411 REFERENCE · Wikipedia
राधावल्लभ त्रिपाठी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
राधावल्लभ त्रिपाठी 200px 15 फरवरी 1949 साहित्यकार भारतीय संस्कृत आधुनिक काल संधानम्
राधावल्लभ त्रिपाठी (जन्म : १५ फरवरी १९४९, राजगढ़ (मध्यप्रदेश)) संस्कृत साहित्य को आधुनिकता का संस्कार देने वाले विद्वान् और हिन्दी के प्रखर कवि, लेखक, आलोचक, कथाकार तथा अनुवादक हैं। इन के द्वारा रचित एक कविता – संग्रह संधानम् के लिये उन्हें सन् १९९४ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp#hindi अकादमी पुरस्कार साहित्य अकादमी 4 सितंबर 2016 https://web.archive.org/web/20160915135020/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp#hindi 15 सितंबर 2016 dead
जीवन परिचय
राधावल्लभ त्रिपाठी का जन्म १५ फरवरी १९४९ को मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में हुआ। उन के पिता संस्कृत और हिंदी के मर्मज्ञ और कवि - समीक्षक थे। उन्होंने सागर विश्वविद्यालय से 'संस्कृत कवियों के व्यक्तित्व के विकास' विषय पर पीएचडी और 'प्राचीन भारत में रंगमंच के उद्गम एवं विकास' विषय पर डी.लिट्. की उपाधि प्राप्त की। वर्ष १९७० से उन्होंने अध्यापन कार्य शुरू किया और इस यात्रा में शोध अध्येता से आचार्य तक और अधिष्ठाता से विभागाध्यक्ष तक विभिन्न भूमिकाओं का निर्वहन किया। उन्होंने शिल्पाकार्न विश्वविद्यालय, बैंकॉक एवं कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क में संस्कृत के अतिथि आचार्य और राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान में कुलपति के रूप में भी सेवा दी है। इस के अतिरिक्त उन्होंने देश - विदेश में आयोजित विभिन्न संस्कृत सम्मेलनों में भी भागीदारी की है।
उन में लेखन की प्रवृत्ति किशोर अवस्था से ही उभरने लगी थी। छः दशकों में विस्तृत अपनी रचना - यात्रा में गद्य, पद्य, नाटक, कथा, उपाख्यान, उपन्यास, राग - काव्य, अलंकारशास्त्र, समीक्षा, शोध, अनुवाद जैसी विभिन्न विधाओं में विपुल योगदान किया है।
साहित्य - सेवा
संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी में उन की १०० से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं जिन में ‘संस्कृत कविता की लोकधर्मी परम्परा’, ‘काव्यशास्त्र और काव्य’, ‘लेक्चर्स ऑन नाट्यशास्त्र विश्वकोश’ (चार खंड) आदि विशेष चर्चित रहे हैं।
‘सन्धानम्’, ‘लहरीदशकम्’, ‘सम्प्लवः’, ‘समष्टि’ आदि उन के प्रमुख संस्कृत काव्य-संग्रह हैं। इस के अतिरिक्त संस्कृत में उन के ३ मौलिक उपन्यास, २ कहानी - संग्रह, तीन पूर्णाकार नाटक तथा १ एकांकी - संग्रह भी प्रकाशित हैं जिन में ‘प्रेमपीयूषम्’, ‘प्रेक्षणसप्तकम्’, ‘नाट्यमण्डपम्’, ‘विक्रमचरितम्’, ‘अभिनवशुकसारिका’ आदि शामिल हैं। ‘दमयन्ती’ एवं ‘भुवनदीप’ (नाटक), ‘पूर्वरंग’, ‘पागल हाथी’ एवं ‘जो मिटती नहीं है’ (कहानी - संग्रह), तथा ‘सत्रन्त’ एवं ‘विक्रमादित्य कथा’ (उपन्यास) हिंदी में रचित उन की मूल रचनाएँ हैं। उन्होंने संस्कृत की करीब २ दर्जन कृतियों के हिंदी अनुवाद भी किए हैं जिन में ‘वेदांतसार’, ‘कुमारसंभवम्’, ‘कुंदमाला’, ‘वेणीसंहार’ आदि शामिल हैं।
उन्होंने ‘कामसूत्र’ का अँग्रेज़ी अनुवाद किया है और उसपर टीका लिखी है। ‘नवस्पंदः’, ‘आयाति’, ‘षोडसी’, ‘शुकसारिका’ आदि उनके द्वारा संपादित कृतियाँ हैं। समय - समय पर विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विद्वत् - सम्मेलनों के आयोजनों में उन की मुखर भूमिका रही है और उन्होंने नाट्य परिषद्, मुक्तस्वाध्यायपीठ, शास्त्रानुशीलनकेंद्र, पांडुलिपि संग्रहालय आदि अनेक अकादमिक संस्थाओं, अध्ययन केंद्रों एवं परिषदों की स्थापना में योगदान किया है।
मुख्य कृतियाँ
नया साहित्य नया साहित्यशास्त्र,
कथासरित्सागर, संस्कृत साहित्य सौरभ (तीसरा और चौथा खंड),
आदि कवि वाल्मीकि,
संस्कृत कविता की लोकधर्मी परंपरा (दो संस्करण),
काव्यशास्त्र और काव्य (संस्कृत काव्यशास्त्र और काव्यपरंपरा शीर्षक से नया संस्करण),
भारतीय नाट्य शास्त्र की परंपरा एवं विश्व रंगमंच,
विक्रमादित्य कथा,
लेक्चर्स ऑन नाट्यशास्त्र तथा नाट्यशास्त्र विश्वकोश (चार खंड),
ए बिब्लिओग्राफी ऑफ अलंकारशास्त्र,
कादंबरी,
आधुनिक संस्कृत साहित्य : संदर्भ सूची
सम्मान
साहित्यिक - सांस्कृतिक योगदान के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, शंकर पुरस्कार, मीरा सम्मान सहित विभिन्न संस्थाओं एवं अकादमियों के तीन दर्जन से अधिक पुरस्कार एवं प्रशस्तियाँ प्रदान की गई हैं।
साहित्य अकादमी पुरस्कार
पंडितराज सम्मान
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
राधावल्लभ त्रिपाठी की जीवनी
राधावल्लभ त्रिपाठी की कविताएँ
राधावल्लभ त्रिपाठी द्वारा रचित/प्रकाशित ग्रन्थ
भाषा के अगम सागर मेंजून 2020 InternetArchiveBot -- राधावल्लभ त्रिपाठी के साथ बलराम शुक्ल की बातचीत
संस्कृत साहित्य में स्वाधीन स्त्रियाँ (राधावल्लभ त्रिपाठी)
श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत संस्कृत भाषा के साहित्यकार