411 REFERENCE · Wikipedia
खादी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
thumb|right|खादी कुर्ता
right|thumb|300px|हाथ से सूत बनाते हुए गाँधीजी अपने अनुयायियों को सम्बोधित करते हुए
खादी या खद्दर भारत में हाथ से बनने वाले वस्त्रों को कहते हैं। खादी वस्त्र सूती, रेशम, या ऊन से बने हो सकते हैं। इनके लिये बनने वाला सूत चरखे की सहायता से बनाया जाता है।
खादी वस्त्रों की विशेषता है कि ये शरीर को गर्मी में ठण्डे और सर्दी में गरम रखते हैं।
भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में खादी का बहुत महत्व रहा। गांधीजी ने १९२० के दशक में गाँवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये खादी के प्रचार-प्रसार पर बहुत जोर दिया था।
खादी गीत
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में खादी पर अनेक कविताएँ और गीत लिखे और गाए गए। इसी तरह सन् 1921 में जब काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में गाँधी जी को आमन्त्रित किया गया तो गाँधी जी के स्वागत में सोहन लाल द्विवेदी जी ने 'खादी गीत' प्रस्तुत किया। यह इतना प्रभावी था कि कुछ ही दिनों में सम्पूर्ण देश में खादी गीत की धूम मच गई। नीचे खादी गीत दे रहे हैं-
खादी के धागे धागे में
अपनेपन का अभिमान भरा,
माता का इसमें मान भरा
अन्यायी का अपमान भरा,
खादी के रेशे-रेशे में
अपने भाई का प्यार भरा,
माँ-बहनों का सत्कार भरा
बच्चों का मधुर दुलार भरा,
खादी की रजत चंद्रिका जब
आकर तन पर मुसकाती है,
तब नवजीवन की नई ज्योति
अन्तस्तल में जग जाती है,
खादी से दीन विपन्नों की
उत्तप्त उसास निकलती है,
जिससे मानव क्या पत्थर की
भी छाती कड़ी पिघलती है,खादी में कितने ही दलितों के
दग्य हृदय की दाह छिपी,
कितनों की कसक कराह छिपी
कितनों की आहत आह छिपी!
खादी में कितने ही नंगों
भिखमंगों की है आस छिपी,
कितनों की इसमें भूख छिपी
कितनों की इसमें प्यास छिपी!
खादी तो कोई लड़ने का
है जोशीला रणगान नहीं,
खादी है तीर कमान नहीं
खादी है खड्ग कृपाण नहीं,
खादी को देख देख तो भी
दुश्मन का दल थहराता है,
खादी का झंडा सत्य शुभ्र
अब सभी ओर फहराता है!
एक अन्य खादी गीत कवि हरीश यादव द्वारा लिखा और गाया गया है जिसमें आधुनिक समय में खादी की उपयोगिता को बताया गया है.Khadi Geet song 2021 (वीडियो 2021) लघु, म्यूज़िकल https://www.imdb.com/title/tt15383410/ hi-IN 2024-03-12
मन की बात में खादी
भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात में कई बार खादी के महत्व तथा उसको प्रोत्साहित करने पर बल दिया है।
मोदी जी ने एक समारोह मे खादी को बढ़ावा देने के लिये नारा दिया था "राष्ट्र के लिए खादी, फैशन के लिए खादी"https://www.narendramodi.in/khadi-for-nation-and-khadi-for-fashion-tribute-to-bapu-532457 Khadi for nation and Khadi for fashion: Tribute to Bapu www.narendramodi.in https://web.archive.org/web/20190130053210/https://www.narendramodi.in/khadi-for-nation-and-khadi-for-fashion-tribute-to-bapu-532457 30 जनवरी 2019 2019-01-29 dead इसके परिणामस्वरूप खादी का अधिक व्यापार होना शुरु हो गया। https://indiafirst.in/the-impact-of-modis-appeal-khadi-india-made-sales-record-in-a-day/ मोदी के अपील का असर, ‘गांधी जयंती’ पर खादी इंडिया ने एक दिन में बनाया बिक्री का रिकार्ड 14 मई 2020 26 जनवरी 2021 https://web.archive.org/web/20210126123629/https://indiafirst.in/the-impact-of-modis-appeal-khadi-india-made-sales-record-in-a-day/ dead https://indiafirst.in/the-impact-of-modis-appeal-khadi-india-made-sales-record-in-a-day/ मोदी के अपील का असर, ‘गांधी जयंती’ पर खादी इंडिया ने एक दिन में बनाया बिक्री का रिकार्ड 14 मई 2020 26 जनवरी 2021 https://web.archive.org/web/20210126123629/https://indiafirst.in/the-impact-of-modis-appeal-khadi-india-made-sales-record-in-a-day/ dead
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
खादी विकास एवं ग्रामोद्योग आयोग
स्वदेशी
बाहरी कड़ियाँ
खादी का जादू अब नए रंग मे
खादी का जन्म
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (भारत सरकार), आधिकारिक जालघर
उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड
महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्थान
मोदी सरकार की कोशिश ने किया कमाल, पहली बार खादी और ग्रामीण उत्पादों की बिक्री 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा (मई, २०१७)
खादी एवं ग्रामोद्योग की बिक्री में 332 प्रतिशत की बढ़ोतरी, एक साल में हुई 1,34,630 करोड़ रुपये की बिक्री सितंबर 2026 InternetArchiveBot (मई, २०२३)
सोहनलाल द्विवेदी द्वारा रचित खादी गीत
खादी कल्चर (अंग्रेजी में)
खादी का जन्म
श्रेणी:भारतीय संस्कृति
श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम
श्रेणी:वस्त्र