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बावनी इमली हत्याकांड
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बावनी इमली हत्याकांड बिंदकी से 6 कि.मी., फतेहपुर जिला, उत्तर प्रदेश, भारत (खजुहा से 30 कि.मी.) भारतीय स्वतंत्रता सेनानी 28 अप्रैल 1858 सामूहिक फांसी 52 ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना फांसी
बावनी इमली हत्याकांड 28 अप्रैल 1858 को ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना द्वारा किए गए एक सामूहिक नरसंहार को कहा जाता है, जिसमें ठाकुर जोधा सिंह अटैया सहित 52 स्वतंत्रता सेनानियों को एक ही इमली के पेड़ पर फांसी दी गई थी। यह घटना बिंदकी से 4 कि.मी. और खजुहा से 2 कि.मी. राजकीय पॉलिटेक्निक बिंदकी फतेहपुर के पास फतेहपुर जिले में स्थित एक विशाल इमली के पेड़ के नीचे घटी थी, जिसे अब "बावनी इमली" के नाम से जाना जाता है। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण लेकिन उपेक्षित अध्याय मानी जाती है।52 स्वतंत्रता सेनानियों की फांसी का गवाह रहा 'बावनी इमली' https://hindi.theprint.in/culture/bawan-imli-uttar-pradesh-freedom-fighter-waiting-for-national-level-recognition/114435/ ThePrint Hindi 15 August 2019 28 May 2025Bawani Imali https://fatehpur.nic.in/tourist-place/bawani-imali/ District Fatehpur, Government of Uttar Pradesh 10 November 2023
पृष्ठभूमि
1857 का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, फतेहपुर जिले के रसूलपुर गाँव के ठाकुर जोधा सिंह अटैया एक प्रमुख क्रांतिकारी नेता के रूप में उभरे। रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे समकालीनों से प्रेरित होकर, उन्होंने डिप्टी कलेक्टर हिकमत उल्ला खान के साथ मिलकर फतेहपुर का खजाना और न्यायालय अपने कब्जे में लिया। उन्होंने हजारों किसानों को संगठित कर ब्रिटिश सेना के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध भी किया और कर्नल पॉवेल को युद्ध में हराया।सिंह धीरेंद्र बावनी इमली फतेहपुर,स्वतंत्रता दिवस: 52 स्वतंत्रता सेनानियों की फांसी का गवाह इमली का पेड़, अंग्रेजों ने धोखे से किया था गिरफ्तार Navbharat Times 15 August 2024 https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/fatehpur/independence-day-tamarind-tree-witnessed-hanging-of-52-freedom-fighters-fatehpur-crime-news/articleshow/112539644.cms hi 28 May 2025
हालांकि, ग़द्दारों की सूचना पर उन्हें और उनके 51 साथियों को गाँव घूरा के पास गिरफ्तार कर लिया गया।Bawani Imli – History Cafe https://historycafe.in/bawani-imli/ History Cafe 28 May 2025
हत्याकांड
28 अप्रैल 1858 को जोधा सिंह और उनके साथियों को छलपूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें खजुहा के पास एक इमली के पेड़ पर फांसी दे दी गई। ब्रिटिश सेना ने शवों को 37 दिनों तक लटकाए रखा और अंतिम संस्कार पर भी रोक लगा दी। बताया जाता है कि 300 सिपाहियों ने पेड़ को घेर रखा था ताकि कोई दाह संस्कार न कर सके।यूपी: दूसरा 'जलियां वाला बाग' है बावनी इमली, एक साथ 52 क्रांतिकारियों को दी गई थी फांसी (Second Jallianwala Bagh) Amar Ujala 14 December 2021 https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/kanpur/second-jallianwala-bagh-is-bawani-imli-52-revolutionaries-were-hanged-simultaneously hi 28 May 2025
3 जून 1858 की रात को स्थानीय राजा भवानी सिंह ने ब्रिटिश आदेशों की अवहेलना करते हुए शवों को उतार कर 4 जून को शिवराजपुर घाट पर अंतिम संस्कार किया।The Bawani Imli Tree https://amritmahotsav.nic.in/district-reopsitory-detail.htm?12856 Azadi Ka Amrit Mahotsav, Ministry of Culture, Govt. of India 28 May 2025
विरासत
thumb|फतेहपुर में बावनी इमली स्मारक पर जोधा सिंह अटैया की प्रतिमा
बावनी इमली का पेड़ आज भी वहीं खड़ा है और स्थानीय मान्यता के अनुसार यह घटना के बाद बढ़ना बंद हो गया था। घटनास्थल पर एक स्मारक और 52 शहीदों के नाम पत्थरों पर अंकित किए गए हैं। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर लोग यहाँ श्रद्धांजलि देने आते हैं।Heritage tree on which 52 martyrs were hanged https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/heritage-tree-on-which-52-martyrs-were-hanged/articleshow/117379302.cms The Times of India 20 January 2025 28 May 2025
स्मृति
यह स्थल कई सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा "दूसरा जलियांवाला बाग हत्याकांड" भी कहा गया है, क्योंकि इसमें एक ही दिन 52 लोगों को मार डाला गया।On this day 52 revolutionaries were hanged on the land of Fatehpur https://www.yugantarpravah.com/news/on-28-april-1858-fifty-two-revolutionaries-were-hanged-in-khajuha-bavani-imali-tree-128475-28-04-2022 Yugantar Pravah 28 April 2022
अप्रैल 2025 में एक पुस्तक दरख़्त: द विटनेस ऑफ़ फ्रीडम फाइटर (लेखक: विजय नारायण) का विमोचन हुआ, जो इस घटना को विस्तृत रूप में प्रस्तुत करती है।52 क्रांतिकारियों की शहादत पर आधारित पुस्तक का विमोचन https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/fatehpur/bindki/news/book-released-on-the-martyrdom-of-52-revolutionaries-134925256.html Dainik Bhaskar 14 August 2024 hi 28 May 2025
ग्रंथ सूची
विजय नारायण. दरख़्त: द विटनेस ऑफ़ फ्रीडम फाइटर (हिंदी). ब्लू रोज़ पब्लिशर्स, 2025. ISBN: 9362614928.
इन्होंने भी देखें
1857 का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
जलियांवाला बाग हत्याकांड
फतेहपुर जिला
संदर्भ
2
बाहरी कड़ियाँ
फतेहपुर ज़िले की सरकारी वेबसाइट पर बावनी इमली स्मारक
Category:1858 में भारत
Category:ब्रिटिश भारत में हत्याकांड
Category:उत्तर प्रदेश का इतिहास
Category:भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
Category:1857 का विद्रोह
Category:फतेहपुर ज़िला
Category:ब्रिटेन द्वारा किए गए हत्याकांड
Category:ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का सैन्य इतिहास
Category:फांसी पर चढ़ाए गए लोग