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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

ओशनसेट-२

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ओशनसेट-२ भारत का कृत्रिम उपग्रह है। इसका उपयोग संभावित मत्स्य क्षेत्रों का पता लगाने, समुद्र की स्थिति और मौसम की भविष्यवाणी करने तथा जलवायु अध्ययन के लिए किया जाएगा। ओशनसेट-2 हिंद महासागर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके अलावा यह उपग्रह भारतीय कृषि की जान यानी मानसूनी हवाओं के रुख के बारे में भी बेहतर सूचनाएं मुहैया कराएगा। अपनी कक्षा में विस्तृत पहुंच के बल पर यह उपग्रह समुद्र के समस्त क्षेत्र का दो दिनों में सर्वेक्षण करने में सक्षम होगा। यह उपग्रह को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल पीएसएलवी के जरिए २३ सितंबर को प्रक्षेपित किया गया। इसरो द्वारा विकसित ओशन कलर मॉनीटर (ओसीएम) और केयू-बैंड पेंसिल बीम स्कैटेरोमीटर के साथ ही सेटेलाइट इटली की अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा विकसित रेडियो आक्युलेशन साउंडर फॉर एटमास्फीयरिक स्टडीज (आरओएसए) से युक्त है। स्कैटेरोमीटर 50 गुणा 50 किलोमीटर क्षेत्र में हवाओं की स्थिति और उनकी दिशा की सही जानकारी उपलब्ध कराएगा। ओशनसेट-2 का जीवनकाल पांच वर्ष निर्धारित किया गया है लेकिन इसका कार्यकाल उसके बाद भी जारी रह सकता है। जैसा कि ओशनसेट-1 के मामले में हुआ, वर्ष 1999 में कक्षा में स्थापित किए जाने के बाद वह अभी तक काम कर रहा है। ओशनसेट-2 को पृथ्वी से 720 किलोमीटर दूर कक्षा में स्थापित किया गया है। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के द्वारा 23 सितंबर 2009 को छोड़ा गया दूरसंवेदी उपग्रह है। यह ओशनसैट-1 की जगह लेगा। ओशनसैट-2 समुद्र का मिजाज जानने और मौसम की भविष्यवाणी करने में सहायक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगे उपकरणों की सहायता से समुद के उन इलाकों की निशानदेही की जा सकती है, जहां मछलियां ज्यादा मात्रा में मिलती हैं। इस दृष्टि से यह मछुआरों तथा मछली उद्योग के लिए बहुत उपयोगी है। == सन्दर्भ ==