीश की बहन माला से बदला लेने की ठान लेता है। वहा रूपा को बुरा-भला कहता है और रूपा को नीचा दिखाने के लिए माला से प्यार का नाटक भी करता है। वह उन सबसे बदला लेने के लिए अलग-अलग योजनाएँ बनाता है, लेकिन अंत में प्यार की जीत होती है। चरित्र दिलीप कुमार - शंकर वहीदा रहमान - रूपा प्राण - रमेश रहमान - सतीश श्यामा - माला सज्जन - मनसाराम रानी - तारा जॉनी वॉकर - मुरलीधर उमा देवी (टुन टुन) - मुरलीधर की पत्नी सप्रू - ठाकुर मुराद - बेलापुर के महाराजा संगीत इस फ़िल्म में गीतकार हैं शकील बदायूँनी और संगीतकार हैं नौशाद। इस फ़िल्म के गाने अपने समय में काफ़ी लोकप्रिय रहे थे। # गीत गायक लम्बाई १ "कोई सागर दिल को बहलाता नहीं" मोहम्मद रफ़ी०३:३५ २ "फिर तेरी कहानी याद आई" लता मंगेशकर०३:३० ३ "सावन आये या न आये" मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले०३:५३ ४ "दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में" मोहम्मद रफ़ी०४:०६ ५ "ग़ुज़रें हैं आज इश्क़ में" मोहम्मद रफ़ी०३:४९ ६ "दिल हारने वाले और भी हैं" आशा भोंसले०५:२३ ७ "हाय हाय रसिया तू बड़ा बेदर्दी" आशा भोंसले०३:११ ८ "क्या रंग-ए-महफ़िल है दिलदारम" लता मंगेशकर०३:४४ नामांकन और पुरस्कार यह फ़िल्म १९६७ में फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार में दो श्रेणियों में नामांकित हुयी थी। फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार (दिलीप कुमार) और फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार (प्राण)। बाहरी कड़ियाँ 0060310 दिल दिया दर्द लिया श्रेणी:1966 में बनी हिन्दी फ़िल्म श्रेणी:नौशाद द्वारा संगीतबद्ध फिल्में