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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

कंकाल (उपन्यास)

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अप्रैल 2022 कंकाल धर्म के आवरण में छल-छद्म एवं अनाचार की पृष्ठभूमि पर लिखित जयशंकर प्रसाद का प्रथम उपन्यास है, जिसका प्रकाशन सन् १९२९ ई॰ में भारती भंडार, इलाहाबाद से हुआ था।जयशंकर प्रसाद (विनिबंध), रमेशचन्द्र शाह, साहित्य अकादेमी, नयी दिल्ली, पुनर्मुद्रित संस्करण-२०१५, पृष्ठ-९४. परिचय इस उपन्यास के सन्दर्भ में डॉ॰ सत्यप्रकाश मिश्र ने लिखा है : "कंकाल उसी युग का एकमात्र ऐसा बोल्ड उपन्यास है जो धार्मिक आडम्बर का न केवल पर्दाफाश करता है बल्कि उसे सामाजिक सड़न का प्रमुख कारण मानता है। ...कंकाल पुरुषसत्तात्मक व्यवस्था के प्रति पूर्णतः असंतोष और विद्रोह की रचना है। स्त्री और शक्ति के प्रति प्रसाद का मत जीवन-दृष्टि, शैव दर्शन और गंभीर चिंतन का परिणाम है।"प्रसाद के सम्पूर्ण उपन्यास, संपादन एवं भूमिका- डॉ॰ सत्यप्रकाश मिश्र, लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद, पंचम संस्करण-२०१५, पृष्ठ-२१,२७. इन्हें भी देखें जयशंकर प्रसाद तितली (उपन्यास) इरावती (उपन्यास) सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ श्रेणी:पुस्तकें श्रेणी:उपन्यास श्रेणी:हिन्दी साहित्य श्रेणी:जयशंकर प्रसाद श्रेणी:जयशंकर प्रसाद के उपन्यास