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संयोजन तर्क
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डिजिटल परिपथ के संदर्भ में उन परिपथों को संयोजन तर्क (कंबिनेशन लॉजिक) कहते हैं जिनका आउटपुट केवल उनके वर्तमान इनपुटों पर ही निर्भर करता है, उनके पूर्व अवस्थाओं पर नहीं। ऐण्ड गेट और ऑर गेट सरल संयोजन तर्क के दो सरल उदाहरण हैं। इसके विपरीत अनुक्रमिक लॉजिक का आउटपुट उसके वर्तमान इनपुट पर निर्भर होने के साथ-साथ उसके इनपुट की पूर्व अवस्थाओं पर भी निर्भर होता है।
कुछ प्रमुख संयोजन तर्क :
डिटेक्टर
मल्टिप्लेक्सर और डी-मल्टीप्लेक्सर
इनकोडर और डिकोडर
लॉजिक कम्परेटर
योजक (Summer)
अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट
संयोजन तर्क का उदाहरण
चित्र:Circuito_combinacional.svg
लॉजिक सूत्र न्यूनीकरण
कम्बिनेशनल लॉजिक का न्यूनीकरण और सरलीकरण नीचे दिये दिये गये सूत्रों का उपयोग करके किया जा सकता है। तर्क फलनों का न्यूनीकरण (minimization) करने से फलन सरल बन जाते हैं और उनको बनाना (realization) आसान हो जाता है। परिपथ का आकार छोटा हो जाता है। परिपथ कुछ तेज गति वाला भी बन जाता है क्योंकि कम गेटों के उपयोग से देरी भी कम होती है।
इन्हें भी देखें
अनुक्रमिक लॉजिक
डिजिटल प्रणाली
मल्टीप्लेक्सर https://web.archive.org/web/20220220134414/https://www.technovichar.com/2021/09/what-is-multiplexer-in-hindi.html 20 फ़रवरी 2022
श्रेणी:डिजिटल एलेक्ट्रॉनिकी